कविता स्त्री जीवन के अनचीन्हे सच को दर्ज करतीं रजनी अनुरागी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 202004186 संजीव कौशल रजनी अनुरागी की कविताओं से गुज़रना, शरीर के ताप को सीधे महसूस करना है वह ताप जिसमें धीरे धीरे एक स्त्री का जीवन...
भाषा उर्दू की क्लास : “क़वायद तेज़” का मतलबसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 202002949 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की छठी क़िस्त में “क़वायद तेज़” के मायने के बहाने उर्दू भाषा के...
भाषा उर्दू की क्लास : “मौज़ूं” और “मौज़ू” का फ़र्क़समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 202004502 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की पांचवीं क़िस्त में “मौज़ूं” और “मौज़ू” के फ़र्क़ के बहाने उर्दू भाषा...
कविता समवेत की आवाज़ हैं मनोज कुमार झा की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 202002284 सन्तोष कुमार चतुर्वेदी अब तलक जिन क्षेत्रों को दुर्गम समझा जाता था, आज की कविता वहाँ की यात्रा सहज ही कर लेती है। अब तलक...
पुस्तक ‘ रोजा लक्जेमबर्ग : द बायोग्राफी ’गोपाल प्रधानAugust 30, 2020August 30, 2020 by गोपाल प्रधानAugust 30, 2020August 30, 202002531 2019 में वर्सो से जे पी नेट्ल की किताब ‘ रोजा लक्जेमबर्ग: ए बायोग्राफी’ का प्रकाशन हुआ । दो खंडों में लिखी इस जीवनी की...
भाषा उर्दू की क्लास : “आज होगा बड़ा ख़ुलासा!”समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002620 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की चौथी क़िस्त में “ख़ुलासा” और “बेग़म” के मायने के बहाने उर्दू भाषा...
कविता सियाह समय से परे एक नई सुबह की दरियाफ़्त करतीं शंकरानंद की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002697 प्रभात मिलिंद युवा कवि शंकरानंद की इन कविताओं को पढ़ना अपनी ही खोई हुई ज़मीन की तरफ़ फ़िर से लौटने, अपनी ही विस्मृत जड़ों को...
स्मृति ‘अल्लाह-ओम् ’ : पंडित जसराज की यादसमकालीन जनमतAugust 21, 2020August 21, 2020 by समकालीन जनमतAugust 21, 2020August 21, 202002482 देवराज त्रिपाठी ‘आया है सो जाएगा ’…..सूरज उगा है तो अस्त होगा ही. लेकिन ढलते सूरज की रोशनी में कुछ पल ठहरकर ये सोचना...
फ़ोटोग्राफ़ी 2400 वर्ग फ़ीट की तस्वीर संजय जोशीAugust 19, 2020August 20, 2020 by संजय जोशीAugust 19, 2020August 20, 202001866 ( प्रतिरोध का सिनेमा अभियान अपनी घुमंतू सिनेमा यात्राओं की वजह से भी आम लोगों के बीच अर्थपूर्ण सिनेमा को सार्थक तरह से पहुंचाने में...
सिनेमा औरतों की बहुत सी कहानियाँ हमारा इंतज़ार कर रही हैंसमकालीन जनमतAugust 18, 2020August 18, 2020 by समकालीन जनमतAugust 18, 2020August 18, 202001869 (कोविड -19 की त्रासदी ने हमारे जीवन के सभी पहलुओं पर असर डाला है . हमारी सिनेमा बिरादरी के क्रियाकलाप पर भी इसका बहुत प्रभाव...
व्यंग्य हम ट्रिपल आज़ाद लोगलोकेश मालती प्रकाशAugust 17, 2020August 17, 2020 by लोकेश मालती प्रकाशAugust 17, 2020August 17, 202001943 तीसरी आज़ादी अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ कर हासिल की गई ज़मीन पर राम मन्दिर का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अगस्त की...
कविता अनुराधा अनन्या की कविताएँ आधी आबादी के पूरे सच को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 2020 by समकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 202003234 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री अनुराधा अनन्या की कविताओं में स्त्री-विमर्श किन्हीं सिद्धान्तों या भारी भरकम वैचारिक जुगाली के बजाय एक व्यावहारिक और यथार्थ रूप...
भाषा उर्दू की क्लास : जामिया “यूनिवर्सिटी” कहना कितना मुनासिब ?समकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 2020 by समकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 202002335 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की तीसरी क़िस्त में जामिया के मायने के बहाने उर्दू भाषा के पेच-ओ-ख़म...
व्यंग्य चंद तस्वीर-ए-बुताँसमकालीन जनमतAugust 15, 2020August 19, 2020 by समकालीन जनमतAugust 15, 2020August 19, 202001600 उर्दू के प्रसिद्ध लेखक मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी का यह हास्य-व्यंग्य लेख उनकी पुस्तक ख़ाकम बदहन (मेरे मुँह में ख़ाक ) से लिया गया है. अनुवाद ...
स्मृति आंदोलन-संघर्ष के मोर्चे पर हमेशा याद आएंगे त्रेपन भाईइन्द्रेश मैखुरीAugust 15, 2020August 15, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीAugust 15, 2020August 15, 202001928 यह 1998 का साल था. उस साल उच्चतम न्यायालय ने 02 अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड आंदोलन के दौरान गठित मुजफ्फरनगर कांड के संदर्भ में 1996...
स्मृति कौमी एकता और आम अवाम के जनतांत्रिक संघर्षों की आवाज थे राहत इंदौरी : जसमसमकालीन जनमतAugust 12, 2020August 12, 2020 by समकालीन जनमतAugust 12, 2020August 12, 202002556 जन संस्कृति मंच ने सुविख्यात शायर राहत इंदौरी की कोरोना संक्रमण के दौरान हृदयाघात से हुई मौत को देश की साझी संस्कृति और हिंदुस्तानी साहित्य...
पुस्तक विनोद पदरज के ‘देस’ की कविताओं में भारतीय लोक अपनी विडंबनाओं व ताकत के साथ व्यक्त हुआ हैकुमार मुकुलAugust 9, 2020August 9, 2020 by कुमार मुकुलAugust 9, 2020August 9, 202002157 ‘देस’ में संकलित विनोद पदरज की कविताएँ इंडिया से अलग भारतीय लोक की सकारात्मक कथाओं को उनकी बहुस्तरीय बुनावट के साथ प्रस्तुत करती हैं। इन...
भाषा उर्दू की क्लास : “क़मर” और “कमर” में फ़र्क़समकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 2020 by समकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 202004559 ( छापाखाने के आविष्कार के बाद तमाम चीज़ें काग़ज़ के पन्नों में छपकर किताब की शक्ल में आने से भाषा एक नयी चाल में ढलने...
कविता गौरव भारती की कविताएँ अपने समय और सियासत की जटिलताओं की शिनाख़्त हैंसमकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 2020 by समकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 202003362 निशांत कोई कवि या कविता तब हमारा ध्यान खींचती है, जब वो हमारे भीतर के तारों को धीरे से छू दे । हमारे भावलोक में...
पुस्तक पूंजीवाद का संक्षिप्त इतिहासगोपाल प्रधानAugust 7, 2020August 7, 2020 by गोपाल प्रधानAugust 7, 2020August 7, 202002196 2017 में बाडली हेड से यनाइस वरफ़काइस की किताब ‘टाकिंग टु माइ डाटर एबाउट द इकोनामी: ए ब्रीफ़ हिस्ट्री आफ़ कैपिटलिज्म’ का प्रकाशन हुआ। ग्रीक...