समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतसिनेमा

काला : फ़ासीवाद की पहचान कराती फ़िल्म

आशुतोष कुमार
सुपरस्टार रजनीकांत की जानी पहचानी शैली की फ़िल्म होते हुए भी महज एक कल्ट फ़िल्म नहीं है. यह देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल का नाटकीय...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

कुमार मुकुल की कविताएँ : लोकतंत्र के भगवाकरण की समीक्षा

समकालीन जनमत
30 वर्षों से रचनारत कुमार मुकुल के कविता परिदृश्य का रेंज विशाल और वैविध्य से भरा है , प्रस्तुत कविताओं में आज के समय को...
जनमत

नफरत के खिलाफ अदब का प्रोटेस्ट है ‘मै मुहाजिर नहीं हूं ’ – शारिब रुदौलवी

समकालीन जनमत
कथाकार-उपन्यासकार बादशाह हुसैन रिजवी के उपन्यास ‘मै मुहाजिर नहीं हूं’ के उर्दू संस्करण का 9 जून को यूपी प्रेस क्लब में विमोचन हुआ. इस उपन्यास...
जनमत

पत्थलगड़ी के बहाने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चोट ?

समकालीन जनमत
झारखंड के आदिवासी बहुल गांवों में किया गया पत्थलगड़ी राज्य सरकार के लिए सिर दर्द बन चुका है. इन गांवों के लोग सरकार के खिलाफ...
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दक्षिणपंथ की कीलें

जावेद अनीस
भगवा खेमे के लिये अपने मंसूबो को पूरा करने के लिए 2019 का चुनाव निर्णायक है और इसके लिये वे कुछ भी करेंगे. यह चुनाव...
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क्या पत्थलगड़ी असंवैधानिक है ?

समकालीन जनमत
[author] [author_image timthumb=’on’]http://samkaleenjanmat.in/wp-content/uploads/2018/05/gladson-dungdung.jpg[/author_image] [author_info]ग्लैडसन डुंगडुंग [/author_info] [/author] झारखंड के आदिवासी इलाकों में हो रही पत्थलगड़ी से सरकार की नींद हराम हो गई है. झारखंड के...
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सीख़चों के बाहर कैद पुलिस

पुलिस कर्मियों की कार्यस्थितियों में समुचित सुधार का एजेंडा न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने उत्तराखंड सरकार के सामने रख दिया...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

विहाग वैभव की कविताएँ : लोक जीवन के मार्मिक संवेदनात्मक ज्ञान की कविताएँ हैं- मंगलेश डबराल

समकालीन जनमत
  युवा कवि विहाग वैभव की कविताओं में क्रांति, विद्रोह, विरोध, निषेध के तीखे स्वर हैं और वह प्रेम भी है जिसे संभव करने के...
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हैबसपुर जनसंहार के आरोपियों की रिहाई और राघोपुर दियारा कांड के खिलाफ माले का प्रतिवाद

समकालीन जनमत
पटना, 2 जून. बाथे-बथानी-मियांपुर-नगरी आदि जनसंहारों की ही तर्ज पर पटना जिले के बहुचर्चित हैबसपुर जनसंहार के सभी 28 आरोपियों को एससी-एसटी कोर्ट द्वारा बरी...
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पत्थलगड़ी और प्रवेश निषेध

समकालीन जनमत
जब संविधान, कानून एवं सरकार के होते हुए आदिवासी लूटे जा रहे हैं तब क्या वे चुपचाप अन्याय सहते रहेंगे ? इसीलिए वे अपने पारंपरिक...
जनमत

पत्थलगड़ी से क्यों भयभीत है राज्य सत्ता

समकालीन जनमत
आदिवासियों ने जिस झारखंड राज्य के गठन के लिए सात दशकों तक संघर्ष किया उसी राज्य में अब उन्हें अपनी आजीविका के संसाधनों को सुरक्षित...
जनमत

हिटलर और फ़ासीवाद का नया उभार

गोपाल प्रधान
सोवियत संघ के पतन और विश्व अर्थतंत्र में आए बदलावों के चलते तेजी से उभरी नवफ़ासीवादी सक्रियता फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की सबसे खतरनाक प्रवृत्ति बन...
जनमत

पत्थलगड़ी आंदोलन की जड़ें

समकालीन जनमत
आदिवासियों के साथ प्रगति, विकास, जनहित, राष्ट्रहित एवं आर्थिक तरक्की के नाम पर धोखा किया गया है। इसलिए अब वे किसी भी कीमत पर अपनी...
जनमत

त्रासदी बनते इतिहास का आख्यानः मदन कश्यप का काव्य

समकालीन जनमत
प्रणय कृष्ण (कवि मदन कश्यप को जनमत टीम की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई। इस अवसर पर पढ़िए ‘नीम रोशनी में’ संग्रह पर लिखा...
जनमत

20 साल से नियम-कानून की धज्जियाँ उड़ाती रही है वेदांता

वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर ने 20 साल तक नियम-कानून की धज्जियाँ उड़ायी. इन 20 सालों में केंद्र और राज्य में कई पार्टियां सत्ता...
जनमत

नक्सलबाड़ी विद्रोह का सांस्कृतिक पक्ष : प्रणय कृष्ण

समकालीन जनमत
(नक्सलबाड़ी आन्दोलन  की  51 वीं वर्षगांठ (25/5/18) के अवसर पर नक्सलबाड़ी आन्दोलन के सांस्कृतिक पक्ष पर रौशनी डाल रहें हैं, इलाहा बाद विश्वविद्यालय  में प्राध्यापक...
जनमत

मार्क्स और हमारा समय

समकालीन जनमत
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने नयी दिल्ली स्थित उर्दू घर में 19 मई के दिन ‘ मार्क्स और हमारा समय ’ शीर्षक से...
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सामंती और पुलिस गठजोड़ का नतीजा है गगहा में दलितों पर पुलिस गोलीबारी : भाकपा माले

समकालीन जनमत
अस्थौला के दलितों पर पुलिस फायरिंग, लाठीचार्ज, गिरफ्तारी पर भाकपा माले जाँच दल की रिपोर्ट गोरखपुर। भाकपा माले ने गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के...
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कर्नाटक : लोकतंत्र को कैद

जावेद अनीस
भारत में चुनाव अब नाटक-नौटंकी की तरह हो गये हैं जहां हार-जीत का फैसला जीवन के वास्तविक मुद्दों से नहीं बल्कि मैनेजमेंट, मनी और ध्रुवीकरण...
जनमत

बनारस में मौत की चीखें

समकालीन जनमत
जिस तरह से यह बीम गिरने का हादसा हुआ है इसे पूरी तरह से सरकारी हत्याकांड कहा जाए तो गलत ना होगा. जब हजारों टन...
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