कविताजनमत अंधेरे के ख़िलाफ़ ज़माने को आगाह करती हैं मुकुल सरल की कविताएँसमकालीन जनमतOctober 6, 2019October 6, 2019 by समकालीन जनमतOctober 6, 2019October 6, 20197 3499 गीतेश सिंह अभी कुछ सप्ताह पहले जब हम त्रिलोचन को याद कर रहे थे, तो उनकी एक कविता लगातार ज़ेहन में चलती रही -कविताएँ रहेंगी तो/ सपने...
पुस्तक सिनेमा के बारे में जावेद अख्तर से नसरीन मुन्नी कबीर की बातचीतसमकालीन जनमतOctober 6, 2019April 8, 2020 by समकालीन जनमतOctober 6, 2019April 8, 20203 4249 गीतेश सिंह भारतीय सिनेमा पर हिंदी में या तो बहुत कम साहित्य उपलब्ध है, या मेरी खोज की ही सीमा रही होगी कि बहुत दिनों से...
जनमतशख्सियतस्मृति गांधी और उनके हत्यारेइन्द्रेश मैखुरीOctober 2, 2019October 2, 2019 by इन्द्रेश मैखुरीOctober 2, 2019October 2, 20196 4363 आज जब महात्मा गांधी की पैदाइश के 150 साल पूरे हो रहे हैं,तब लगता है कि एक चक्र पूरा हो कर दुष्चक्र की ओर बढ़...
स्वाद के बहाने रानीवाड़ा के टुक्कड़संजय जोशीSeptember 30, 2019April 11, 2020 by संजय जोशीSeptember 30, 2019April 11, 202013138 (‘प्रतिरोध का सिनेमा’ के राष्ट्रीय संयोजक संजय जोशी अपनी सिनेमा यात्राओं के सिलसिले में देश भर में घूमते रहते हैं । खाने-खिलाने के शौकीन संजय...
कविताजनमत प्रज्ञा की कविता व्यक्ति पर समाज और सत्ता के प्रभाव से उठने वाली बेचैनी हैसमकालीन जनमतSeptember 29, 2019September 29, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 29, 2019September 29, 201903442 निकिता नैथानी ‘कविताएँ आती हैं आने दो थोड़ी बुरी निष्क्रिय और निरीह हो तो भी..’ इस समय जब लोग आवाज़ उठाने और स्पष्ट रूप से...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति वीरेन डंगवाल की याद: अचानक यह हुआ कि मैं रिसेप्शन में अकेला पड़ गयासमकालीन जनमतSeptember 28, 2019October 2, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 28, 2019October 2, 201901885 अशोक पाण्डे जब उनसे पहली बार मिला वे नैनीताल के लिखने-पढ़ने वालों के बीच एक सुपरस्टार का दर्जा हासिल चुके थे. उनकी कविताओं की पहली...
जनमतपुस्तक सुभाष राय की चिंताओं, सरोकार और लेखकीय दृष्टि से परिचित कराती एक पुस्तक ‘ जाग मछन्दर जाग’समकालीन जनमतSeptember 27, 2019September 27, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 27, 2019September 27, 201904152 प्रोफ़ेसर अरुण होता मिथक के अनुसार शिवजी पार्वती को योग एवं ज्ञान के गूढ तत्व बता रहे थे तो एक मत्स्य ने सब कुछ सुन लिया...
कहानी उत्पीड़न के विरुद्ध उम्मीदों की ‘सुलगन’समकालीन जनमतSeptember 27, 2019April 8, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 2019April 8, 202002687 आलोक रंजन कैलाश वानखेड़े की किताब ; सुलगन ! नौ कहानियों वाले इस संग्रह में इस नाम की कोई कहानी नहीं है लेकिन ‘सुलगन’ हर...
साहित्य-संस्कृति ‘जनता का अर्थशास्त्र ’ एक जरूरी किताब – प्रो रमेश दीक्षितसमकालीन जनमतSeptember 26, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 26, 20198 2817 लखनऊ। आवारा पूंजी साम्राज्यवादी पूंजी का नया चेहरा है। वह राजनीति पर कब्जा जमाती है, उसे अपना गुलाम बनाती है। वह जिस अर्थशास्त्र को निर्मित...
