जनमत भीड़ हमला-हत्या की घटनाएँ निर्देशित घटनाएँ हैंसमकालीन जनमतJuly 18, 2018July 18, 2018 by समकालीन जनमतJuly 18, 2018July 18, 201802147 इन निर्देशित गिरोहों को बाकायदे हत्या की मशीन में तब्दील किया जा रहा है. गौरी लंकेश के हत्यारे का बयान इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें...
जनमत फासीवाद का परीक्षण पूरे सवाब पर हैसमकालीन जनमतJuly 17, 2018 by समकालीन जनमतJuly 17, 201802766 "अभी पूरी दुनिया में क्या चल रहा है इसे समझने के लिए हमें दो चीजों पर गौर करने की जरूरत है। पहला यह है कि...
जनमत जाति, धर्म और व्यवस्था की कोख से पैदा हो रही मॉब लिंचिंग जैसी बर्बर संस्कृतिसमकालीन जनमतJuly 16, 2018 by समकालीन जनमतJuly 16, 201801935 गरीब और कमजोर पर जुल्म करने की प्रवृत्ति का फैलाव इसलिए बढ़ा है कि न्यायिक व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है. जब तक...
जनमत बथानी टोला जनसंहार : न्याय का इंतजार कब तक ?चंदनJuly 13, 2018July 13, 2018 by चंदनJuly 13, 2018July 13, 201803162 22 साल पहले 11 जुलाई, 1996 को दो बजे दिन में रणवीर सेना के कोई 50-60 हथियारबन्द लोगों ने बथानी टोला को घेर कर हमला...
जनमत पेप्सी को सण्डीला में पानी लूटने की छूट क्योंसमकालीन जनमतJuly 11, 2018 by समकालीन जनमतJuly 11, 201804496 ऐसा अनुमान है कि पेप्सी संयंत्र 5 से 15 लाख लीटर पानी रोजाना जमीन के नीचे से निकाल रहा है. एक लीटर शीतल पेय बनाने...
जनमत सारण के स्कूल में छात्रा के साथ सात महीने से गैंग रेपसमकालीन जनमतJuly 9, 2018July 9, 2018 by समकालीन जनमतJuly 9, 2018July 9, 201801604 सारण जिले के एकमा थाने क्षेत्र के परसागढ़ स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 10 वीं क्लास की एक छात्रा के साथ सात महीने से लगातार...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति प्रेम के निजी उचाट से लौटती स्त्री की कविता : विपिन चौधरी की कवितायेँउमा रागJuly 8, 2018July 8, 2018 by उमा रागJuly 8, 2018July 8, 20182 3345 विपिन की कवितायेँ लगातार बाहर-भीतर यात्रा करती हुईं एक ऐसी आंतरिकता को खोज निकालती हैं जो स्त्री का अपना निजी उचाट भी है और दरख्तों,...
जनमतशिक्षा देशी-विदेशी पूँजी के मुनाफे को बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा के ऊपर लगातार हमले होंगेसमकालीन जनमतJuly 4, 2018July 5, 2018 by समकालीन जनमतJuly 4, 2018July 5, 20188 1498 उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों को मात्र भाजपा-कांग्रेस के नजरिए से नहीं, बल्कि शासक वर्ग के नजरिए से देखना ही ठीक होगा. तभी हम...
जनमत हजारीबाग : बागों से कंक्रीट में बदलता शहरसमकालीन जनमतJuly 1, 2018July 1, 2018 by समकालीन जनमतJuly 1, 2018July 1, 20182 2456 हजारीबाग के पर्यावरण की बात है, अब पहले जैसी बात नहीं रही. यह शहर कंक्रीट में बदलता जा रहा है. इस बार की यात्रा में...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति संजीव कौशल की कविताएँ : प्रतिगामी विचारों का विश्वसनीय प्रतिपक्षउमा रागJuly 1, 2018October 13, 2019 by उमा रागJuly 1, 2018October 13, 201903780 जागृत राजनीतिक चेतना, समय और समाज की विडम्बनाओं की गहरी समझ और भाषा की कलात्मक पारदर्शिता के कारण संजीव कौशल की कवितायेँ नयी सदी की युवा...
