जेएनयू का मसला चल ही रहा था कि हुक्मरानों की मेहरबानी से न्यायालय, संविधान, न्यायमूर्ति, राष्ट्रपति, राज्यपाल जैसे जुमले हवा में तैरने लगे हैं. पूरा...
राजेश मल्ल महात्मा गांधी की150वीं जयन्ती के अवसर पर रुपातंर नाट्य मंच द्वारा दी.द.उ.गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के संवाद भवन में एक अद्भुत नाटक ‘ चम्पारण...
पंकज चतुर्वेदी ‘वीरेनियत-4’ के अन्तर्गत इंडिया हैबिटेट सेण्टर, नयी दिल्ली में शुभा जी का कविता-पाठ सुना। उनकी कविताएँ समकालीन परिस्थितियों से उपजे इतने गहन तनाव...