समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

करमा महोत्सव के पूर्व संध्या पर घुटूवा में गहदम झुमइर का आयोजन ,नृत्य-गीत में जीवंत हुई झारखंड की मूल संस्कृति 

समकालीन जनमत
बाल विकास विद्यालय (रूगडी़बोर) बरकाकाना (घुटूवा गांव) में 31 अगस्त को झारखंड जन संस्कृति मंच की ओर से करमा  महोत्सव की पूर्व संध्या पर  गहदम...
कविता

रत्नेश कुमार की कविताएँ सामाजिक सरोकारों और मानव मूल्यों का यथार्थ चित्रण हैं

रौशन कुमार रत्नेश की कविताएँ मानव जीवन में होने वाली उथल-पुथल समेत समकालीन वक्त की समस्याओं एवं चुनौतियों को ज़रूरी ढंग से रेखांकित करतीं हैं।...
साहित्य-संस्कृति

बदल रहे शब्दों के अर्थ को बचाना कविता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है : दिनेश कुशवाह

कवि-लेखक-संस्कृतिकर्मी अजय कुमार की स्मृति में मऊ में विचार गोष्ठी और काव्य-संध्या का आयोजन  मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ और जन संस्कृति मंच द्वारा संयुकर...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

मैं लेखन के लिए ही बना हूँ

  ‘लेखक से मिलिए’ अभियान के अंतर्गत जन संस्कृति मंच, आज़मगढ़ इकाई 17 अगस्त 2025 को प्रतिष्ठित लेखक पंकज गौतम के घर पहुंची। पंकज गौतम...
पुस्तक

उषा राय के कविता संग्रह ‘भीमा कोरेगाँव तथा अन्य कविताएँ’ की पुस्तक समीक्षा

समकालीन जनमत
पवन करण ●यह कास का फूल है इसके पत्ते हाथ चीर देते हैं घाव भले ही भर जाये पर कसक रह जाती है बड़ा खुद्दार...
कविता

नीलाम्बुज सरोज की कविताएँ जन आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
सुमन कुमार सिंह समकालीन हिंदी कविता का स्वर बहुरंगी है। यह रंग ठीक ‘हिंदी-सा’ है। यह इसलिए भी कि यह देश के हर कोने, हर...
संस्मरण

नागफ़नी का दोस्त (9)

दिनेश अस्थाना
( भानु कुमार दुबे ‘मुंतज़िर मिर्ज़ापुरी’ एक तरक्कीपसंद शायर रहे हैं। उनका जन्म 26 सितंबर 1953 को हुआ था।  दो साल पहले 28 जनवरी 2023...
कविता

धर्मेश चौबे की कविताएँ दो दुनियाओं के बीच क्षरित होने की मार्मिक अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी   “घर केवल ईंट पत्थर और गारे का जोड़ भर नहीं होते जो ईश्वर की कोई भी चुनी हुई कौम ढहा दे तो...
संस्मरण

नागफ़नी का दोस्त (8)

समकालीन जनमत
( भानु कुमार दुबे ‘मुंतज़िर मिर्ज़ापुरी’ एक तरक्कीपसंद शायर रहे हैं। उनका जन्म 26 सितंबर 1953 को हुआ था।  दो साल पहले 28 जनवरी 2023...
साहित्य-संस्कृति

इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में युवा कवियों ने पढ़ी कविता

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परिवेश व आइसा द्वारा आज़ादी की बरसी की पूर्व संध्या पर परिसर के बरगद लॉन में युवा कवियों के कविता पाठ का...

आम अवाम की वास्तविक मुक्ति के लिए जीवनपर्यंत समर्पित रहे गोपाल सिंह नेपाली

समकालीन जनमत
दरभंगा। सुप्रसिद्ध इंकलाबी कवि गोपाल सिंह नेपाली की जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के तत्वावधान में 11 अगस्त को विभागाध्यक्ष प्रो.उमेश कुमार की...
कविता

पवन कुमार वर्मा की कविताएँ समकालीनता का स्वीकार प्रस्तुत करती हैं

समकालीन जनमत
आलोक रंजन   युवा कवि पवन कुमार वर्मा की कविताएँ सामने हैं और सामने है हमारे समय की असलियतों की अभिव्यक्ति भी। इन कविताओं को...
कविता

रौशन कुमार की कविताएँ जेएनयू से अर्जित सामाजिक परिवर्तन की उम्मीद से निर्मित हैं

समकालीन जनमत
नीलम युवा कवि रौशन कुमार की कविताएँ ‘ भूख हड़ताल ‘, ‘ नजीब तुम ज़िंदा हो ‘…,  ‘ क्या है जे एन यू ‘, ‘...
पुस्तक

हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘दाता पीर’ की पुस्तक समीक्षा

समकालीन जनमत
पवन करण दाता पीर एक सुनार का बेटा था। चाँद के टुकड़े जैसा सुंदर। उसने आवाज़ लगाई कि कुछ गढ़वा लो, कुछ बनवा लो। उसने...
साहित्य-संस्कृति

याद -ए- रफ़ी : मानवीय उत्सवों के गायक थे मोहम्मद रफ़ी

उमा राग
शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफ़ी के देहावसान के 45 वर्ष हो चले लेकिन उनके मुख्य धारा हिंदी गानों के अतिरिक्त ग़ज़ल, भजन, देशभक्ति गीत, क़व्वाली और अन्य...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर बच्चों ने बनाया चित्र

समकालीन जनमत
राजकुमार सोनी  रायपुर. जन संस्कृति मंच रायपुर और शिवम् एजुकेशन एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में 31 जुलाई को कथा और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की...
पुस्तक

‘गहन है यह अंधकारा’ की पुस्तक समीक्षा

समकालीन जनमत
पवन करण कोई भी भाषा हो वह दुर्जनों की ज़बान से बोले जाते समय कसमसाती होगी। जो ग़लत और झूठ बोला जा रहा है और...
कविता

अवंतिका सिंह की कविता यात्रा संभावनाओं भरी नई सुबह की तलाश में है।

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता अवंतिका सिंह की कविताएँ सामाजिक यथार्थ एवं उसकी विडंबनाओ का बोध कराती हुई हमसे संवाद करती है। अवंतिका एक ऐसा संसार रचना चाहती...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

‘कुन्द’ जी स्वयं में एक लाइब्रेरी हैं

जन संस्कृति मंच, आज़मगढ़ इकाई, ‘लेखक के घर चलो’ अभियान के अंतर्गत आज़मगढ़ के साहित्य जगत में प्रतिष्ठित जगदीश प्रसाद बरनवाल ‘कुन्द’ के घर पहुंची।...
स्मृति

रतन थियम को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि

महान भारतीय नाटककार, निर्देशक, डिज़ाइनर, संगीतकार, चित्रकार, अभिनेता और लेखक रतन थियम के निधन पर जन संस्कृति मंच हार्दिक श्रद्धांजलि देता है। उनके निधन से...
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