चित्रकला आम जनों का चित्रकार लोवे कयालीअशोक भौमिकJuly 28, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकJuly 28, 2018December 9, 201902522 आम परिचय विहीन लोगों को अपने चित्रों में जिन आधुनिक चित्रकारों ने बखूबी से चित्रित किया है , उनमें सीरियाई चित्रकार लोवे कयाली ( Louay...
कहानी सामंती वैभव के प्रति नॉस्टेल्जिया से ग्रस्त है कहानी ‘ रज्जब अली ’डॉ रामायन रामJuly 25, 2018July 29, 2018 by डॉ रामायन रामJuly 25, 2018July 29, 201803055 ‘ रज्जब अली ’ कहानी में कथाकार बड़ा आख्यान रचने की कोशिश में कई ऐसी गलतियाँ कर बैठे हैं जिसकी वजह से अपने बड़े उद्देश्य...
स्मृति मोहन भारद्वाज ने मैथिली साहित्य में आधुनिक-प्रगतिवादी दृष्टिबोध स्थापित किया: जसमसमकालीन जनमतJuly 25, 2018July 25, 2018 by समकालीन जनमतJuly 25, 2018July 25, 201803246 जन संस्कृति मंच ने मैथिली के वरिष्ठ आलोचक मोहन भारद्वाज के निधन पर शोक संवेदना जाहिर करते हुए कहा है कि उनका निधन भारतीय साहित्य...
कहानी रज्जब अली: कहानी: हेमंत कुमारमृत्युंजयJuly 22, 2018July 22, 2018 by मृत्युंजयJuly 22, 2018July 22, 20182 3425 रज्जब अली तेज कदमों से गेहूँ की सीवान के बीच से मेंड़ पर सम्हलते हुए नदी के पास कब्रिस्तान की तरफ बढ़े जा रहे थे।...
कवितास्मृति वह पीड़ा का राजकुंवर थासमकालीन जनमतJuly 20, 2018July 20, 2018 by समकालीन जनमतJuly 20, 2018July 20, 201802874 नीरज प्यार की अहमियत और अपरिहार्यता पर बराबर इसरार करते रहे और वास्तविक जीवन में उसे असंभव जानकर उसकी करुणा से भी आप्लावित रहे. यथार्थ...
चित्रकला एक साधारण सा चित्रअशोक भौमिकJuly 19, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकJuly 19, 2018December 9, 20196 2992 यूरोप में सदियों तक धार्मिक चित्रों और राजा-रानी-सामंतों के चित्र बनाने की परंपरा चली आ रही थी, उसे चुनौती देते हुए ज्याँ फ्रांसोआ मिले जैसे...
कवितापुस्तक आसिफ़ाओं के लिएसमकालीन जनमतJuly 16, 2018July 16, 2018 by समकालीन जनमतJuly 16, 2018July 16, 201802313 पिछले पाँच सालों से देश में जो धर्म-ध्वजा फहर रही है, और सांप्रदायिकता का जो उन्माद लोगों की नसों में घुल रहा है, उसी का...
कविता आधुनिक जीवन की विसंगतियों के मध्य मानवीय संवेदना की पहचान की कवितायेंसमकालीन जनमतJuly 15, 2018July 15, 2018 by समकालीन जनमतJuly 15, 2018July 15, 201802799 विनय दुबे की कविताओं में सहजता और दृश्य की जटिलताओं का जो सहभाव नज़र आता है, वह उन्हें अपनी पीढ़ी का अप्रतिम कवि बनाता है....
कविता एक कविता: हिंग्लिश [शुभम श्री]मृत्युंजयJuly 14, 2018July 14, 2018 by मृत्युंजयJuly 14, 2018July 14, 201803297 शुभम श्री हमारे साथ की ऐसी युवा कवि हैं जिनकी कविताओं में बाँकपन की छब है। एक ख़ास तंज़ भरी नज़र और भाषा को बरतने...
स्मृति कबूतरी देवीः पहाड़ी बेगम अख़्तर का मज़दूर चेहरासमकालीन जनमतJuly 12, 2018July 12, 2018 by समकालीन जनमतJuly 12, 2018July 12, 20186 2162 बुलन्द आवाज़ और खनकदार गले की मलिका स्वर कोकिला लोक गायिका कबूतरी देवी 7 जुलाई की सुबह दुनिया से विदा हो गईं और फ़िज़ाओं में...
