समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

पुस्तक

नागरिकता बनाम मनुष्यता का अप्रतिहत आख्यान : अमर देसवा

समकालीन जनमत
कार्तिक राय चर्चित कहानियाँ ‘ छबीला रंगबाज़ का शहर ’ और ‘ वास्को डी गामा की साईकिल ’ से अपनी पहचान बना चुके प्रवीण कुमार...
कविता

अनिल अनलहातु की कविताएँ हमारी हताशा और जिजीविषा का अन्तर्द्वन्द्व हैं

समकालीन जनमत
प्रभात मिलिंद अनिल अनलहातु हमारे समय के विरल और अनिवार्य कवि हैं. कविताओं में वक्रोक्तियों का कारुणिक प्रयोग कैसे संभव हो सकता है, व्यंग्य में...
कविता

रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती है

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता

शिरोमणि महतो की कविताओं की प्रकृति देशज है।

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि शिरोमणि महतो की इन कविताओं में भाषा और अनुभवों की ताजगी साफ देखी जा सकती है। इन कविताओं मे कवि ने...
साहित्य-संस्कृति

भारतीय फासीवाद के मूल में सांस्कृतिक पर्यावरण पर वर्णाश्रम के संस्कारों का प्रभुत्व कायम करना

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच लखनऊ के वार्षिक आयोजन के तहत पहले सत्र में अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 25 फरवरी...
कविता

उर्मिल मोंगा की कविताएँ स्वप्न और उम्मीद जगाती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर कहा जाता है कि मानवीय दर्द का एहसास व अनुभूति तथा मुक्ति की कलात्मक अभिव्यक्ति ही आज की कविता है। भाव, विचार व...
स्मृति

सईद शेख : गुम हो गई एक प्रवासी की आवाज

कौशल किशोर
 सईद शेख नहीं रहे। मन-मस्तिष्क को झटका लगा। पुरानी यादें ताजा हो गईं। मेरा उनसे सजीव संबंध नहीं था। पर उनके जीवन और उनके साथ...
कविता

यूनुस ख़ान की कविताएँ जीवन और समय की जटिलताओं को दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय सरलता का शिल्प सबसे जटिल होता है। जीवन और समय की जटिलताओं को कविता के जटिल शिल्प में ढाल देना एक रूपान्तरण हो...
स्मृति

सी बी सिंह : आंदोलनों की आंच में तपा काॅमरेड

समकालीन जनमत
स्मृति दिवस (15 फरवरी) कॉमरेड सी बी सिंह का निधन पिछले साल आज के दिन 15 फरवरी को हुआ था। वे ‘समाज के, समाज के...
स्मृति

राजकुमार : जब तक जिया रंग भरते जिया

बलभद्र
पहले राकेश दिवाकर गए और अब राजकुमार सिंह। ये दो दो आघात बहुत भारी हैं। लगभग एक साल कैंसर से जूझते हुए राजकुमार सिंह का...
कविता

बोधिसत्व की कविताएँ सच सरेआम कहने के हुनर का शिल्प हैं

समकालीन जनमत
भरत प्रसाद बोधिसत्व की पहचान 90 के दशक के प्रमुख कवि के तौर पर बनी, जो आजतक कायम है। हम जो नदियों का संगम हैं-2002...
सिनेमा

समाज से सवाल करती फिल्में सेम्बी और वध

समकालीन जनमत
प्रशांत विप्लवी 2020 के अंतिम माह में बाल-शोषण पर दो फिल्में आईं– सेम्बी और वध। सेम्बी तमिल भाषा की फ़िल्म है और वध हिन्दी मुख्यधारा...
कविता

सुनीता ‘अबाबील’ की कविताएँ स्त्री पीड़ा की अंतर यात्रा हैं

समकालीन जनमत
हीरालाल राजस्थानी बेशक ही दलित व हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श को स्थान मिलता रहा है। खासतौर पर कविता विधा में, जहाँ शुरुआती दौर में...
साहित्य-संस्कृति

प्रतिरोध के बिना कोई कविता समकालीन नहीं हो सकती : डॉ. राकेश शर्मा

सातवें गोरख स्मृति आयोजन में कविताओं और गीतों का पाठ पटना। ‘‘जो कविता सत्ता और व्यवस्था से तथा अंधेरे से समझौता करके चलती है, वह प्रतिरोध...
साहित्य-संस्कृति

संगम नगरी में ‘ सिरजन ’

समकालीन जनमत
माही  बच्चों के समाजीकरण में तमाम संगठनों, संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यूं तो ये जिम्मा स्कूल नामक शैक्षणिक संस्थाओं का सबसे अधिक माना...
साहित्य-संस्कृति

“ मन के बाग में आजादी के फूलों के कवि हैं गोरख पाण्डेय ”

समकालीन जनमत
गिरिडीह (झारखंड)। जनकवि गोरख पांडेय की स्मृति में 29 जनवरी को रमा कॉम्प्लेक्स, मकतपुर, गिरिडीह के स्मार्ट ड्रीम एकेडमी में काव्यपाठ सह परिचर्चा का आयोजन...
स्मृति

गोरख स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर हैदराबाद विश्वविद्यालय में कार्यक्रम

समकालीन जनमत
कल 28 जनवरी गोरख स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर हैदराबाद विश्वविद्यालय में गोरख को उनकी कविताओं एवं गीतों के माध्यम से याद किया गया।...
कविता

रमेश ऋतंभर की कविताओं में सामूहिकता की भावना शिद्दत से अभिव्यक्त होती है

समकालीन जनमत
पंकज चौधरी समकालीन हिन्दी कविता में दो तरह की कविताएँ अधिक प्रामाणिक और विश्वसनीय कही जा सकती हैं। एक तो वे कविताएँ, जिन्हें लिखने वाले...
स्मृति

फूल और उम्मीद के कवि हैं गोरख पाण्डेय

कौशल किशोर
29 जनवरी गोरख पांडेय का स्मृति दिवस है। यह उनकी 34 वीं पुण्यतिथि है। उनका जन्म 1945 (पंडित के मुंडेरवा, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश) में...
साहित्य-संस्कृति

“ सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज ”  पुस्तक का लोकार्पण

समकालीन जनमत
दिल्ली। आईटीओ स्थित सुरजीत भवन सभागार में 23 जनवरी की शाम सुभाषचंद्र बोस की 126वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अशोक तिवारी...
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