व्यंग्य आख़िर क्यों? दी नेशन वॉन्ट्स टू नो!समकालीन जनमतMay 20, 2020May 31, 2020 by समकालीन जनमतMay 20, 2020May 31, 20204 2634 ( एक तरफ़ महामारी और दूसरी तरफ़ सरकारी तंत्र की नाकामी के कारण मानव जीवन की हाड़ कंपा देने वाली ऐसी भयानक बेक़दरी को उसके...
ज़ेर-ए-बहस “ सभी मॉडल व्यर्थ साबित हुए हैं, अलबत्ता उनमें कुछ उपयोगी हैं ”समकालीन जनमतMay 19, 2020May 20, 2020 by समकालीन जनमतMay 19, 2020May 20, 202003334 ‘केरल मॉडल’ अगर कामयाब हुआ तो ज़रूरी नहीं कि सारे मॉडल पास होंगे। आख़िर जॉर्ज बॉक्स ने कहा भी तो है “सभी मॉडल व्यर्थ साबित...
शख्सियत सभ्यता का संकट-रवींद्रनाथ टैगोरसमकालीन जनमतMay 17, 2020May 19, 2020 by समकालीन जनमतMay 17, 2020May 19, 202005189 (रवीन्द्रनाथ टैगोर के आखिरी व्याख्यान ‘क्राइसिस ऑफ सिविलाइजेशन’ का यह अनुवाद हम समकालीन जनमत के पाठकों के लिए दे रहे हैं । अनुवाद किया है ...
कविता पंकज की कविताएँ जाति-संरचना के कठोर सच की तीखी बानगी हैंसमकालीन जनमतMay 17, 2020May 18, 2020 by समकालीन जनमतMay 17, 2020May 18, 202003625 सुशील मानव पंकज चौधरी की कविताएँ दरअसल विशुद्ध जाति विमर्श (कास्ट डिस्कोर्स) की कविताएँ हैं। जो अपने समय की राजनीति, संस्कृति ,समाज, अर्थशास्त्र न्याय व्यवस्था...
कहानीसाहित्य-संस्कृति लाल्टू की चार कहानियों का पाठसमकालीन जनमतMay 14, 2020May 14, 2020 by समकालीन जनमतMay 14, 2020May 14, 202002226 (समकालीन जनमत द्वारा चलाई जा रही फ़ेसबुक लाइव श्रंखला के तहत 12 मई 2020 की शाम हिंदी रचनाकार लाल्टू ने अपनी चार कहानियों ‘काश कि...
ख़बर ऐक्टू ने औरंगाबाद और विशाखापट्टनम में हुए हादसों के ख़िलाफ़ किया देशव्यापी प्रदर्शनसमकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 2020 by समकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 20206 1189 आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) ने औरंगाबाद और विशाखापट्टनम में मजदूरों की मौत के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन किया....
दुनिया जाति और छुआछूत की बीमारी समकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 2020 by समकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 202004618 (यह लेख भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार ‘मुकुल केसवन’ का है जो मूल रूप से अंग्रेजी अख़बार ‘द टेलीग्राफ’ में 26 अप्रैल, 2020 को छपा था....
कविता उर्दू-हिंदी की साझा संस्कृति के शायर संजय कुमार कुंदनसमकालीन जनमतMay 10, 2020May 11, 2020 by समकालीन जनमतMay 10, 2020May 11, 202002995 ख़ुर्शीद अक़बर संजय कुमार कुन्दन उर्दू-हिन्दी के ऐसे एकमात्र कवि-शायर हैं , जो साझा- संस्कृति के सशक्त प्रतिनिधि ( नुमाइनदा) की हैसियत रखते हैं और...
कविता ‘ फ्री कालिंग है पर बातचीत के हालात नहीं हैं ‘समकालीन जनमतMay 9, 2020May 10, 2020 by समकालीन जनमतMay 9, 2020May 10, 202002616 आठ मई की शाम समकालीन जनमत द्वारा आयोजित फ़ेसबुक लाइव में जब कवि पंकज चतुर्वेदी अपने कविता पाठ के लिए प्रस्तुत हुए तो काफ़ी देर...
