कविता सुभाष यादव की कविताएँ संभावनाओं की आवाज़ हैंसमकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 2022 by समकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 20220304 विनय सौरभ सुभाष यादव की कविताएँ आपको चौंकाएँगी नहीं। न ही किसी विस्मय से भरेंगी ! ये कविताएँ वैसी ही हैं जैसे किसी निर्जन...
कविता आशीष त्रिपाठी की कविताएँ विषाक्त दौर में प्रकृति की दरियादिली को ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 2022 by समकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 20220409 विपिन चौधरी रचनात्मक और जिज्ञासु संचेतना देर-सवेर अपनी भाषा विकसित कर लेती है. यह भाषा कवि की आत्मा की भाषा है. अपने भीतर के...
कविता अखिल कत्याल की कविताएँ दोस्त की तरह हैंसमकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 2022 by समकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 20220127 शुभम श्री अखिल की कविताओं को कैसे पढ़ें सबसे पहले इन पाँच सौ शब्दों के चिट्ठे को नज़रअंदाज करें और तेज गति से स्क्रोल कर...
स्मृति नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।समकालीन जनमतOctober 5, 2022October 5, 2022 by समकालीन जनमतOctober 5, 2022October 5, 20220161 अच्युतानंद मिश्र नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।याद आता है 2012 में जबलपुर में उनसे मुलाकात हुई थी। उनसे बात करते हुए...
पुस्तक ‘उम्मीद चिनगारी की तरह’ संग्रह की कविताएँ अपने समय को रचतीं, अभिव्यक्ति के ख़तरों को धता बताती हैंसमकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 2022 by समकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 20220229 दिविक रमेश कौशल किशोर प्रारम्भ से ही एक सजग और ज़िम्मेदार कवि के रूप में अपनी राह बनाते हुए आज उम्मीद से लबालब भरी चिंगारी...
कविता लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैंसमकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 2022 by समकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 20220128 प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैंसमकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 20220184 देवेश पथ सारिया वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
ख़बर मुक्तिबोध स्मृति दिवस पर फासीवाद के खिलाफ एकता व प्रतिरोध का संकल्पसमकालीन जनमतSeptember 12, 2022September 12, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 12, 2022September 12, 20220104 मुक्तिबोध के स्मृति दिवस के अवसर पर केसरबाग स्थित इप्टा कार्यालय में ‘फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए” विषय पर...
कविता आयुष पाण्डेय की कविताएँ मनुष्यता की बेहद सरल सतह पर जीती हैंसमकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 20220105 संध्या नवोदिता ये ताज़गी भरी कविताएँ हैं. प्रेम में गले गले तक डूबी. विछोह में साँस रोकती. हज़ार तरह के सवाल पूछती. दुनिया के बुनियादी...
कविता नाइजीरियाई कवि बेन ओकरी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 4, 2022September 4, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 4, 2022September 4, 2022066 विपिन चौधरी नाइजीरियाई कवि और उपन्यासकार बेन ओकरी आज के समय में दुनिया भर के साहित्यिक पटल पर लोकप्रिय नाम है. बेन का जन्म...
कविता मनीष कुमार यादव की कविताएँ अपनी चुप्पी में एक बहुत गझिन यात्रावृत्त को समेटे रहती हैंसमकालीन जनमतAugust 28, 2022August 28, 2022 by समकालीन जनमतAugust 28, 2022August 28, 20220195 वसु गन्धर्व मनीष की कविताएँ एक कठिन ज़मीन की कविताएँ हैं जो अपने प्रस्तावित पाठ में पाठक से उतने ही सृजनात्मक संघर्ष की अपेक्षा करती...
जनमत सावन वाइब्स- कांवड़ यात्रा के हवाले सेसमकालीन जनमतAugust 23, 2022August 27, 2022 by समकालीन जनमतAugust 23, 2022August 27, 2022049 तूलिका तीर्थ यात्राओं के महात्म्य से शायद ही कोई धर्म अछूता रहा हो। अगर तीर्थ यात्रा के इर्द गिर्द की बतकही या किवदंतियों से अंदाजा...
