समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

कविता

कवि जितेंद्र विसारिया की कविताएँ समाज और सत्ता के खोखलेपन को बेनक़ाब करती हैं।

समकालीन जनमत
रौशन कुमार कवि जितेंद्र विसारिया जी की कविताएँ समाज और सत्ता के दोहरेपन तथा खोखलेपन को बेनक़ाब करती हैं। इनकी कविताएँ धर्म, मिथक, इतिहास और...
स्मृति

मास्टर साहब जो मेरे जेठ थे

समकालीन जनमत
(हम क्रांतिकारियों की छवि प्रायः लार्जर दैन लाइफ बना देते हैं। उनकी जिंदगी के छोटे-छोटे प्रसंगों, उनकी कमजोरियों या उनके बहुत सारे सहयोगियों के बारे में...
स्मृति

समकालीन कला का तिलिस्म और भुनेश्वर भास्कर की कला

( चित्रकार और कला समीक्षक भुनेश्वर भास्कर का आज दिल्ली में असामयिक निधन हो गया। उनके हृदय का आपरेशन होना था, पर उसके पहले ही...
कहानी

हत्यारे न्यायाधीश

समकालीन जनमत
(एक सोसायटी के रहवासियों के माध्यम से  व्यंग्यात्मक ढंग में  यह कहानी शुरू होती है। लेकिन चोरी की एक घटना के बाद कहानी बढ़ती हुई ...

‘काँस के फूलों ने कहा, जोहार !’: देशज सौंदर्य और स्त्री चेतना के विविध स्वर

समकालीन जनमत
डॉ. जिन्दर सिंह मुंडा ‘काँस के फूलों ने कहा, जोहार !’ डॉ प्रज्ञा गुप्ता का पहला काव्य- संग्रह है । सद्य: प्रकाशित इस काव्य- संग्रह...
कविता

चंदन सिंह की कविताएँ आत्मयात्रा के अनुभवों को आकार देने की कोशिश हैं

गौरव पाण्डेय चंदन मूलतः युवा चित्रकार हैं और कविताएँ लिखते हैं। चंदन के पास ऐसी भाषा है जो बोलने से ज़्यादा सुनने और ठहरने की...
पुस्तक

कीर्तिगान : भीड़ हत्या का दस्तावेज़ी यथार्थ

समकालीन जनमत
जितेन्द्र विसारिया यह कहा जाता है कि भीड़ का कोई मस्तिष्क नहीं होता, किंतु जब भीड़ किसी विचार या विचारधारा से संचालित होती है, तब...
पुस्तक

भारत के संविधान का निर्माण

गोपाल प्रधान
2025 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस से रोहित डे और ओर्नित सानी की किताब ‘असेम्बलिंग इंडिया’ज कनस्टीच्यूशन: ए न्यू डेमोक्रेटिक हिस्ट्री’ का प्रकाशन हुआ । लेखकों...
यात्रा वृतान्त

आदिवासी लोकचेतना, संस्कृति और प्रकृति का जीवंत केंद्र लुगू बुरू

समकालीन जनमत
सुरेन्द्र कुमार बेदिया झारखंड की धरती पर अनेक स्थल हैं जहाँ प्रकृति, संस्कृति और लोकचेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। बोकारो जिले के...
साहित्य-संस्कृति

मनुष्यता की मुक्ति के मुकम्मल कवि हैं रमाशंकर यादव ‘ विद्रोही ’

दरभंगा। इंकलाबी जनकवि रमाशंकर यादव विद्रोही की जयंती के अवसर पर जन संस्कृति मंच तथा लोहिया चरण सिंह कॉलेज के तत्वावधान में जसम जिलाध्यक्ष डॉ. रामबाबू...
सिनेमा

स्त्री जीवन को नियंत्रित करने वाली सामाजिक संरचनाओं की पहचान करती है लघु फ़िल्म “ओद गोहरी ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच, लखनऊ द्वारा एक दिसंबर को लघु फ़िल्म “ ओद गोहरी ” की स्क्रीनिंग एसबीएम लाइब्रेरी के सभागार में हुई। यह आयोजन...
कविता

जयमाला की कविताएँ मनुष्य की बेचैनी और विस्थापन की कथा कहती हैं।

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता जयमाला की कविताएँ आज के समय की विडंबना एवं सच्चाई को मार्मिकता से सामने लाती हैं। इन कविताओं को पढ़कर हम यह सोचने...
साहित्य-संस्कृति

“  फ़ैज़ और मुक्तिबोध हमारे दिशावाहक हैं ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से 24 नवम्बर को एमबीए लाइब्रेरी, जगत नारायण रोड के सभागार में ‘ यादें फैज व मुक्तिबोध ‘...
कविता

कंचन सिंह की कविताएँ स्त्री-मन, स्त्री-पीड़ा की मौलिक अभिव्यक्ति हैं।

समकालीन जनमत
अजय दुर्ज्ञेय   कंचन सिंह की कविताओं से यह मेरी संभवत पहली मुलाक़ात है और पहली ही मुलाक़ात में उनकी कविताओं के विषय और विषयगत...
स्मृति

कवि, कथाकार, संस्कृतिकर्मी अरविन्द कुमार का जाना जन सांस्कृतिक आंदोलन की बड़ी क्षति -जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
‘आओ कोई ख्वाब बुने’ के रचनाकार कवि, कथाकार और संस्कृतिकर्मी अरविंद कुमार नहीं रहे। 15 नवंबर को गुरुग्राम में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह काफी...
साहित्य-संस्कृति

बिरसा मुंडा के विचारों पर चलने और उलगुलान की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और झारखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस पर उलगुलान सभा उलगुलान के महानायक धरती आबा बिरसा मुंडा की...
कविता

विनोद कुमार ‘हंस’ की कविताएँ सामाजिक रूढ़ियों के प्रति विद्रोह दर्ज करती हैं

हरे प्रकाश उपाध्याय विनोद कुमार ‘हंस’ कविता की दुनिया में बिलकुल अभी-अभी दाखिल हो रहे कवि हैं। फ़िलहाल उनका स्वागत और स्वीकार इसी रूप में...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

उर्दू इसी देश की बोली-भाषा है

दुर्गा सिंह
  भाषा का सवाल मानव सभ्यता के इतिहास में हमेशा अहम रहा है। एक तो भाषा में ही कोई संस्कृति ज्यादा स्थायित्व पाती है, दूसरे...
कविता

पूर्णिमा साहू की कविताएँ दृष्टि संपन्नता की पूंजी लेकर आई हैं

समकालीन जनमत
अणु शक्ति सिंह पूर्णिमा साहू की कविताओं पर पहली दृष्टि पड़ते ही उनकी राजनीतिक समझ की झलक आ जाती है। ऐसे समय में जब स्त्री...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने मनाया स्थापना समारोह

समकालीन जनमत
छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने किसानों-मजदूरों और ग्रामीण बच्चों के बीच मनाया स्थापना समारोह बंगोली गांव में बच्चों के बीच वितरित की गई साहित्यिक...
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