कविताजनमत अंधेरे के ख़िलाफ़ ज़माने को आगाह करती हैं मुकुल सरल की कविताएँसमकालीन जनमतOctober 6, 2019October 6, 2019 by समकालीन जनमतOctober 6, 2019October 6, 20197 3510 गीतेश सिंह अभी कुछ सप्ताह पहले जब हम त्रिलोचन को याद कर रहे थे, तो उनकी एक कविता लगातार ज़ेहन में चलती रही -कविताएँ रहेंगी तो/ सपने...