ख़बरपुस्तकसाहित्य-संस्कृति कोई दिया तो जला दो ज़रा उजाला होसमकालीन जनमतMay 22, 2023May 22, 2023 by समकालीन जनमतMay 22, 2023May 22, 20230149 कौशल किशोर आज़मगढ़, 21मई, 2023 जितेन्द्र कुमार ‘नूर’ के ग़ज़ल संग्रह ‘यादों के बहाने’ का लोकार्पण शहर के ठण्डी सड़क स्थित गरुण होटल के सभागार...
कविता देवव्रत डंगवाल की कविताएँ प्रतिरोध और उम्मीद की खोज हैंसमकालीन जनमतMay 21, 2023May 21, 2023 by समकालीन जनमतMay 21, 2023May 21, 2023095 विपिन चौधरी युवावस्था मनुष्य के जीवन की सबसे बेचैन अवस्था है. इसी दौर में भी प्रतिरोध के स्वर अधिक तेज़ होने लगते हैं और नकार...
स्मृति राकेश दिवाकर: जिसमें चांद की शीतलता और सूरज का ताप थासुधीर सुमनMay 21, 2023May 21, 2023 by सुधीर सुमनMay 21, 2023May 21, 20230163 स्मृति दिवस 18 मई के अवसर पर वह रंगों की दुनिया में जीता था। लिखित शब्द भी उसे जैसे खुद को रंग देने के लिए...
सिनेमा सिनेमा : शिक्षा का एक नया आयामसमकालीन जनमतMay 18, 2023May 18, 2023 by समकालीन जनमतMay 18, 2023May 18, 20230345 अतुल कुमार ‘सिनेमा इन स्कूल’ अभियान लगातार अपना कार्य क्षेत्र बढ़ा रहा है. इस अभियान की शुरुआत नानकमत्ता पब्लिक स्कूल के साथ शुरू हुई थी...
कविता अमरजीत कौंके की कविताओं में आम आदमी का जीवन और संघर्ष प्रमुखता से झलकता है।समकालीन जनमतMay 14, 2023May 14, 2023 by समकालीन जनमतMay 14, 2023May 14, 20230211 निरंजन श्रोत्रिय अमरजीत कौंके मूलतः पंजाबी भाषा के कवि हैं। उन्होंने पंजाबी-हिन्दी के बीच अनुवाद की महत्वपूर्ण आवाजाही की है। इन सबके साथ वे हिन्दी...
कविता सरिता संधू की कविताएँ व्यवस्था की आँखों में झाँकती संवेदनाएँ हैंसमकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 2023 by समकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 20230240 हीरालाल राजस्थानी सरिता संधू पिछले दो सालों से दलित लेखक संघ से जुड़ी हुई हैं। उनकी विशेषता है कि संगठन के प्रति अपने कर्तव्यों का...
साहित्य-संस्कृति खनकने लगी हैं गुल की मोहरेंसमकालीन जनमतMay 5, 2023 by समकालीन जनमतMay 5, 20230189 पीयूष कुमार फिर से दिन आ गए खिल के खिलखिलाते गुलमोहर के। वसंत की अगवानी में सेमल और पलाश की ललाई कम हो गयी थी...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति आम किसान की पक्षधरता के कहानीकार हैं मार्कण्डेयदुर्गा सिंहMay 2, 2023May 4, 2023 by दुर्गा सिंहMay 2, 2023May 4, 20230395 (हिन्दी के प्रसिद्ध कहानीकार मार्कण्डेय के जन्मदिन, 2 मई पर विशेष) आज जबकि गांव और किसान दोनों पूंजी और बाजारवादी प्रसार के बीच बेतरह पीछे...
साहित्य-संस्कृति मुकुल सरल की ग़ज़लें और नज़्म लोकतंत्र की स्थिति, मानवता और प्रेम को व्याख्यायित और पुनर्व्याख्यायित करती हैंसमकालीन जनमतMay 2, 2023May 2, 2023 by समकालीन जनमतMay 2, 2023May 2, 20230244 राज वाल्मीकि नई दिल्ली। “इस किताब में बहुतों की आवाज़ शामिल है। इसमें मुल्क के आज के हालात को शामिल किया गया है। मुकुल सरल...
कविता फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं : आलोक धन्वासमकालीन जनमतMay 1, 2023 by समकालीन जनमतMay 1, 2023066 पटना। “फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं। इधर अच्छी कविताएँ लिखीं जा रहीं हैं, कविताएँ लिखी जानी चाहिए। ये कविताएँ सामने आ...
