समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

अपने ढंग से जीने के हौसले का कवि राजेश कमल

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सुधीर सुमन राजेश कमल लगभग ढाई दशक से अधिक समय से कविताएं लिख रहे हैं, लेकिन कविता पाठ और प्रकाशन से आम तौर पर बचते...
कवितासाहित्य-संस्कृति

स्त्री की व्यथा और सामर्थ्य के कवि विवेक चतुर्वेदी

समकालीन जनमत
जसवीर त्यागी विवेक चतुर्वेदी समकालीन हिन्दी कविता के एक बेहतरीन कवि हैं। उनकी बड़ी खूबी यह है कि उनके स्वभाव और उनकी कविता में उतावलापन...
ज़ेर-ए-बहस

घरेलू महिलाओं के श्रम की ‘अनुत्पादकता’ पर एक नज़र

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र   औरतें यहाँ नहीं दिखतीं हमारी सामाजिक व्यवस्था का केन्द्र परिवार है। और स्त्री-जीवन का केन्द्र इस परिवार का रसोई घर! इसे यहाँ...
कविता

दौरे हाजि़र पर एक गहरी नज़र हैं ग़ज़ाला की ग़ज़लें

समकालीन जनमत
नवनीत शर्मा ग़ज़ाला की ग़ज़लों में सबके अहसास अपनी लिखी कहानी को ही जी रही हूँ अब इक जैसा ही तो है मेरा किरदार ,और...
ख़बर

यंग इंडिया के शांति मार्च पर दिल्ली पुलिस का सुनियोजित हमला

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नई दिल्ली 3 मार्च 2020 यंग इंडिया ने दिल्ली पुलिस द्वारा नफरत फैलाने वाले बयान और दमन के बरख्स शांति के नारे को बुलंद किया! ...
कविताजनमत

विनय कुमार की कविताएँ ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से संवलित हैं

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल यक्षिणी की भूमिका में विनय लिखते हैं – ‘…अतीत का बोध मुझे न तो गौरवान्वित करता है, न दुखी और न ही असहाय;...
ख़बर

हम देखेंगे: सीएए-एनपीआर-एनआरसी के ख़िलाफ़ दिल्ली में कल होगा लेखकों-कलाकारों का सम्मेलन

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सीएए – एनपीआर – एनआरसी के खिलाफ़ अखिल भारतीय लेखक-कलाकार सम्मेलन लेखकों, कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों की ओर से आगामी एक मार्च को 11 बजे से  दिल्ली के...
कविताजनमत

‘रंजना के नवगीत और ग़ज़लें सृजन की धरती पर एक विराट संवेदना बो रहे हैं’

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कल्पना मनोरमा वर्तमान के खुरदरे जीवन व्यापारों के यथार्थ से जूझती एक अकेली स्त्री का गरिमा पूर्ण आत्म परिचय इन पंक्तियों से बेहतर क्या होगा? ...
स्मृति

हुई नामवरी सुबह की सांझ….

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हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक नामवर सिंह (जन्म: 1 मई 1927- मृत्यु: 19 फ़रवरी 2019) को युवा लेखिका अर्पिता राठौर की भावांजलि। सम्पा.   अर्पिता राठौर...
कविताजनमत

नवनीत की ग़ज़लें यथास्थितिवाद का प्रतिकार हैं

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प्रभात मिलिंद मेरी नज़र में एक ग़ज़लगो होना और एक शायर होना दो मुख़्तलिफ़ इल्म हैं. ग़ज़लगोई एक हुनर (स्किल) है और शायरी एक तेवर...
ख़बर

NPR-NRC करने की बजाए शिक्षा-स्वास्थ्य की चिंता करे सरकार : कविता कृष्णन

समकालीन जनमत
  सीएए-एनआरसी व एनपीआर से मुस्लिम ही नहीं, गैर मुस्लिमों को भी खतरा – 25 फरवरी को पटना में बिहार असेंबली पर ग्रामीण और शहरी...
कविताजनमत

मौन में जीवन की साधना करता कवि जगतारजीत सिंह

समकालीन जनमत
संजीव कौशल जिस तरह पेड़ साल भर सारे मौसम सोखकर अगले साल फूल और फल देता है, कविता भी उसी तरह न जाने कितना जीवन...
कविताजनमत

सुषमा की कविताएँ प्रेम के विविध शेड्स को उभारती हैं

समकालीन जनमत
रत्नेश विश्वकसेन सुषमा गुप्ता की कविताएँ जिन्हें वह क्षणिकाएँ कहती हैं अनुभूतियों की कौंध है जिसे ठीक ठीक पकड़ कर अभिव्यक्त करने में सुषमा सफल...
कविताजनमत

अपूर्णता से उपजे तनाव की कवयित्री हैं ज्योति शोभा

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र छुपने के लिए साँस भर जगह.. ज्योति शोभा की कविताओं में उतरने के लिए धैर्य अपेक्षित है। थोड़ी सी भी हड़बड़ी इसके सौंदर्य...
कविताजनमत

समय के छद्म को उसकी बहुस्‍तरियता में उद्घाटित करतीं कल्पना मनोरमा

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कुमार मुकुल लालसा सन्यास के पद गुनगुनाये चाटुकारी जब रचे उपसर्ग प्रत्यय तुष्ट होकर अहम सजधज मुस्कुराये। वर्तमान समय की राजनीतिक उलटबांसी और उससे पैदा...
ख़बर

‘ हिंदी : वैश्विक परिदृश्य-भाषा, साहित्य और अनुवाद ’ पर अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 9-11 जनवरी को

समकालीन जनमत
नई दिल्ली. इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) का अनुवाद तथा अनुवाद अध्ययन केंद्र, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के दक्षिण एशियाई भाषा कार्यक्रम तथा कोलंबिया यूनिवर्सिटी हिंदी-उर्दू भाषा...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
ख़बरजनमत

दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

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दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

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कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
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