जनमतशख्सियतस्मृति किसान आत्म-हत्याओं के दौर में प्रेमचंद – प्रो. सदानन्द शाहीसमकालीन जनमतJuly 30, 2019July 30, 2019 by समकालीन जनमतJuly 30, 2019July 30, 201902146 प्रो.सदानन्द शाही किसानों की आत्म हत्यायें हमारे समाज की भयावह सचाई है। भारत जैसे देश में किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं यह शर्मशार कर देने...
जनमत ‘ बुद्धिजीवी और कलाकार की खाल ओढ़े हत्या-सत्ता-समर्थकों की हम भर्त्सना करते हैं ’समकालीन जनमतJuly 30, 2019 by समकालीन जनमतJuly 30, 201902083 चार लेखक संगठनों का साझा बयान लेखक-कलाकार हमेशा से सत्ता के विरोध में रहे हैं, लेकिन मोदीराज में सत्ता के विरोध का विरोध एक स्थायी...
जनमतशख्सियतस्मृति सदगति : ‘ग़म क्या सिर के कटने का’*समकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 2019 by समकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 201906257 प्रो. सदानन्द शाही सदगति दलित पात्र दुखी की कहानी है। दुखी ने बेटी की शादी तय की है। साइत विचरवाने के लिए पं0. घासीराम को बुलाने...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति बच्चों की निगाह में प्रेमचंदसमकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 2019 by समकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 201901399 [2016 में 31 जुलाई को जसम के कार्यक्रम ‘मशाल-ए-प्रेमचंद’ में बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें ]...
जनमतशख्सियतस्मृति मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया : गजानन माधव मुक्तिबोधसमकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 2019 by समकालीन जनमतJuly 29, 2019July 29, 201903736 एक छाया-चित्र है । प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं । प्रसाद गम्भीर सस्मित । प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य । विभिन्न विचित्र प्रकृति...
जनमतशख्सियतस्मृति प्रेमचंद ने ‘अछूत की शिकायत’ को कथा-कहानी में ढालाडॉ रामायन रामJuly 28, 2019July 29, 2019 by डॉ रामायन रामJuly 28, 2019July 29, 20193 4076 1914 में हिंदी की प्रतिष्ठित पत्रिका सरस्वती में हीरा डोम की कविता अछूत की शिकायत प्रकाशित हुई थी,जिसमे कवि ने अछूतों के साथ होने...
जनमतशख्सियतस्मृति नई पीढ़ी को भी उम्दा साहित्य के संस्कार देने वाले प्रेमचंदअभिषेक मिश्रJuly 28, 2019July 28, 2019 by अभिषेक मिश्रJuly 28, 2019July 28, 201902512 कहा जाता है ‘साहित्य समाज का दर्पण है’। साहित्यकारों से भी यही अपेक्षा रखी जाती है। पर धीरे-धीरे आजादी मिलने से पूर्व और इसके बाद...
जनमतज़ेर-ए-बहस मिया काव्यः चक्रव्यूह में फंसे समुदाय की आवाज़राम पुनियानीJuly 28, 2019July 28, 2019 by राम पुनियानीJuly 28, 2019July 28, 201902009 गत 10 जुलाई 2019 को दस असमिया कवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से अधिकांश मुसलमान हैं और उस साहित्यिक धारा के...
जनमतशख्सियतस्मृति रेलवे स्टेशन पर प्रेमचन्दसमकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 2019 by समकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 201902253 डॉ. रेखा सेठी अभी हाल ही में नयी दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर मुझे प्रेमचन्द की लोकप्रियता का नया अनुभव हुआ। स्टेशन के लगभग हर...
कविताजनमत प्रतिरोध का रसायन तैयार करती उस्मान ख़ान की कविताएँसमकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 2019 by समकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 201902907 खुशियाँ अच्छी हैं बहुत, मगर इसमें भी अतिश्योक्ति है! उस्मान की कविताओं का संसार, एक ऐसा संघन संसार है जहाँ एक हाथ को नहीं सूझता दूसरा...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति साहित्य का उद्देश्य: प्रेमचंदसमकालीन जनमतJuly 26, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 26, 2019July 26, 2019013608 [1936 में प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन लखनऊ में प्रेमचंद द्वारा दिया गया अध्यक्षीय भाषण] यह सम्मेलन हमारे साहित्य के इतिहास में स्मरणीय घटना है।...