कविता विमल भाई की कविताएँ क्वीयर कविता के संघर्ष और सौंदर्यबोध की बानगी हैंसमकालीन जनमतAugust 21, 2022August 21, 2022 by समकालीन जनमतAugust 21, 2022August 21, 2022069 अखिल कत्याल विमल भाई, अलविदा! कुछ एक साल पहले की बात है। अपनी मित्र अदिति अंगिरस के साथ मैं एक ‘क्वीयर कविताओं’ के संग्रह का...
शख्सियत दिलखरोंच आवाज वाला लफ्जों का जुलाहासमकालीन जनमतAugust 18, 2022August 18, 2022 by समकालीन जनमतAugust 18, 2022August 18, 2022089 पीयूष कुमार आज गुलज़ार साहब की 88वीं सालगिरह है। गुलज़ार वे शायर, गीतकार, साहित्यकार हैं जिन्होंने अपने कहन के तरीके से अदब की रवायतों, रूढ़ियों...
कविता जसम का आयोजनः खौफनाक समय से मुठभेड़ करती कविताओं का पाठसमकालीन जनमतAugust 16, 2022August 16, 2022 by समकालीन जनमतAugust 16, 2022August 16, 2022037 अभी हाल के दिनों में जन संस्कृति मंच की रायपुर ईकाई ने शब्द प्रसंग के तहत छत्तीसगढ़ के दस बेहद उर्वर कवियों को लेकर एक...
कविता भरत प्रसाद की कविताएँ: यह शरीर जो कारागृह है घोंट रहा मेरा पक्षीपनसमकालीन जनमतAugust 14, 2022August 14, 2022 by समकालीन जनमतAugust 14, 2022August 14, 20220114 आशीष त्रिपाठी भरत प्रसाद कवि हैं । कवि होने की सभी शर्तों को पूरा करते कवि । उनकी कविताओं की दुनिया घर से बाहर,...
कविता नरेश गुर्जर की कविता दृश्य की पृष्ठभूमि पर ठहरी हुई निगाह हैसमकालीन जनमतAugust 7, 2022August 9, 2022 by समकालीन जनमतAugust 7, 2022August 9, 20220198 बबली गुर्जर कविताओं की सरलता उनकी ख़ूबसूरती का पैमाना होती है। कुछ कविताएँ किसी पदबंध के अधीन नहीं होती। उन्हें सुनते पढ़ते समय जिया भी...
साहित्य-संस्कृति आजादी के 75 वर्ष और प्रेमचंद के सपनेसमकालीन जनमतAugust 2, 2022August 4, 2022 by समकालीन जनमतAugust 2, 2022August 4, 20220181 कल्पनाथ यादव प्रेमचंद के समूचे लेखन में उनका तत्कालीन समय किस रंग में प्रतिभासित होता है, अपने समय के सवालों से कैसे सामना करते हैं...
कविता वसु गन्धर्व की कविताएँ मन्द्र उपस्थिति के मुखर स्वर हैंसमकालीन जनमतJuly 31, 2022July 31, 2022 by समकालीन जनमतJuly 31, 2022July 31, 20220345 रंजना मिश्र कुछ स्वर अपनी मन्द्र उपस्थिति में अधिक सुन्दर, अधिक मुखर होते हैं। वे कोमल, गझिन और एकान्तिक होते हुए भी अपनी ज़मीन पर...
कविता शुभम नेगी की कविताएँ इंद्रधनुषी चेतना का प्रसार एवं मनुष्यता की फिसलन की चिंता हैंसमकालीन जनमतJuly 24, 2022July 24, 2022 by समकालीन जनमतJuly 24, 2022July 24, 20220108 देवेश पथ सारिया युवा कवि शुभम नेगी की कलम नई है, शुभम अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के लिए कुछ सकारात्मक रचना चाहते हैं।...