कविता सरिता संधू की कविताएँ व्यवस्था की आँखों में झाँकती संवेदनाएँ हैंसमकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 2023 by समकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 20230246 हीरालाल राजस्थानी सरिता संधू पिछले दो सालों से दलित लेखक संघ से जुड़ी हुई हैं। उनकी विशेषता है कि संगठन के प्रति अपने कर्तव्यों का...
साहित्य-संस्कृति खनकने लगी हैं गुल की मोहरेंसमकालीन जनमतMay 5, 2023 by समकालीन जनमतMay 5, 20230195 पीयूष कुमार फिर से दिन आ गए खिल के खिलखिलाते गुलमोहर के। वसंत की अगवानी में सेमल और पलाश की ललाई कम हो गयी थी...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति आम किसान की पक्षधरता के कहानीकार हैं मार्कण्डेयदुर्गा सिंहMay 2, 2023May 4, 2023 by दुर्गा सिंहMay 2, 2023May 4, 20230403 (हिन्दी के प्रसिद्ध कहानीकार मार्कण्डेय के जन्मदिन, 2 मई पर विशेष) आज जबकि गांव और किसान दोनों पूंजी और बाजारवादी प्रसार के बीच बेतरह पीछे...
साहित्य-संस्कृति मुकुल सरल की ग़ज़लें और नज़्म लोकतंत्र की स्थिति, मानवता और प्रेम को व्याख्यायित और पुनर्व्याख्यायित करती हैंसमकालीन जनमतMay 2, 2023May 2, 2023 by समकालीन जनमतMay 2, 2023May 2, 20230249 राज वाल्मीकि नई दिल्ली। “इस किताब में बहुतों की आवाज़ शामिल है। इसमें मुल्क के आज के हालात को शामिल किया गया है। मुकुल सरल...
कविता फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं : आलोक धन्वासमकालीन जनमतMay 1, 2023 by समकालीन जनमतMay 1, 2023070 पटना। “फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं। इधर अच्छी कविताएँ लिखीं जा रहीं हैं, कविताएँ लिखी जानी चाहिए। ये कविताएँ सामने आ...
कविता आनंद बहादुर की कविताएँ जीवन की अंतर्यात्रा को उकेरती हैंसमकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 2023 by समकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 20230217 विनय सौरभ नहीं होने ने जो थोड़ी सी जगह खाली की है वह मैं हूँ एक दिन नहीं होना किसी जगह से आएगा और...
कविता पुरू मालव की कविताएँ एक आत्मीय आग्रह के साथ बड़े सवालों पर बात करती हैंसमकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023 by समकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023073 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि पुरू मालव की आसान-सी दिखने वाली ये कविताएँ हमारे भीतर एक फोर्स के साथ खुलती हैं। वह चाहे विस्थापन का...
स्मृति नक्सलबाड़ी विद्रोह, भोजपुर आंदोलन और कवि-आलोचक रामनिहाल गुंजनसुधीर सुमनApril 19, 2023April 19, 2023 by सुधीर सुमनApril 19, 2023April 19, 20230254 (पहले स्मृति दिवस पर) रामनिहाल गुंजन के पूर्वज पटना जिले के बिहटा थाने के भरतपुरा गांव से आकर आरा में बसे थे। गांव में...
कविता मोहन कुमार डहेरिया की कविताएँ व्यक्तिगत और सामूहिक अभिव्यक्ति को सशक्त और बेचैन होकर ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 2023 by समकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 20230263 पीयूष कुमार आत्मा के पेड़ पर बैठा कवि मोहन कुमार डहेरिया की कविताओं में मनुष्यविरोधी समय का अतियथार्थ अपनी विकलताओं और भावसघनाओं के साथ आता...
साहित्य-संस्कृति गज़लें लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हैं – डॉ जीवन सिंहसमकालीन जनमतApril 8, 2023April 11, 2023 by समकालीन जनमतApril 8, 2023April 11, 20230226 लखनऊ। जन संस्कृति मंच के सहयोग से ‘रेवान्त’ पत्रिका की ओर से चर्चित जनवादी गजलकार डी एम मिश्र (सुल्तानपुर) के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘समकाल की...
पुस्तक अशोक चन्द्र की किताब ‘ स्वर्ग की यातना ’ : जन्नत के ज़ख़्म पर जिरह करती एक किताबसमकालीन जनमतMarch 28, 2023March 28, 2023 by समकालीन जनमतMarch 28, 2023March 28, 20230145 लखनऊ। ‘ कश्मीर जो कभी धरती का स्वर्ग माना जाता था, वह आज यातना शिविर में बदल चुका है। उसे अंग भंग कर लहूलुहान किया...
कविता जोगेन चौधुरी की कविताएँ चित्रकला सा वितान रचती हैंसमकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023 by समकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023085 मीता दास मैंने ‘उजाले और अँधेरे में एक फूल’ नाम से एक पुस्तक का अनुवाद किया जिसमें शीर्षस्थ समकालीन भारतीय कलाकार जोगेन चौधरी की मूल...
स्मृति पाश : सपने हर किसी को नहीं आतेकौशल किशोरMarch 23, 2023March 24, 2023 by कौशल किशोरMarch 23, 2023March 24, 20230213 शहादत दिवस (23 मार्च) पर ‘भगत सिंह ने पहली बार पंजाब/जंगलीपन, पहलवानी व जहालत से/बुद्धिवाद की ओर मोड़ा था/जिस दिन फांसी दी गई/उनकी कोठरी में...
साहित्य-संस्कृति नयी कहानी आन्दोलन में हाशिये पर धकेल दिया गया ग्राम समाजसुशील मानवMarch 21, 2023March 21, 2023 by सुशील मानवMarch 21, 2023March 21, 20230172 इलाहाबाद। गाँधी जी ने कहा था, कि असली भारत गांवों में बसता है। मेरे सपनों का स्वराज्य और ग्राम स्वराज्य का मॉडल देते हुए उन्होंने...
कविता विमल किशोर की कविताओं में स्त्री मुक्ति की आकांक्षा – उषा रायसमकालीन जनमतMarch 21, 2023 by समकालीन जनमतMarch 21, 2023095 लखनऊ। लखनऊ पुस्तक मेले में , 18 मार्च को विमल किशोर के कविता संग्रह ‘पंख खोलूं उड़ चलूं’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन...
पुस्तक नागरिकता बनाम मनुष्यता का अप्रतिहत आख्यान : अमर देसवासमकालीन जनमतMarch 17, 2023March 17, 2023 by समकालीन जनमतMarch 17, 2023March 17, 20230551 कार्तिक राय चर्चित कहानियाँ ‘ छबीला रंगबाज़ का शहर ’ और ‘ वास्को डी गामा की साईकिल ’ से अपनी पहचान बना चुके प्रवीण कुमार...
कविता अनिल अनलहातु की कविताएँ हमारी हताशा और जिजीविषा का अन्तर्द्वन्द्व हैंसमकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023 by समकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023082 प्रभात मिलिंद अनिल अनलहातु हमारे समय के विरल और अनिवार्य कवि हैं. कविताओं में वक्रोक्तियों का कारुणिक प्रयोग कैसे संभव हो सकता है, व्यंग्य में...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230200 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता शिरोमणि महतो की कविताओं की प्रकृति देशज है।समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 20230103 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि शिरोमणि महतो की इन कविताओं में भाषा और अनुभवों की ताजगी साफ देखी जा सकती है। इन कविताओं मे कवि ने...
साहित्य-संस्कृति भारतीय फासीवाद के मूल में सांस्कृतिक पर्यावरण पर वर्णाश्रम के संस्कारों का प्रभुत्व कायम करनासमकालीन जनमतFebruary 27, 2023February 27, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 27, 2023February 27, 20230307 लखनऊ। जन संस्कृति मंच लखनऊ के वार्षिक आयोजन के तहत पहले सत्र में अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 25 फरवरी...