जनमत लॉकडाउन और बच्चों की मौतसमकालीन जनमतMay 9, 2020May 9, 2020 by समकालीन जनमतMay 9, 2020May 9, 20203 2233 देश में हर साल कुपोषण और भुखमरी से लाखों बच्चें मर जाते हैं, जबकि यहां अनाज से गोडाउन भरे पड़े हैं. ऐसे में भूख से...
पुस्तक क्या हमें भी कोई शाहूजी महाराज जैसा शासक मिलेगासमकालीन जनमतMay 8, 2020May 9, 2020 by समकालीन जनमतMay 8, 2020May 9, 202002790 समकालीन जनमत’ फेसबुक लाइव के जरिए आज सुधीर सुमन ने चर्चित कथाकार संजीव के उपन्यास ‘प्रत्यंचा’ के कुछ महत्वपूर्ण अंशों का पाठ किया। विशाखापट्टनम के...
जनमत लॉकडाउन और किसानों की स्थितिसमकालीन जनमतMay 8, 2020May 8, 2020 by समकालीन जनमतMay 8, 2020May 8, 202001353 शशिकान्त त्रिपाठी रबी की फसल का अंतिम महीना और ऊपर से लॉकडाउन ज़रा सोचिए कि किसानों की क्या स्थिति होगी, सबसे पहले हम सम्पूर्णता में...
सिनेमास्मृति रवीन्द्रनाथ और हिंदुस्तानी सिनेमासमकालीन जनमतMay 7, 2020May 8, 2020 by समकालीन जनमतMay 7, 2020May 8, 202002743 गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मदिवस पर प्रदीप दाश रवीन्द्रनाथ टैगोर ने साहित्य की सभी विधाओं में लिखा लेकिन सबसे पहले वह एक कवि ही थे....
शख्सियत वह आग मार्क्स के सीने में जो हुई रौशनसमकालीन जनमतMay 5, 2020May 6, 2020 by समकालीन जनमतMay 5, 2020May 6, 20200947 आज 5 मई को कार्ल मार्क्स के जन्मदिन पर दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी की प्राध्यापिका उमा राग की आवाज़ में प्रस्तुत हैं दो कविताएँ ।...
कवितापुस्तक जीवन, मानवीय संबंध और संघर्षों की निरंतरता की कविताएँसमकालीन जनमतMay 4, 2020May 4, 2020 by समकालीन जनमतMay 4, 2020May 4, 202001275 डॉ. अली इमाम खाँ बलभद्र का कविता-संग्रह ” समय की ठनक ” को पढ़ने, समझने और महसूस करने का मौक़ा मिला। इन कविताओं से गुज़रते...
ज़ेर-ए-बहस रोटी, दवा, सुरक्षा जरूरी है या पुष्प वर्षा ?समकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 2020 by समकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 202002521 रीता शर्मा ऐसे समय जबकि हम “कोरोना महामारी” से जूझ रहे हैं और 21 मार्च से लगातार देश बंदी के चलते श्रमिक वर्ग, प्राइवेट नौकरी...
कविता कथाओं में जीवन को बुनता कवि वसंत सकरगाएसमकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 2020 by समकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 202003984 संजीव कौशल कविता कुछ ना कुछ बचाने की कोशिश है कोई आँसू कोई मुस्कान कुछ उम्मीद कुछ निराशा कुछ दर्द ताकि मुश्किल वक्त में कुछ...
ज़ेर-ए-बहस वन्यजीवों के व्यापार का चौंकाने वाला इतिहास और कोविड-19समकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 2020 by समकालीन जनमतMay 3, 2020May 4, 202002097 ब्रायन बार्थ विगत 40 वर्षों में, चीन की सरकार ग्रामीण आर्थिक विकास के तौर पर वन्यजीव व्यापार को बढ़ावा देती आई है। लेकिन इस सर्दी...
जनमतस्मृति सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 20203 2196 आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
सिनेमास्मृति मुझे लगा कि मैं एक्टिंग में अपने आपको एक्सप्लोर कर सकता हूँ – इरफ़ान खान समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 202002864 राज्य सभा टी वी के मशहूर प्रोगाम 'गुफ़्तगू' में एक्टर इरफ़ान खान के साथ इरफ़ान की बातचीत...