जनमत देवदरबार जागीर मठ और पाकिस्तानी मुरीदसमकालीन जनमतJune 29, 2018June 29, 2018 by समकालीन जनमतJune 29, 2018June 29, 201803942 बणदेवनाथ जी का कहना था कि आमतौर पर दोनों मुल्क के लोग बहुत प्रेमी है बस बहुत कम लोग है जो हमलोगों के बीच नफरत...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति कबीर और नागार्जुन की जयंती से जन एकता सांस्कृतिक यात्रा आरम्भसमकालीन जनमतJune 28, 2018June 29, 2018 by समकालीन जनमतJune 28, 2018June 29, 20185 3862 बेगूसराय. आज ज्येष्ठ पूर्णिमा दिनांक 28/06/2018 को जन संस्कृति मंच की ओर से कबीर और आधुनिक कबीर नागार्जुन की सम्मिलित जयंती मनायी गयी। इस जयंती...
कविताग्राउन्ड रिपोर्टजनमतसाहित्य-संस्कृति अनुपम सिंह की कविताओं पर जसम की घरेलू गोष्ठी की रपटराम नरेश रामJune 26, 2018June 26, 2018 by राम नरेश रामJune 26, 2018June 26, 201802093 अनुपम की कविताएँ अपने वक्त, अपने समाज और अपनी काया के अनुभव से उपजी हुई कविताएँ हैं- योगेंद्र आहूजा पिछली 23 जून 2018 को जसम...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति ‘समय है सम्भावना का’ : सत्ता के मौन की पहचान हैराम नरेश रामJune 25, 2018June 25, 2018 by राम नरेश रामJune 25, 2018June 25, 20186 2733 जगदीश पंकज जी का कविता संग्रह ‘समय है सम्भावना का’ इसी वर्ष आया है. जगदीश पंकज जी नवगीतकार हैं. दलित साहित्य में नवगीत की कोई...
जनमतशख्सियत खैनी खिलाओ न यार! /उर्फ / मौत से चुहल (सखा, सहचर, सहकर्मी, कामरेड महेश्वर की एक याद)रामजी रायJune 25, 2018June 25, 2018 by रामजी रायJune 25, 2018June 25, 20182 3189 अपने प्रियतर लोगों- कृष्णप्रताप (के.पी.), गोरख, कामरेड विनोद मिश्र, महेश्वर पर चाहते हुए भी आज तक कुछ नहीं लिख सका। पता नहीं क्यों? इसकी वज़ह...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति पराजय को उत्सव में बदलती अनुपम सिंह की कविताएँसमकालीन जनमतJune 24, 2018June 19, 2019 by समकालीन जनमतJune 24, 2018June 19, 20192 3481 (अनुपम सिंह की कविताओं को पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे वे अपने साथ हमें पितृसत्ता की एक बृहद प्रयोगशाला में लिए जा रहीं हैं...
जनमत योग दिवस, प्रधानमंत्री और पहाड़इन्द्रेश मैखुरीJune 21, 2018June 21, 2018 by इन्द्रेश मैखुरीJune 21, 2018June 21, 20187 2056 पहाड़ में लोग जब अपने रोजमर्रा के जीवन के लिए ऐसी विकट जद्दोजहद में लगें हों तो उनके सामने कोई भी योग और योग दिवस...
जनमत क्या चर्च, मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है ?समकालीन जनमतJune 18, 2018June 18, 2018 by समकालीन जनमतJune 18, 2018June 18, 201801812 आर्चबिशपों की मात्र इसलिए निंदा करना क्योंकि उन्होंने अपनी राय व्यक्त की, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. आखिर वे भी इस देश के नागरिक हैं और उन्हें...
जनमत भारत-पाकिस्तान सीमा पर अभी भी सैनिक क्यों मर रहे हैं ?समकालीन जनमतJune 18, 2018June 18, 2018 by समकालीन जनमतJune 18, 2018June 18, 201803182 भारत व पाकिस्तान की सरकारों ने दुश्मनी बना कर रखने की नीति अपनाई है जिसमें अब कई निहित स्वार्थ पैदा हो गए हैं जबकि व्यापारी...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति सहज काव्यकथाओं सी हैं अदनान की कविताएँसमकालीन जनमतJune 17, 2018June 17, 2018 by समकालीन जनमतJune 17, 2018June 17, 201802020 अदनान की कविताओं से गुजरना अपने समय के लोक से गुज़रना और उसकी त्रासदियों को जानते हुए उसकी लाचारी को अपनी लाचारी में बदलते देखना...