कविता प्रतिभा की कविताएँ स्त्री जीवन के सवालों को मानव सभ्यता के सवालों से जोड़ती हैंसमकालीन जनमतOctober 4, 2020October 4, 2020 by समकालीन जनमतOctober 4, 2020October 4, 202002494 बसन्त त्रिपाठी प्रतिभा कटियार उन कवियों में है जिनके पास अपनी आत्मीय भाषा तो है ही, अपनी भावनाओं से ज़रा दूर जाकर चीज़ों को देखने...
कहानीसाहित्य-संस्कृति दुनिया में जो भी करुणा है, प्रेम है, मौलिकता है वह स्त्रियों के ही कारण है ! : कथाकार शिवमूर्तिसमकालीन जनमतSeptember 30, 2020September 30, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 30, 2020September 30, 202002446 कोरस के फेसबुक लाइव में 20 सितंबर को हिंदी के प्रसिद्द कथाकार शिवमूर्ति जी तथा समता राय से दीपक ने बातचीत की । कार्यक्रम की...
भाषा उर्दू की क्लास : नाज़नीन, नाज़मीन और नाज़रीनसमकालीन जनमतSeptember 27, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 202003374 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की आठवीं क़िस्त में नाज़नीन, नाज़मीन और नाज़रीन के फ़र्क़ के मायने के...
कविता अंतिम आदमी की हालत बयाँ करतीं विधान की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 202002625 कुमार मुकुल गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’ की कविताएँ ‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह से लेकर सीधा नारा की तर्ज़ पर गांधी के ‘अंतिम आदमी’ की...
साहित्य-संस्कृति साहित्य का स्त्री स्वर और कृष्णा सोबतीसमकालीन जनमतSeptember 22, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 22, 202003151 कोरस द्वारा विगत दो वर्षों से महादेवी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यानमाला’ का आयोजन इलाहाबाद में होता रहा है |...
सिनेमा संगीत के बहाने युवा मुक्ति की तलाश है बन्दिश बैण्डिट्सदुर्गा सिंहSeptember 21, 2020February 26, 2021 by दुर्गा सिंहSeptember 21, 2020February 26, 202102901 बंदिश बैंडिट्स वेब श्रृंंखला अमेज़न प्राइम वीडियो पर प्रसारित हुई है। इसके पहले सीजन में दस कड़ियां हैं। हिंदी में आयी संभवतः यह पहली वेब...
कविता मुमताज़ सत्ता की चालाकियों को अपनी शायरी में बड़े सलीके से बेनक़ाब करते हैंसमकालीन जनमतSeptember 20, 2020September 20, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 20, 2020September 20, 202002199 संविधान के पन्नों में तंबाकू विल्स की भर-भर के संसद की वो चढ़ें अटरिया, जै जै सीता-जै जै राम ये एक ऐसे शायर का शे’र...
कविता विश्वकर्मा पूजा : रिपोर्ताज़समकालीन जनमतSeptember 17, 2020September 18, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 17, 2020September 18, 202001633 ( हिंदी के वरिष्ठ कथाकार शेखर जोशी ने इलाहाबाद के 508 आर्मी बेस वर्कशॉप में नौकरी करते हुए लम्बा समय कारख़ाने में कारीगरों के बीच...
भाषा उर्दू की क्लास : “ख़िलाफ़त” और “मुख़ालिफ़त” का फ़र्क़समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 202002871 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की सातवीं क़िस्त में “ख़िलाफ़त” और “मुख़ालिफ़त” के फ़र्क़ के मायने के बहाने...
कविता छूटते हुए ज़रूरी प्रश्नों का कवि अंजन कुमारसमकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 202003187 बसन्त त्रिपाठी सत्ता संरचना में अंतर्निहित क्रूर आकांक्षाओं को जिन युवा कवियों ने रोजमर्रा के अनुभवों से पकड़ने में अतिरिक्त रूप से सजगता दिखाई...
साहित्य-संस्कृति यलगार का कोरससमकालीन जनमतSeptember 12, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 12, 202002733 बीते रविवार कोरस के फेसबुक लाइव में यलगार सांस्कृतिक मंच के साथियों सिद्धार्थ प्रतिभावंत, स्वाती उथले और धम्मरक्षित ने युवाओं, महिलाओं, मजदूरों, शोषित एवं दलित...
मीडिया ‘ अर्णब गोस्वामी ने गंभीर पत्रकारिता की हत्या कर दी, उसे एक चुटकुले में तब्दील कर दिया ’समकालीन जनमतSeptember 8, 2020September 8, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 8, 2020September 8, 202003029 रिपब्लिक टीवी के जम्मू कश्मीर ब्यूरो चीफ तेजिंदर सिंह सोढी ने बीते दिनों इस्तीफा दे दिया. रिपब्लिक टीवी की एच.आर. प्रमुख/ उपाध्यक्ष को भेजा गया...
साहित्य-संस्कृति दुनिया की दीवारों में रचनाकार खिड़की के समान: प्रो. शंभुनाथसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 202002512 अम्बरीन आफ़ताब डॉ. राही मासूम रज़ा साहित्य अकादमी एवं प्रकाशक मंच के संयुक्त तत्त्वावधान में दिनांक 01 सितंबर, 2020 को फेसबुक लाइव के माध्यम से...
कविता स्त्री जीवन के अनचीन्हे सच को दर्ज करतीं रजनी अनुरागी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 202004208 संजीव कौशल रजनी अनुरागी की कविताओं से गुज़रना, शरीर के ताप को सीधे महसूस करना है वह ताप जिसमें धीरे धीरे एक स्त्री का जीवन...
भाषा उर्दू की क्लास : “क़वायद तेज़” का मतलबसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 202002952 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की छठी क़िस्त में “क़वायद तेज़” के मायने के बहाने उर्दू भाषा के...
भाषा उर्दू की क्लास : “मौज़ूं” और “मौज़ू” का फ़र्क़समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 202004571 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की पांचवीं क़िस्त में “मौज़ूं” और “मौज़ू” के फ़र्क़ के बहाने उर्दू भाषा...
कविता समवेत की आवाज़ हैं मनोज कुमार झा की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 202002286 सन्तोष कुमार चतुर्वेदी अब तलक जिन क्षेत्रों को दुर्गम समझा जाता था, आज की कविता वहाँ की यात्रा सहज ही कर लेती है। अब तलक...
पुस्तक ‘ रोजा लक्जेमबर्ग : द बायोग्राफी ’गोपाल प्रधानAugust 30, 2020August 30, 2020 by गोपाल प्रधानAugust 30, 2020August 30, 202002534 2019 में वर्सो से जे पी नेट्ल की किताब ‘ रोजा लक्जेमबर्ग: ए बायोग्राफी’ का प्रकाशन हुआ । दो खंडों में लिखी इस जीवनी की...
भाषा उर्दू की क्लास : “आज होगा बड़ा ख़ुलासा!”समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002623 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की चौथी क़िस्त में “ख़ुलासा” और “बेग़म” के मायने के बहाने उर्दू भाषा...
कविता सियाह समय से परे एक नई सुबह की दरियाफ़्त करतीं शंकरानंद की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002699 प्रभात मिलिंद युवा कवि शंकरानंद की इन कविताओं को पढ़ना अपनी ही खोई हुई ज़मीन की तरफ़ फ़िर से लौटने, अपनी ही विस्मृत जड़ों को...