समकालीन जनमत

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मंजू वर्मा का इस्तीफा जनांदोलनों की जीत, नीतीश व सुशील मोदी भी कटघरे में

समकालीन जनमत
आखिरकार बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को अपना इस्तीफा देना पड़ा है. निसन्देह यह बिहार के महिला आंदोलन की जीत है. ऐपवा के...
कविताजनमतशख्सियतस्मृति

वत्सल उम्मीद की ठुमक के साथ मैं तो सतत रहूँगा तुम्हारे भीतर नमी बनकर: वीरेन डंगवाल

उमा राग
करीब 16 बरस पहले वीरेन डंगवाल के संग्रह ‘दुश्चक्र में स्रष्टा’ पर लिखते हुए मैंने उल्लास, प्रेम और सौंदर्य को उनकी कविता के केंद्रीय तत्वों...
जनमतमीडिया

“ तुम्हारी तहजीब अपने खंजर से आप ख़ुदकुशी करेगी ”

ए.बी.पी. न्यूज़ में जिस तरह से मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून वाजपेयी की विदाई हुई और अभिसार शर्मा को खामोश किया गया,वह निश्चित ही सत्ता...
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किसान के क्रमिक दरिद्रीकरण की शोक गाथा है ‘ गोदान ‘

गोपाल प्रधान
प्रेमचंद ने गोदान में उपनिवेशवादी नीतियों से बरबाद होते भारतीय किसानी जीवन और इसके लिए जिम्मेदार ताकतों की जो पहचान आज के 75 साल पहले...
जनमतस्मृति

प्रेमचंद और अक्तूबर क्रांति

साम्राज्यवाद-उपनिवेशवाद विरोधी रवैये का एक निरंतरता में अनुपालन जितना प्रेमचंद के यहाँ दीखता है, वैसा हिंदी के किसी और लेखक में नहीं. असंख्य मजदूर, किसान,...
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कृषि अर्थव्यवस्था पर हमला है गौ रक्षा कानून

देश के जिन राज्यों में भी गौ रक्षा कानून लागू किया गया है मेरे खुद के सर्वे के अनुसार उन राज्यों में गौ-वंश की संख्या...
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड :बिहारी समाज पहले दिन से आंदोलित है

कुमार परवेज मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड को मीडिया में अब जगह मिल रही है क्योंकि इसे अब दबाया नहीं जा सकता. दबाने के बहुत...
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वैज्ञानिक-चित्त की खोज में पूरे जीवन बेचैन रहने वाला एक शिक्षाविद्

समकालीन जनमत
यशपाल बराबर इस बात को रेखांकित करते थे कि देश में सभी अपने बच्चों को विज्ञान पढ़ाना चाहते तो हैं किंतु वैज्ञानिक दृष्टि नहीं देना...
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फासीवाद के खिलाफ संघर्ष में मार्क्स के विचार से बेहतर विचार नहीं- दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
क्रोनी पूंजीवाद, सांप्रदायिक विभाजन और मनुवादी के बीच गठजोड़ है. लिचिंग स्थाई परिघटना बना दी गई है. लिचिंग करने वालों को पता है कि उन्हें...
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सभ्यता का परदा हटातीं हैं आर. चेतन क्रांति की कवितायेँ

उमा राग
2004 में आए अपने पहले कविता  संग्रह ‘शोकनाच’ के साथ आर चेतन क्रांति ने इक्कीसवीं सदी की दुनिया के पेच शायद सबसे करीने से पकड़े।...
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स्वामी अग्निवेश पर हमले के विरोध में लखनऊ, रांची, गोरखपुर में विरोध प्रदर्शन

समकालीन जनमत
जन आंदोलनों के सम्मानित नेता स्वामी अग्निवेश पर झारखण्ड में हुए प्राणघातक हमले का जगह-जगह प्रतिरोध हो रहा है. विभिन्न संगठनों ने लखनऊ, रांची और...
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भीड़-दंड को प्रोत्साहित करता राज्य तंत्र

समकालीन जनमत
लिंचिंग में शरीक अधिकांश के लिए यह दंडमुक्त अपराध है. राज्यतंत्र ने इस दोहरेपन के साथ तालमेल बिठा लिया है. विभिन्न राजनीतिक संगठनों, सोशल मीडिया...
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भीड़ हमला-हत्या की घटनाएँ निर्देशित घटनाएँ हैं

समकालीन जनमत
इन निर्देशित गिरोहों को बाकायदे हत्या की मशीन में तब्दील किया जा रहा है. गौरी लंकेश के हत्यारे का बयान इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें...
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फासीवाद का परीक्षण पूरे सवाब पर है

"अभी पूरी दुनिया में क्या चल रहा है इसे समझने के लिए हमें दो चीजों पर गौर करने की जरूरत है। पहला यह है कि...
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जाति, धर्म और व्यवस्था की कोख से पैदा हो रही मॉब लिंचिंग जैसी बर्बर संस्कृति

गरीब और कमजोर पर जुल्म करने की प्रवृत्ति का फैलाव इसलिए बढ़ा है कि न्यायिक व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है. जब तक...
जनमत

बथानी टोला जनसंहार : न्याय का इंतजार कब तक ?

चंदन
22 साल पहले 11 जुलाई, 1996 को दो बजे दिन में रणवीर सेना के कोई 50-60 हथियारबन्द लोगों ने बथानी टोला को घेर कर हमला...
जनमत

पेप्सी को सण्डीला में पानी लूटने की छूट क्यों

ऐसा अनुमान है कि पेप्सी संयंत्र 5 से 15 लाख लीटर पानी रोजाना जमीन के नीचे से निकाल रहा है. एक लीटर शीतल पेय बनाने...
जनमत

सारण के स्कूल में छात्रा के साथ सात महीने से गैंग रेप

समकालीन जनमत
सारण जिले के एकमा थाने क्षेत्र के परसागढ़ स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 10 वीं क्लास की एक छात्रा के साथ सात महीने से लगातार...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

प्रेम के निजी उचाट से लौटती स्त्री की कविता : विपिन चौधरी की कवितायेँ

उमा राग
  विपिन की कवितायेँ लगातार बाहर-भीतर यात्रा करती हुईं एक ऐसी आंतरिकता को खोज निकालती हैं जो स्त्री का अपना निजी उचाट भी है और दरख्तों,...
जनमतशिक्षा

देशी-विदेशी पूँजी के मुनाफे को बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा के ऊपर लगातार हमले होंगे

समकालीन जनमत
उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों को मात्र भाजपा-कांग्रेस के नजरिए से नहीं, बल्कि शासक वर्ग के नजरिए से देखना ही ठीक होगा. तभी हम...
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