पुस्तक नागरिकता बनाम मनुष्यता का अप्रतिहत आख्यान : अमर देसवासमकालीन जनमतMarch 17, 2023March 17, 2023 by समकालीन जनमतMarch 17, 2023March 17, 20230519 कार्तिक राय चर्चित कहानियाँ ‘ छबीला रंगबाज़ का शहर ’ और ‘ वास्को डी गामा की साईकिल ’ से अपनी पहचान बना चुके प्रवीण कुमार...
कविता अनिल अनलहातु की कविताएँ हमारी हताशा और जिजीविषा का अन्तर्द्वन्द्व हैंसमकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023 by समकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023080 प्रभात मिलिंद अनिल अनलहातु हमारे समय के विरल और अनिवार्य कवि हैं. कविताओं में वक्रोक्तियों का कारुणिक प्रयोग कैसे संभव हो सकता है, व्यंग्य में...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230189 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता शिरोमणि महतो की कविताओं की प्रकृति देशज है।समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 20230101 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि शिरोमणि महतो की इन कविताओं में भाषा और अनुभवों की ताजगी साफ देखी जा सकती है। इन कविताओं मे कवि ने...
साहित्य-संस्कृति भारतीय फासीवाद के मूल में सांस्कृतिक पर्यावरण पर वर्णाश्रम के संस्कारों का प्रभुत्व कायम करनासमकालीन जनमतFebruary 27, 2023February 27, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 27, 2023February 27, 20230302 लखनऊ। जन संस्कृति मंच लखनऊ के वार्षिक आयोजन के तहत पहले सत्र में अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 25 फरवरी...
कविता उर्मिल मोंगा की कविताएँ स्वप्न और उम्मीद जगाती हैंसमकालीन जनमतFebruary 26, 2023February 26, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 26, 2023February 26, 20230221 कौशल किशोर कहा जाता है कि मानवीय दर्द का एहसास व अनुभूति तथा मुक्ति की कलात्मक अभिव्यक्ति ही आज की कविता है। भाव, विचार व...
स्मृति सईद शेख : गुम हो गई एक प्रवासी की आवाजकौशल किशोरFebruary 21, 2023February 21, 2023 by कौशल किशोरFebruary 21, 2023February 21, 20230221 सईद शेख नहीं रहे। मन-मस्तिष्क को झटका लगा। पुरानी यादें ताजा हो गईं। मेरा उनसे सजीव संबंध नहीं था। पर उनके जीवन और उनके साथ...
कविता यूनुस ख़ान की कविताएँ जीवन और समय की जटिलताओं को दर्ज करती हैंसमकालीन जनमतFebruary 19, 2023February 19, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 19, 2023February 19, 20230152 निरंजन श्रोत्रिय सरलता का शिल्प सबसे जटिल होता है। जीवन और समय की जटिलताओं को कविता के जटिल शिल्प में ढाल देना एक रूपान्तरण हो...
स्मृति सी बी सिंह : आंदोलनों की आंच में तपा काॅमरेडसमकालीन जनमतFebruary 15, 2023February 14, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 15, 2023February 14, 20230265 स्मृति दिवस (15 फरवरी) कॉमरेड सी बी सिंह का निधन पिछले साल आज के दिन 15 फरवरी को हुआ था। वे ‘समाज के, समाज के...
स्मृति राजकुमार : जब तक जिया रंग भरते जियाबलभद्रFebruary 13, 2023February 13, 2023 by बलभद्रFebruary 13, 2023February 13, 20230142 पहले राकेश दिवाकर गए और अब राजकुमार सिंह। ये दो दो आघात बहुत भारी हैं। लगभग एक साल कैंसर से जूझते हुए राजकुमार सिंह का...
कविता बोधिसत्व की कविताएँ सच सरेआम कहने के हुनर का शिल्प हैंसमकालीन जनमतFebruary 12, 2023February 12, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 12, 2023February 12, 20230277 भरत प्रसाद बोधिसत्व की पहचान 90 के दशक के प्रमुख कवि के तौर पर बनी, जो आजतक कायम है। हम जो नदियों का संगम हैं-2002...
सिनेमा समाज से सवाल करती फिल्में सेम्बी और वधसमकालीन जनमतFebruary 6, 2023February 6, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 6, 2023February 6, 20230395 प्रशांत विप्लवी 2020 के अंतिम माह में बाल-शोषण पर दो फिल्में आईं– सेम्बी और वध। सेम्बी तमिल भाषा की फ़िल्म है और वध हिन्दी मुख्यधारा...
कविता सुनीता ‘अबाबील’ की कविताएँ स्त्री पीड़ा की अंतर यात्रा हैंसमकालीन जनमतFebruary 5, 2023February 6, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 5, 2023February 6, 20230305 हीरालाल राजस्थानी बेशक ही दलित व हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श को स्थान मिलता रहा है। खासतौर पर कविता विधा में, जहाँ शुरुआती दौर में...
साहित्य-संस्कृति प्रतिरोध के बिना कोई कविता समकालीन नहीं हो सकती : डॉ. राकेश शर्मासमकालीन जनमतJanuary 30, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 30, 20230151 सातवें गोरख स्मृति आयोजन में कविताओं और गीतों का पाठ पटना। ‘‘जो कविता सत्ता और व्यवस्था से तथा अंधेरे से समझौता करके चलती है, वह प्रतिरोध...
साहित्य-संस्कृति संगम नगरी में ‘ सिरजन ’समकालीन जनमतJanuary 30, 2023January 30, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 30, 2023January 30, 2023037 माही बच्चों के समाजीकरण में तमाम संगठनों, संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यूं तो ये जिम्मा स्कूल नामक शैक्षणिक संस्थाओं का सबसे अधिक माना...
साहित्य-संस्कृति “ मन के बाग में आजादी के फूलों के कवि हैं गोरख पाण्डेय ”समकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 31, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 31, 20230100 गिरिडीह (झारखंड)। जनकवि गोरख पांडेय की स्मृति में 29 जनवरी को रमा कॉम्प्लेक्स, मकतपुर, गिरिडीह के स्मार्ट ड्रीम एकेडमी में काव्यपाठ सह परिचर्चा का आयोजन...
स्मृति गोरख स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर हैदराबाद विश्वविद्यालय में कार्यक्रमसमकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 20230308 कल 28 जनवरी गोरख स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर हैदराबाद विश्वविद्यालय में गोरख को उनकी कविताओं एवं गीतों के माध्यम से याद किया गया।...
कविता रमेश ऋतंभर की कविताओं में सामूहिकता की भावना शिद्दत से अभिव्यक्त होती हैसमकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 2023096 पंकज चौधरी समकालीन हिन्दी कविता में दो तरह की कविताएँ अधिक प्रामाणिक और विश्वसनीय कही जा सकती हैं। एक तो वे कविताएँ, जिन्हें लिखने वाले...
स्मृति फूल और उम्मीद के कवि हैं गोरख पाण्डेयकौशल किशोरJanuary 29, 2023January 26, 2024 by कौशल किशोरJanuary 29, 2023January 26, 20240187 29 जनवरी गोरख पांडेय का स्मृति दिवस है। यह उनकी 34 वीं पुण्यतिथि है। उनका जन्म 1945 (पंडित के मुंडेरवा, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश) में...
साहित्य-संस्कृति “ सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज ” पुस्तक का लोकार्पणसमकालीन जनमतJanuary 25, 2023January 27, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 25, 2023January 27, 2023067 दिल्ली। आईटीओ स्थित सुरजीत भवन सभागार में 23 जनवरी की शाम सुभाषचंद्र बोस की 126वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अशोक तिवारी...