जनमतपुस्तक ‘बड़ी कविता को वक्त के सवालों और सन्दर्भों से जोड़कर उसका एक नया पाठ करना होगा’योगेंद्र आहूजाSeptember 24, 2019September 24, 2019 by योगेंद्र आहूजाSeptember 24, 2019September 24, 201902886 अवधेश त्रिपाठी की इस आलोचना पुस्तक में हिंदी की आधुनिक कविता के पांच प्रमुख कवियों के कृतित्व की विवेचना है । वे हमारे देश के...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक ‘कविता का लोकतंत्र’ पर परिचर्चासमकालीन जनमतSeptember 24, 2019September 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 24, 2019September 24, 201903052 अनुपम सिंह जन संस्कृति मंच की घरेलू गोष्ठी में अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक “कविता का लोकतंत्र” पर परिचर्चा संपन्न हुई . यह परिचर्चा दिनांक 21...
नाटकसाहित्य-संस्कृति ट्रॉल्स के महाजाल को भेदता है राजेश कुमार का नाटक ‘ खेल खतम ’समकालीन जनमतSeptember 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 24, 201901805 लखनऊ। राजेश कुमार राजनीतिक और ज्वलन्त विषयों पर अपने नाटक के लिए ख्यात है। उनका नया नाटक है ‘खेल खतम’। इस नाटक का पाठ उन्होंने...
ख़बरसिनेमा आइसा और संगवारी ने की छात्रों के लिए फ़िल्म स्क्रीनिंगसमकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 22, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 22, 20190857 दिल्ली विश्वविद्यालय से सटे कल्याण विहार इलाके में आज छात्र संगठन आइसा और सांस्कृतिक संगठन संगवारी ने मिलकर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया।...
कविता एकांत और संवेदना की नमी में आकंठ डूबा कवि प्रभात मिलिंदसमकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 24, 201904096 रंजना मिश्र प्रभात मिलिंद की कविताओं से गुज़रना संवेदनशील आधुनिक मानव मन की निरी एकांत यात्रा तो है ही साथ ही परिवार समाज और देश...
साहित्य-संस्कृति तश्ना आलमी की शायरी में श्रम का सौंदर्य – कौशल किशोरसमकालीन जनमतSeptember 19, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 19, 201902963 तश्ना आलमी की याद में लखनऊ में हुआ कार्यक्रम लखनऊ। तश्ना आलमी की शायरी प्रेम, संघर्ष व श्रम से मिलकर बनी है। इसमें श्रम का...
जनमतशख्सियतसिनेमा ‘अपनी तारीख़ का उन्वान बदलना है तुझे’समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 201901702 गीतेश सिंह फ़िल्म, टेलीविजन और थिएटर की जानी मानी अभिनेत्री और अनेक अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी शबाना आज़मी का आज जन्म दिन है...
चित्रकलाशख्सियत एम एफ हुसैन की कला में मुक्ति, संघर्ष और प्रगतिशीलता प्रधान स्वर हैंसमकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 201902168 (17 सितम्बर जाने माने चित्रकार, पद्म विभूषण से सम्मानित मकबूल फिदा हुसैन का जन्म दिन होता है । हुसैन साहब की याद में प्रस्तुत है...
ख़बरशख्सियतस्मृति पाकिस्तान के साम्यवादी और ट्रेड यूनियन नेता तुफ़ैल अब्बास की मृत्यु पर शोक संदेशसमकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 16, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 16, 201902693 विजय सिंह तुफ़ैल अब्बास (1927 – 9/9/2019) 9 सितंबर को काराची मे काॅमरेड तुफ़ैल अब्बास का निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। वे...
कविताजनमत आत्मीयता का रंग और लोक का जीवट : इरेन्द्र की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 15, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 15, 20193 4019 कुमार मुकुल आत्मीयता इरेन्द्र बबुअवा की कविताओं का मुख्य रंग है। इस रंग में पगे होने पर दुनियावी राग-द्वेष जल्दी छू नहीं पाता। भीतर बहती...
जनभाषाशिक्षा राजभाषा का उद्देश्य जनता के कल्याण में निहित होना चाहिएसमकालीन जनमतSeptember 14, 2019April 8, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 14, 2019April 8, 202003019 अम्बरीश त्रिपाठी ऐतिहासिक भूलों को भूल जाने में आम भारतीयों का कोई सानी नहीं है। उपनिवेश बनने की कहानी को कितनी जल्दी और आसानी से...