समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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शख्सियतस्मृति

भुलाए नहीं भूलेगा यह दिन

समकालीन जनमत
कमरे में चौकी पर बैठे थे नागार्जुन. पीठ के पीछे खुली खिड़की से जाड़े की गुनगुनी धूप आ रही थी. बाहर गौरैया चहचहा रही थी....
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

कबीर और नागार्जुन की जयंती से जन एकता सांस्कृतिक यात्रा आरम्भ

समकालीन जनमत
बेगूसराय. आज ज्येष्ठ पूर्णिमा दिनांक 28/06/2018 को जन संस्कृति मंच की ओर से कबीर और आधुनिक कबीर नागार्जुन की सम्मिलित जयंती मनायी गयी। इस जयंती...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

पराजय को उत्सव में बदलती अनुपम सिंह की कविताएँ

समकालीन जनमत
(अनुपम सिंह की कविताओं को पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे वे अपने साथ हमें पितृसत्ता की एक बृहद प्रयोगशाला में लिए जा रहीं हैं...
शख्सियतसिनेमा

जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है !

इस ख़त की कोई भूमिका नहीं हो सकती। इरफ़ान, जिनके सिरहाने की एक तरफ़ ज़िंदगी है और दूसरी तरफ़ अंधेरा, ने आत्मा की स्याही से...
स्मृति

………तो क्या कामरेड जफ़र हुसैन की हत्या किसी ने नहीं की ?

समकालीन जनमत
कामरेड जफ़र हुसैन की हत्या को आज एक साल हो गया. पिछले वर्ष 16 जून को उनकी हत्या कमिश्नर अशोक जैन के नेतृत्व में नगरपालिका...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

सहज काव्‍य‍कथाओं सी हैं अदनान की कविताएँ

समकालीन जनमत
अदनान की कविताओं से गुजरना अपने समय के लोक से गुज़रना और उसकी त्रासदियों को जानते हुए उसकी लाचारी को अपनी लाचारी में बदलते देखना...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

कुमार मुकुल की कविताएँ : लोकतंत्र के भगवाकरण की समीक्षा

समकालीन जनमत
30 वर्षों से रचनारत कुमार मुकुल के कविता परिदृश्य का रेंज विशाल और वैविध्य से भरा है , प्रस्तुत कविताओं में आज के समय को...
जनमत

पत्थलगड़ी के बहाने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चोट ?

समकालीन जनमत
झारखंड के आदिवासी बहुल गांवों में किया गया पत्थलगड़ी राज्य सरकार के लिए सिर दर्द बन चुका है. इन गांवों के लोग सरकार के खिलाफ...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

प्रदर्शनकारियों को मारने के इरादे से शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पूर्वनियोजित हमला थी तूतीकोरिन की घटना

समकालीन जनमत
तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी की घटना पर आल इंडिया पीपुल्स फोरम ( एआईपीएफ ) की...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

मानदेय में दम नहीं ! न्यूनतम वेतन से कम नहीं !!

समकालीन जनमत
दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) द्वारा आज न्यूनतम वेतन के अनुरूप वेतन लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन...
स्मृति

मेरी स्वतंत्रता किसके पास है

समकालीन जनमत
राजकिशोर एक प्रखर आधुनिक चिंतक थे. मनुष्य मात्र की स्वतंत्रता का अधिकार उनका सबसे प्यारा सरोकार था. स्वतंत्रता की उनकी अवधारणा व्यापक और मूलगामी थी....
जनमत

क्या पत्थलगड़ी असंवैधानिक है ?

समकालीन जनमत
[author] [author_image timthumb=’on’]http://samkaleenjanmat.in/wp-content/uploads/2018/05/gladson-dungdung.jpg[/author_image] [author_info]ग्लैडसन डुंगडुंग [/author_info] [/author] झारखंड के आदिवासी इलाकों में हो रही पत्थलगड़ी से सरकार की नींद हराम हो गई है. झारखंड के...
नाटक

भिखारी ठाकुर लिखित ‘ गबरघिचोर ‘ के मंचन के साथ नाट्योत्सव का समापन

समकालीन जनमत
भोजपुरी के नामी कवि-नाटककार भिखारी ठाकुर का यह नाटक अभी भी प्रासंगिक है. ‘गबरघिचोर’ सामाजिक संरचना में स्त्री की जगह, महिला-पुरुष सम्बंध और विभिन्न क़िस्म...
नाटक

‘ जो बंदिशें लगाते हैं, वे लगाएँगे, जो उन्हें गाते हैं, वो गाएँगे ’

समकालीन जनमत
' बंदिश ' नाटक पुराने और नए कला परिदृश्य के बीच बदलते सांस्कृतिक संसार की झलक तो उभारता ही है, साथ ही वह संस्कृति और...
कवितासाहित्य-संस्कृति

‘ चन्द्रेश्वर की कविताएं सरल पर लिखना उतना ही कठिन ’

समकालीन जनमत
चन्द्रेश्वर प्रेम और प्रतिरोध के कवि हैं. ऐसी कविताओं की जरूरत थी. ये अपनी रचना प्रक्रिया और कन्टेन्ट में समकालीन कविताएं हैं. यहां व्यंग्य चित्र...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

विहाग वैभव की कविताएँ : लोक जीवन के मार्मिक संवेदनात्मक ज्ञान की कविताएँ हैं- मंगलेश डबराल

समकालीन जनमत
  युवा कवि विहाग वैभव की कविताओं में क्रांति, विद्रोह, विरोध, निषेध के तीखे स्वर हैं और वह प्रेम भी है जिसे संभव करने के...
जनमत

हैबसपुर जनसंहार के आरोपियों की रिहाई और राघोपुर दियारा कांड के खिलाफ माले का प्रतिवाद

समकालीन जनमत
पटना, 2 जून. बाथे-बथानी-मियांपुर-नगरी आदि जनसंहारों की ही तर्ज पर पटना जिले के बहुचर्चित हैबसपुर जनसंहार के सभी 28 आरोपियों को एससी-एसटी कोर्ट द्वारा बरी...
साहित्य-संस्कृति

‘ इप्टा के लोगो का सरकारी इस्तेमाल जन सांस्कृतिक परंपरा और उसकी क्रांतिकारी छवि के साथ शरारतपूर्ण छेड़छाड़ है ’

समकालीन जनमत
इप्टा के प्रतीक चिह्न का अनधिकृत इस्तेमाल जान-बूझ कर इप्टा की जन सांस्कृतिक परंपरा और उसकी क्रांतिकारी छवि के साथ शरारतपूर्ण छेड़छाड़ है. बिहार सरकार...
ख़बर

फारवर्ड प्रेस के हिंदी संपादक को मिल रही जान से मारने की धमकी

समकालीन जनमत
फारवर्ड प्रेस हिंदी-संपादक नवल किशोर कुमार को फोन और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर जान से मार डालने की घमकियां मिल रही हैं. धमकी देने वाले...
जनमत

पत्थलगड़ी और प्रवेश निषेध

समकालीन जनमत
जब संविधान, कानून एवं सरकार के होते हुए आदिवासी लूटे जा रहे हैं तब क्या वे चुपचाप अन्याय सहते रहेंगे ? इसीलिए वे अपने पारंपरिक...
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