कविता आनंद बहादुर की कविताएँ जीवन की अंतर्यात्रा को उकेरती हैंसमकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 2023 by समकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 20230200 विनय सौरभ नहीं होने ने जो थोड़ी सी जगह खाली की है वह मैं हूँ एक दिन नहीं होना किसी जगह से आएगा और...
कविता पुरू मालव की कविताएँ एक आत्मीय आग्रह के साथ बड़े सवालों पर बात करती हैंसमकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023 by समकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023069 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि पुरू मालव की आसान-सी दिखने वाली ये कविताएँ हमारे भीतर एक फोर्स के साथ खुलती हैं। वह चाहे विस्थापन का...
स्मृति नक्सलबाड़ी विद्रोह, भोजपुर आंदोलन और कवि-आलोचक रामनिहाल गुंजनसुधीर सुमनApril 19, 2023April 19, 2023 by सुधीर सुमनApril 19, 2023April 19, 20230243 (पहले स्मृति दिवस पर) रामनिहाल गुंजन के पूर्वज पटना जिले के बिहटा थाने के भरतपुरा गांव से आकर आरा में बसे थे। गांव में...
कविता मोहन कुमार डहेरिया की कविताएँ व्यक्तिगत और सामूहिक अभिव्यक्ति को सशक्त और बेचैन होकर ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 2023 by समकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 20230257 पीयूष कुमार आत्मा के पेड़ पर बैठा कवि मोहन कुमार डहेरिया की कविताओं में मनुष्यविरोधी समय का अतियथार्थ अपनी विकलताओं और भावसघनाओं के साथ आता...
साहित्य-संस्कृति गज़लें लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हैं – डॉ जीवन सिंहसमकालीन जनमतApril 8, 2023April 11, 2023 by समकालीन जनमतApril 8, 2023April 11, 20230221 लखनऊ। जन संस्कृति मंच के सहयोग से ‘रेवान्त’ पत्रिका की ओर से चर्चित जनवादी गजलकार डी एम मिश्र (सुल्तानपुर) के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘समकाल की...
पुस्तक अशोक चन्द्र की किताब ‘ स्वर्ग की यातना ’ : जन्नत के ज़ख़्म पर जिरह करती एक किताबसमकालीन जनमतMarch 28, 2023March 28, 2023 by समकालीन जनमतMarch 28, 2023March 28, 20230140 लखनऊ। ‘ कश्मीर जो कभी धरती का स्वर्ग माना जाता था, वह आज यातना शिविर में बदल चुका है। उसे अंग भंग कर लहूलुहान किया...
कविता जोगेन चौधुरी की कविताएँ चित्रकला सा वितान रचती हैंसमकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023 by समकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023079 मीता दास मैंने ‘उजाले और अँधेरे में एक फूल’ नाम से एक पुस्तक का अनुवाद किया जिसमें शीर्षस्थ समकालीन भारतीय कलाकार जोगेन चौधरी की मूल...
स्मृति पाश : सपने हर किसी को नहीं आतेकौशल किशोरMarch 23, 2023March 24, 2023 by कौशल किशोरMarch 23, 2023March 24, 20230206 शहादत दिवस (23 मार्च) पर ‘भगत सिंह ने पहली बार पंजाब/जंगलीपन, पहलवानी व जहालत से/बुद्धिवाद की ओर मोड़ा था/जिस दिन फांसी दी गई/उनकी कोठरी में...
साहित्य-संस्कृति नयी कहानी आन्दोलन में हाशिये पर धकेल दिया गया ग्राम समाजसुशील मानवMarch 21, 2023March 21, 2023 by सुशील मानवMarch 21, 2023March 21, 20230168 इलाहाबाद। गाँधी जी ने कहा था, कि असली भारत गांवों में बसता है। मेरे सपनों का स्वराज्य और ग्राम स्वराज्य का मॉडल देते हुए उन्होंने...
कविता विमल किशोर की कविताओं में स्त्री मुक्ति की आकांक्षा – उषा रायसमकालीन जनमतMarch 21, 2023 by समकालीन जनमतMarch 21, 2023092 लखनऊ। लखनऊ पुस्तक मेले में , 18 मार्च को विमल किशोर के कविता संग्रह ‘पंख खोलूं उड़ चलूं’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन...