समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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पुस्तक

‘उम्मीद चिनगारी की तरह’ संग्रह की कविताएँ अपने समय को रचतीं, अभिव्यक्ति के ख़तरों को धता बताती हैं

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दिविक रमेश कौशल किशोर प्रारम्भ से ही एक सजग और ज़िम्मेदार कवि के रूप में अपनी राह बनाते हुए आज उम्मीद से लबालब भरी चिंगारी...
कविता

लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैं

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प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता

जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैं

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देवेश पथ सारिया   वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
ख़बर

मुक्तिबोध स्मृति दिवस पर  फासीवाद के खिलाफ एकता व प्रतिरोध का संकल्प

समकालीन जनमत
मुक्तिबोध के स्मृति दिवस के अवसर पर केसरबाग स्थित इप्टा कार्यालय में  ‘फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए” विषय पर...
कविता

आयुष पाण्डेय की कविताएँ मनुष्यता की बेहद सरल सतह पर जीती हैं

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संध्या नवोदिता ये ताज़गी भरी कविताएँ हैं. प्रेम में गले गले तक डूबी. विछोह में साँस रोकती. हज़ार तरह के सवाल पूछती. दुनिया के बुनियादी...
कविता

नाइजीरियाई कवि बेन ओकरी की कविताएँ

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विपिन चौधरी   नाइजीरियाई कवि और उपन्यासकार बेन ओकरी आज के समय में दुनिया भर के साहित्यिक पटल पर लोकप्रिय नाम है. बेन का जन्म...
कविता

मनीष कुमार यादव की कविताएँ अपनी चुप्पी में एक बहुत गझिन यात्रावृत्त को समेटे रहती हैं

समकालीन जनमत
वसु गन्धर्व मनीष की कविताएँ एक कठिन ज़मीन की कविताएँ हैं जो अपने प्रस्तावित पाठ में पाठक से उतने ही सृजनात्मक संघर्ष की अपेक्षा करती...
जनमत

सावन वाइब्स- कांवड़ यात्रा के हवाले से

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तूलिका तीर्थ यात्राओं के महात्म्य से शायद ही कोई धर्म अछूता रहा हो। अगर तीर्थ यात्रा के इर्द गिर्द की बतकही या किवदंतियों से अंदाजा...
कविता

विमल भाई की कविताएँ क्वीयर कविता के संघर्ष और सौंदर्यबोध की बानगी हैं

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अखिल कत्याल विमल भाई, अलविदा! कुछ एक साल पहले की बात है। अपनी मित्र अदिति अंगिरस के साथ मैं एक ‘क्वीयर कविताओं’ के संग्रह का...
शख्सियत

दिलखरोंच आवाज वाला लफ्जों का जुलाहा

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पीयूष कुमार आज गुलज़ार साहब की  88वीं सालगिरह है। गुलज़ार वे शायर, गीतकार, साहित्यकार हैं जिन्होंने अपने कहन के तरीके से अदब की रवायतों, रूढ़ियों...
कविता

जसम का आयोजनः खौफनाक समय से मुठभेड़ करती कविताओं का पाठ

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अभी हाल के दिनों में जन संस्कृति मंच की रायपुर ईकाई ने शब्द प्रसंग के तहत छत्तीसगढ़ के दस बेहद उर्वर कवियों को लेकर एक...
कविता

भरत प्रसाद की कविताएँ: यह शरीर जो कारागृह है घोंट रहा मेरा पक्षीपन

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आशीष त्रिपाठी                                                                          भरत प्रसाद कवि हैं । कवि होने की सभी शर्तों को पूरा करते कवि । उनकी कविताओं की दुनिया घर से बाहर,...
कविता

नरेश गुर्जर की कविता दृश्य की पृष्ठभूमि पर ठहरी हुई निगाह है

समकालीन जनमत
बबली गुर्जर कविताओं की सरलता उनकी ख़ूबसूरती का पैमाना होती है। कुछ कविताएँ किसी पदबंध के अधीन नहीं होती। उन्हें सुनते पढ़ते समय जिया भी...
साहित्य-संस्कृति

आजादी के 75 वर्ष और प्रेमचंद के सपने

समकालीन जनमत
कल्पनाथ यादव  प्रेमचंद के समूचे लेखन में उनका तत्कालीन समय किस रंग में प्रतिभासित होता है,  अपने समय के सवालों से कैसे सामना करते हैं...
कविता

वसु गन्धर्व की कविताएँ मन्द्र उपस्थिति के मुखर स्वर हैं

समकालीन जनमत
रंजना मिश्र कुछ स्वर अपनी मन्द्र उपस्थिति में अधिक सुन्दर, अधिक मुखर होते हैं। वे कोमल, गझिन और एकान्तिक होते हुए भी अपनी ज़मीन पर...
कविता

शुभम नेगी की कविताएँ इंद्रधनुषी चेतना का प्रसार एवं मनुष्यता की फिसलन की चिंता हैं

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देवेश पथ सारिया युवा कवि शुभम नेगी की कलम नई है, शुभम अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के लिए कुछ सकारात्मक रचना चाहते हैं।...
सिनेमा

शांतिलाल और तितली का रहस्य

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प्रशांत विप्लवी प्रतिम डी गुप्त उभरते बांग्ला फिल्मकार हैं। ठीक तीन साल पहले उनकी एक फ़िल्म बंगाल के सिनेमाघरों में हाउसफुल का बोर्ड लटकवाने में...
कविता

प्रवीण परिमल की कविताओं में प्रेम है तो अन्याय का प्रतिकार भी

समकालीन जनमत
कौशल किशोर प्रवीण परिमल की कविताओं पर आलोचक प्रो रविभूषण का कहना है ‘जो प्रेम नहीं करता, वह मनुष्य ही नहीं है।…..प्रेम ही जीवन है।...
कविता

अदनान कफ़ील दरवेश के संग्रह ‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ का काव्यपाठ एवं समीक्षा गोष्ठी

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जसम दिल्ली की ओर से घरेलू गोष्ठी श्रृंखला में भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित युवा कवि अदनान कफ़ील दरवेश के पहले काव्य-संग्रह ‘ठिठुरते लैम्प...
कविता

प्रकृति प्रेमी और अन्याय के विरुद्ध  संकल्पबद्ध कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल

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कल्पना पंत ‘प्राची से झरने वाली आशा का तो अंत नहीं’ एक पूरा दिन चंद्रकुँवर बर्त्वाल से संबंधित क्षेत्रों के भ्रमण में बीता. वह स्थान...
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