जनमतस्मृति प्रेमचंद के फटे जूते: हरिशंकर परसाईसमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 201905487 प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने...
जनमतज़ेर-ए-बहसस्मृति प्रेमचंद साहित्य में दलित विमर्श: प्रो. चमनलालसमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 27, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 27, 201909658 प्रो. चमनलाल प्रेमचंद के दलित विमर्श को लेकर हिन्दी लेखकों में काफी विवाद है। प्रेमचंद के जीवनकाल के दौरान भी उनके साहित्य को लेकर विवाद...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति प्रेमचंद जी: महादेवी वर्मासमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 201905763 प्रेमचंदजी से मेरा प्रथम परिचय पत्र के द्वारा हुआ. तब मैं आठवीं कक्षा की विद्यार्थिनी थी. मेरी “दीपक” शीर्षक एक कविता शायद “चाँद” में प्रकाशित...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति ‘सांप्रदायिकता और संस्कृति’ : प्रेमचंद (प्रेमचंद पर शृंखला की शुरुआत)समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 25, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 25, 201903189 31 जुलाई को कथाकार प्रेमचंद का जन्मदिन है। समकालीन जनमत अपने पाठकों के लिए आज से 31 जुलाई तक प्रेमचंद पर एक विशेष शृंखला की शुरुआत...
जनमतपुस्तक आक्सफ़ोर्ड की मार्क्स सहायिकागोपाल प्रधानJuly 24, 2019July 24, 2019 by गोपाल प्रधानJuly 24, 2019July 24, 201912382 2019 में आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से मैट विडाल, टोनी स्मिथ, तोमास रोट्टा और पाल प्रेव के संपादन में ‘द आक्सफ़ोर्ड हैंडबुक आफ़ कार्ल मार्क्स’ का...
जनमत मनीष और अमिता : ‘ नक्सली दम्पत्ति ’ की कहानी मेरी जुबानीसीमा आज़ादJuly 22, 2019July 22, 2019 by सीमा आज़ादJuly 22, 2019July 22, 201902403 यह सरकार अपनी अल्पसंख्यक, दलित, महिला, आदिवासी, पर्यावरण विरोधी सत्ता को कायम रखने के लिए दो तरह के काम कर रही है। एक ओर तो...
जनमत बैंक राष्ट्रीयकरण का स्वर्ण जयन्ती वर्ष : बैंकों के निजीकरण का मुखर और सक्रिय विरोध जरूरीसमकालीन जनमतJuly 22, 2019 by समकालीन जनमतJuly 22, 201902659 19 जुलाई 2019 को बैंक राष्ट्रीयकरण का स्वर्ण जयंती दिवस था। 1969 के पहले केवल स्टेट बैंक आफ इंडिया राष्ट्रीयकृत बैंक था। 1 जुलाई 1955...
कविताजनमत अरमान आनंद की कविताएँ भावुक बयान ही नहीं प्रतिबद्धता और बदलाव की छटपटाहट भी हैंडॉ रामायन रामJuly 21, 2019July 21, 2019 by डॉ रामायन रामJuly 21, 2019July 21, 201904314 कविता के क्षेत्र में आये हर युवतर और नए कवि का मौलिक स्वर रोमांस होता है।रुमानियत उनकी संवेदना का मूल सेंसर होता है।अपने समय की...
जनमत पाठ्यपुस्तकों में आरएसएसः राष्ट्र और राष्ट्र निर्माण की विरोधाभासी अवधारणाएँराम पुनियानीJuly 19, 2019July 19, 2019 by राम पुनियानीJuly 19, 2019July 19, 201902217 राष्ट्रवाद एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केन्द्र में है. पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा कि किस तरह सरकार के आलोचकों को राष्ट्रद्रोही...