कविता अरुण आदित्य वक्र उक्ति के सहज कवि हैंसमकालीन जनमतJanuary 8, 2023January 8, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 8, 2023January 8, 20230158 बोधिसत्व कवि अरुण आदित्य की कविता हिंदी में कहाँ उपस्थित है इस बात का आकलन इन पंद्रह कविताओं से नहीं किया जा सकता। वे स्थापित...
कविता पूनम सोनछात्रा की कविताएँ प्रेम और दर्शन के महीन सिरे हैंसमकालीन जनमतJanuary 1, 2023January 1, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 1, 2023January 1, 20230172 नवीन रांगियाल कई बार मैं महसूस करता हूँ कि कविताएँ किसी की नींद की तरह होनी चाहिए. उसकी धड़कन की हल्की आवाज़ें महसूस करने की...
कविता सुंदर चंद ठाकुर की कविताएँ मर्मभेदी यथार्थ को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतDecember 18, 2022December 18, 2022 by समकालीन जनमतDecember 18, 2022December 18, 20220311 कुमार मुकुल फौजी, संपादक और मैराथन दौड़ाक सुंदर चंद ठाकुर के भीतर इतना संवेदनशील कवि निवास करता है यह नहीं जान पाता अगर उनकी ‘चयनित...
कविता सुधा उपाध्याय की कविताएँ सत्ता के क्रूर प्रपंचों को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतDecember 11, 2022December 11, 2022 by समकालीन जनमतDecember 11, 2022December 11, 20220228 अंशु चौधरी समकालीन हिंदी कविता परिदृश्य में सुधा उपाध्याय परिचित नाम हैं। वे अपनी रचनाओं में अपनी विशिष्ट रचनात्मक तेवर, भाषा, और नवीन एवं सूक्ष्म...
कविता दिव्या श्री की कविताएँ अपने परिवेश को ईमानदारी से व्यक्त करने की कोशिशें हैंसमकालीन जनमतDecember 4, 2022December 4, 2022 by समकालीन जनमतDecember 4, 2022December 4, 20220167 देवेश पथ सारिया युवा कवयित्री दिव्या श्री की कविताओं को लेकर सकारात्मक बातें पहले कहूँ तो दिव्या श्री द्वारा अपने परिवेश को ईमानदारी से व्यक्त...
कविता महेश वर्मा की कविताएँ अनेक अबूझ, बिखरे दृश्यों से संवाद करती हैंसमकालीन जनमतNovember 27, 2022November 27, 2022 by समकालीन जनमतNovember 27, 2022November 27, 20220401 वसु गंधर्व पाठक बड़ी तन्मयता से, कविताओं के आवरणों से होकर कवि के हृदय की निशीथ तहों को आँकता है। कविता की अपनी अर्थ-भाव-भूमि से इतर,...
पुस्तक भगत सिंह के साथी: यह किताब क्रांतिकारियों को तथ्यात्मक विवेचना की आधार भूमि पर परखते हुए नए रूप में सामने लाती हैसमकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 2022 by समकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 20220116 अश्रुत परमानंद किसी कवि, (शायद शैलेंद्र) की पंक्तियाँ थीं, “भगतसिंह इस बार न काया, लेना भारत वासी की. मातृभूमि के लिए अभी भी, सजा ...
कविता शशिभूषण बडोनी की कविताएँ बड़ी सरलता से दिल पर दस्तक देती हैंसमकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 2022 by समकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 20220144 कल्पना पंत शशिभूषण बडोनी की कविताएँ बड़ी सरलता और ख़ामोशी से दिल पर दस्तक देती हैं. पहली बार इन कविताओं को पढ़ने पर शिल्प की...
जनमत ‘प्रेम’ नवीन रांगियाल की कविताओं का अर्क हैसमकालीन जनमतNovember 13, 2022November 13, 2022 by समकालीन जनमतNovember 13, 2022November 13, 2022073 गीत चतुर्वेदी नवीन रांगियाल की कविताएँ पढ़ते हुए प्राचीन संस्कृत काव्यशास्त्र की सहज स्मृति हो जाती है। नवीन अपनी कविता में हर अक्षर, हर शब्द...
स्मृति प्रोफ़ेसर मैनेजर पांडेय को विदाई सलाम: जसमसमकालीन जनमतNovember 6, 2022November 6, 2022 by समकालीन जनमतNovember 6, 2022November 6, 20220313 जन संस्कृति मंच के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हिंदी के मूर्धन्य आलोचक मैनेजर पांडेय का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। आज...
कविता बाबुषा की कविताएँ जीवन को तप करके पत्थर के बरक्स पानी बना देने की हिमायती हैंसमकालीन जनमतOctober 30, 2022October 30, 2022 by समकालीन जनमतOctober 30, 2022October 30, 20220273 दीपक जायसवाल मेरे ज़माने की ऐसी लेखिका जिसे पानी पर लिखी तहरीरें पढ़ना आता है, बारिशें जिनकी पुरखिन हैं, जिनके यहाँ सूरज पर लगा ग्रहण,...
कविता सुभाष यादव की कविताएँ संभावनाओं की आवाज़ हैंसमकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 2022 by समकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 20220302 विनय सौरभ सुभाष यादव की कविताएँ आपको चौंकाएँगी नहीं। न ही किसी विस्मय से भरेंगी ! ये कविताएँ वैसी ही हैं जैसे किसी निर्जन...
कविता आशीष त्रिपाठी की कविताएँ विषाक्त दौर में प्रकृति की दरियादिली को ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 2022 by समकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 20220404 विपिन चौधरी रचनात्मक और जिज्ञासु संचेतना देर-सवेर अपनी भाषा विकसित कर लेती है. यह भाषा कवि की आत्मा की भाषा है. अपने भीतर के...
कविता अखिल कत्याल की कविताएँ दोस्त की तरह हैंसमकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 2022 by समकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 20220123 शुभम श्री अखिल की कविताओं को कैसे पढ़ें सबसे पहले इन पाँच सौ शब्दों के चिट्ठे को नज़रअंदाज करें और तेज गति से स्क्रोल कर...
स्मृति नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।समकालीन जनमतOctober 5, 2022October 5, 2022 by समकालीन जनमतOctober 5, 2022October 5, 20220152 अच्युतानंद मिश्र नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।याद आता है 2012 में जबलपुर में उनसे मुलाकात हुई थी। उनसे बात करते हुए...
पुस्तक ‘उम्मीद चिनगारी की तरह’ संग्रह की कविताएँ अपने समय को रचतीं, अभिव्यक्ति के ख़तरों को धता बताती हैंसमकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 2022 by समकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 20220223 दिविक रमेश कौशल किशोर प्रारम्भ से ही एक सजग और ज़िम्मेदार कवि के रूप में अपनी राह बनाते हुए आज उम्मीद से लबालब भरी चिंगारी...
कविता लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैंसमकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 2022 by समकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 20220122 प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैंसमकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 20220173 देवेश पथ सारिया वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
ख़बर मुक्तिबोध स्मृति दिवस पर फासीवाद के खिलाफ एकता व प्रतिरोध का संकल्पसमकालीन जनमतSeptember 12, 2022September 12, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 12, 2022September 12, 20220101 मुक्तिबोध के स्मृति दिवस के अवसर पर केसरबाग स्थित इप्टा कार्यालय में ‘फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए” विषय पर...
कविता आयुष पाण्डेय की कविताएँ मनुष्यता की बेहद सरल सतह पर जीती हैंसमकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 2022098 संध्या नवोदिता ये ताज़गी भरी कविताएँ हैं. प्रेम में गले गले तक डूबी. विछोह में साँस रोकती. हज़ार तरह के सवाल पूछती. दुनिया के बुनियादी...