समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

स्मृति

गुरशरण सिंह होने का मतलब ‘ हिन्दुस्तान को इंकलाब की शक्ल में देखना ’

16 सितम्बर प्रसिद्ध नाटककार और क्रांतिकारी रंगमंच के प्रणेता गुरशरण सिंह का जन्मदिन है। इस मौके पर पंजाब की जनवादी संस्थाएं उन्हें याद करेंगी। वे...
कविता

योगेंद्र गौतम की कविताएँ अंधेरे के अज्ञात बिन्दु से प्रकाश की खोज में निकली यात्री हैं

समकालीन जनमत
प्रिया वर्मा यह कवि रात्रि के किसी अज्ञात बिंदु पर खड़ा हुआ है और अंधेरे के उस अज्ञात बिंदु में प्रकाश को खोजते हुए कविता...
साहित्य-संस्कृति

निराला का वैचारिक लेखन: राष्ट्र निर्माण और स्त्री प्रश्न

दुर्गा सिंह
निराला के वैचारिक लेखन की मूल अंतर्वस्तु भी उनके बाकी के साहित्य के क्रम में है। स्वाधीनता, हिंदी जाति का उत्थान और राष्ट्र निर्माण की...
स्मृति

“ हम झूठमूठ का कुछ भी नहीं चाहते और हम सब कुछ सचमुच का देखना चाहते हैं ”

सुधीर सुमन
पाश का जन्म 9 सितंबर 1950 को पंजाब के जालंधर जिले के गाँव तलवंडी सलेम में हुआ था। उनका पारिवारिक नाम अवतार सिंह था। उनके...
कविता

गुंजन उपाध्याय पाठक की कविताएँ प्रेम के अभाव से पैदा अवसाद से मुक्ति के लिए प्रेम की जद्दोजहद हैं

समकालीन जनमत
सुधीर सुमन  महादेवी वर्मा ने ‘शृंखला की कड़ियाँ’ में लिखा है- ‘‘स्त्री के व्यक्तित्व में कोमलता और सहानुभूति के साथ साहस और विवेक का ऐसा सामंजस्य होना आवश्यक...
पुस्तक

अधिग्रहण और प्रतिरोध की दास्तान

गोपाल प्रधान
2023 में मंथली रिव्यू प्रेस से इयान आंगुस की किताब ‘द वार अगेंस्ट द कामन्स: डिसपजेशन ऐंड रेजिस्टेन्स इन द मेकिंग आफ़ कैपिटलिज्म’ का प्रकाशन...
साहित्य-संस्कृति

भोजली : मित्रता और प्रकृति के प्रति समर्पण की मिसाल

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार लोकसंस्कृति के मूल में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उसके मानवीय एकीकरण की भावना की जलधारसंचरित रहती है। छत्तीसगढ़ में इसी तरह का...
कविता

सच के रास्तों ने दुर्गम ही बनाया है जीवन को : ज्योति चावला की कविताएँ

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी ‘यह उनींदी रातों का सफर है’ ज्योति चावला का नया कविता संग्रह है। इस संग्रह में उनकी पचास कविताएँ संकलित हैं जोकि उनके...
साहित्य-संस्कृति

सामाजिक संघर्ष व बदलाव की राजनीतिक चेतना पैदा करती है जन संस्कृति – जयप्रकाश नारायण

राजबली यादव की याद में ‘सत्ता संस्कृति बनाम जन संस्कृति’ पर परिचर्चा फैजाबाद। स्वंतत्रता संग्राम सेनानी व जन संस्कृति के नायक कामरेड राजबली यादव के स्मृति...
पुस्तक

मुक्तिबोध : सर्जक और विचारक

रामजी राय
पुस्तक-चर्चा सेवाराम त्रिपाठी की किताब ‘मुक्तिबोध : सर्जक और विचारक’ बहुत पहले ही मुझे मिली थी। फुरसत के क्षणों में उसके चैप्टर्स पलटता रहा हूँ।...
पुस्तक