सिनेमा लस्ट स्टोरीज : अपनी राह तलाशती स्त्रियाँसमकालीन जनमतJuly 11, 2018July 11, 2018 by समकालीन जनमतJuly 11, 2018July 11, 201803234 ‘लस्ट स्टोरीज’ पिछले तीन दशकों में हुए सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक गहमागहमी से बनती गई नयी स्त्री और उसके पुरुष के साथ संबंधों को एक्सप्लोर करती है. यह...
चित्रकला विन्सेंट वॉन गॉग के ‘आलू खाते लोग ’अशोक भौमिकJuly 11, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकJuly 11, 2018December 9, 201902916 चित्र में एक लालटेन की रौशनी में हम पांच लोगों को खाने की मेज़ पर बैठे देख पाते हैं. वॉन गॉग ने इस चित्र में...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति प्रेम के निजी उचाट से लौटती स्त्री की कविता : विपिन चौधरी की कवितायेँउमा रागJuly 8, 2018July 8, 2018 by उमा रागJuly 8, 2018July 8, 20182 3348 विपिन की कवितायेँ लगातार बाहर-भीतर यात्रा करती हुईं एक ऐसी आंतरिकता को खोज निकालती हैं जो स्त्री का अपना निजी उचाट भी है और दरख्तों,...
सिनेमा संजू: इसे बायोपिक की तरह न देख कर देखिएआशुतोष कुमारJuly 4, 2018July 5, 2018 by आशुतोष कुमारJuly 4, 2018July 5, 20185 2348 फ़िल्म संजय दत्त की ज़िंदगी की तमाम सचाइयों को दिखाती हो या नहीं, जिस कहानी को वह सचमुच दिखाती है, वह भरोसेमंद, मार्मिक और इतिहास-संगत...
चित्रकला चित्रों में कला बाज़ार का शुरूआती चेहराअशोक भौमिकJuly 3, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकJuly 3, 2018December 9, 20195 2676 डेविड टेनियर द्वारा 1651 में बनाया यह चित्र कला-व्यापार के आरंभिक दौर का एक दस्तावेजी चित्र है. इस चित्र में ब्रसेल्स के एक कला व्यापारी...
साहित्य-संस्कृतिस्मृति प्रो तुलसीराम का चिन्तन अम्बेडकरवाद और मार्क्सवाद के बीच पुल – वीरेन्द्र यादवसमकालीन जनमतJuly 2, 2018July 2, 2018 by समकालीन जनमतJuly 2, 2018July 2, 201802861 प्रो तुलसी राम ने जहां मार्क्सवाद के रास्ते दलित आंदोलन का क्रिटिक रचा, वहीं उन्होंने वामपंथ के अन्दर मौजूद जातिवादी प्रवृतियों का भी विरोध किया....
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति पठनीयता का संबंध वास्तविकता से होता हैसमकालीन जनमतJuly 1, 2018July 1, 2018 by समकालीन जनमतJuly 1, 2018July 1, 201802872 (प्रेमचंद की परंपरा को नये संदर्भ और आयाम देने वाले हिंदी भाषा के कहानीकारों में अमरकांत अव्वल हैं। अमरकांत से शोध के सिलसिले में सन्...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति संजीव कौशल की कविताएँ : प्रतिगामी विचारों का विश्वसनीय प्रतिपक्षउमा रागJuly 1, 2018October 13, 2019 by उमा रागJuly 1, 2018October 13, 201903782 जागृत राजनीतिक चेतना, समय और समाज की विडम्बनाओं की गहरी समझ और भाषा की कलात्मक पारदर्शिता के कारण संजीव कौशल की कवितायेँ नयी सदी की युवा...
शख्सियतस्मृति भुलाए नहीं भूलेगा यह दिनसमकालीन जनमतJune 30, 2018June 30, 2018 by समकालीन जनमतJune 30, 2018June 30, 201802931 कमरे में चौकी पर बैठे थे नागार्जुन. पीठ के पीछे खुली खिड़की से जाड़े की गुनगुनी धूप आ रही थी. बाहर गौरैया चहचहा रही थी....
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति कबीर और नागार्जुन की जयंती से जन एकता सांस्कृतिक यात्रा आरम्भसमकालीन जनमतJune 28, 2018June 29, 2018 by समकालीन जनमतJune 28, 2018June 29, 20185 3864 बेगूसराय. आज ज्येष्ठ पूर्णिमा दिनांक 28/06/2018 को जन संस्कृति मंच की ओर से कबीर और आधुनिक कबीर नागार्जुन की सम्मिलित जयंती मनायी गयी। इस जयंती...