चीन और अफीम के बारे में अमिताभ घोष

गोपाल प्रधान
2023 में 4थ एस्टेट से अमिताभ घोष की किताब ‘स्मोक ऐंड ऐशेज: ए राइटर’स जर्नी थ्रू ओपियम’स हिडेन हिस्ट्रीज’ का प्रकाशन हुआ । सबसे पहले...
कविता

नरेश अग्रवाल की कविताएँ जनता के संघर्षों की सहचरी हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी यह संसार आश्चर्य से भरा हुआ है लेकिन अभी तक सभी आश्चर्य खोजे नहीं जा सके हैं. मगर दुख खोज लिए गए हैं।...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

प्रेमचंद आज होते तो ‘ठाकुर का कुआं’ न लिखकर ‘ठाकुर की कुर्सी’ कहानी लिखते

समकालीन जनमत
आज़मगढ़ प्रेमचंद जयंती के अवसर पर 31 जुलाई 2023 को आज़मगढ़ के रैदोपुर स्थित राहुल चिल्ड्रेन एकेडमी में एक गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी का...
कविता

विमलेश त्रिपाठी की कविताएँ  हमारे समय में अभिव्यक्ति पर मंडराते ख़तरों की शिनाख़्त करती हैं

समकालीन जनमत
राजेश जोशी विमलेश की कविताएँ इस समय की कविता की सबसे बड़ी उलझन की ओर संकेत करती हैं। प्रोद्यौगिकी ने समय की गति को इतना...
साहित्य-संस्कृति

बेसबब हुआ ग़ालिब दुश्मन आसमां अपना

रामजी राय
 (मुक्तिबोध पर मेरी किताब ‘स्वदेश की खोज’ पर बौद्धिक चोरी के आरोप पर कुछ बातें ) हम कहाँ के दाना थे, किस हुनर में यक़तां...
कहानी

‘ सहारे का सूर्यास्त ’ : गांव के बदलते यथार्थ की तस्वीर

डॉ विन्ध्येश्वरी उन कहानीकारों की सफ़ में दिखते हैं जो सुदूर गांव में रहकर चिकित्सारत रहते हुए वर्ग-वर्ण विभाजित गांव की कहानियां लिखते हैं। उनकी...
पुस्तक

न्यूटन भौंचक्का था: अपने समय को ध्वनित करती कविताएँ

उमा राग
सुरेन्द्र रघुवंशी ड्यूरेल ने कहा है-” विज्ञान बौद्धिक काव्य है और काव्य भावनात्मक विज्ञान ।” वरिष्ठ कवि निरंजन श्रोत्रिय विज्ञान के प्रोफ़ेसर हैं और हिन्दी...
कविता

ललन चतुर्वेदी की कविताएँ अमानवीकरण के ख़िलाफ़ प्रतिरोध हैं

समकालीन जनमत
वसु गंधर्व कविता जीवन के भुलाए जा रहे ज़रूरी सत्यों का स्मरण भी है। यह एक प्रतिसंसार का आह्वान भी है जहाँ उस करुणा की...
पुस्तक

कोमिंटर्न की वैश्विकता

गोपाल प्रधान
2023 में वर्सो से ब्रिजिट स्टूडेर की 2020 में छपी जर्मन किताब का अंग्रेजी अनुवाद ‘ट्रावेलर्स आफ़ द वर्ल्ड रेवोल्यूशन: ए ग्लोबल हिस्ट्री आफ़ द...
कविता

मुन्नी गुप्ता की कविताएँ अपने समय की पीड़ा और परिदृश्य के सच को उजागर करती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय समकालीन युवा काव्य परिदृश्य में मुन्नी गुप्ता एक दस्तक देता हुआ नाम है। उनकी कविताओं में व्यंग्य और कटाक्ष छितरा हुआ है लेकिन...
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