समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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जनमत

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पटना में ‘कोरस’ द्वारा प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन

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14 अगस्त, पटना . स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोरस द्वारा सांस्कृतिक प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन किया गया . यह आयोजन सरकारी...
जनमत

उमर खालिद पर हुए हमले से उठते सवाल

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दिल्ली के कन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘ख़ौफ़ से आज़ादी’ नामक कार्यक्रम में शामिल होने आए जेएनयू के शोध छात्र और एक्टिविस्ट उमर खालिद...
ख़बर

माले जांच दल की रिपोर्ट में सामने आया मिर्जापुर में दबंगों द्वारा दलितों पर जुल्म का मामला

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दबंगों ने दलित महिलाओं पर ट्रैक्टर चढ़ाया, हमले में एक महिला का गर्भपात हुआ  जांच दल के सदस्य घटनास्थल का दौरा करने के बाद अस्पताल में...
जनमत

एक अंतहीन प्यास और तलाश की कथा विमलेश त्रिपाठी का उपन्यास ‘हमन हैं इश्क मस्ताना’

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अनिला राखेचा हिंदी युग्म द्वारा प्रकाशित विमलेश त्रिपाठी  का ताज़ा-तरीन उपन्यास “हमन हैं इश्क मस्ताना” जितना अद्भुत है उतना ही बेजोड़ है इसका शीर्षक। उपन्यास...
ख़बर

दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थानीय गुंडों के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज

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सौरभ यादव, शोध छात्र, दिल्ली विश्वविद्यालय मुखर्जी नगर, दिल्ली । देश भर में प्रशासनिक सेवाओं, एसएससी, बैंकिंग समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के केंद्र के...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति

वीरेन डंगवाल की याद और सृजन, कल्पना, रंगों, शब्दों और चित्रों की दुनिया

डॉ. कामिनी त्रिपाठी शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुंठपुर में आयोजित त्रिदिवसीय ‘वीरेन डंगवाल जन्म दिन समारोह’ का समापन 8 अगस्त को छात्राओं द्वारा वीरेन दा...
विज्ञान

ये तारा , वो तारा , हर तारा : लाइट्स बन्द , कैमरा ऑन , एक्शन

डॉ. स्कन्द शुक्ला जब दुनिया में विश्वयुद्ध चल रहा हो और हर जगह बत्ती गुल करने का आदेश हो , तब कोई दूर-सुदूर की ज्योतियों...
ख़बरशख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति

कवि वीरेन डंगवाल के 71वें जन्मदिन पर बरस रही थी कवि की याद

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(पांच अगस्त को हिंदी के कवि वीरेन डंगवाल का जन्म दिन होता है । देश भर में कवि की याद में हुए आयोजनों में से...
कहानीज़ेर-ए-बहससाहित्य-संस्कृति

समाज का सच सामने लाती है हेमंत कुमार की कहानी ‘रज्जब अली’

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(कथाकार हेमंत कुमार की कहानी  ‘ रज्जब अली  ’ पत्रिका ‘ पल-प्रतिपल ’ में प्रकाशित हुई है. इस कहानी की विषयवस्तु, शिल्प और भाषा को...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

वीरेन दा की याद: ‘नदी’ कविता के बहाने से

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शिव प्रकाश त्रिपाठी “ लंबे और सुरीले नहीं थे मेरे गान मेरी सांसे छोटी थी पर जब भी गाए मैंने बसंत के ही गान गाए...
स्मृति

एक यारबाश कवि की याद

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रमाशंकर सिंह   (आज वीरेन दा उर्फ डॉ. डैंग का जन्म दिन है। उनसे बड़ा यारबाश और दोस्ती को मूल्य की तरह बरतने वाला कोई...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

प्रेमचंद किसान जीवन की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार धरम, महाजन और साहूकार की भूमिका की शिनाख्त करते हैं

31 जुलाई 2018 को प्रेमचंद जयंती के अवसर पर शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय , बैकुंठपुर(छत्तीसगढ़) में ‘प्रेमचंद और हमारा समय’ विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

सत्ता संपोषित मौजूदा फासीवादी उन्माद प्रेमचंद की विरासत के लिए सबसे बड़ा खतरा:डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सुमन

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लोकतंत्र, संविधान और साझी संस्कृति के नेस्तनाबूद करने की हो रही है गहरी साजिश-कल्याण भारती प्रेमचंद के सपनों के भारत से ही बचेगी हमारी साझी...
कहानीज़ेर-ए-बहस

हेमन्त कुमार की कहानी ‘ रज्जब अली ’ में सामंती वैभव देखना प्रतिक्रियावाद को मजबूत करना है

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कहानी में मूल समस्या साम्प्रदायिकता है. यह कहानी हमारे समय के लिहाज से एक बेहद जरूरी कहानी है. इसलिए जरूरी यह है कि इस कहानी...
दुनिया

क्या नवाज़ शरीफ़ का सियासी सर्कल पूरा हो गया है ?

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पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक हुसैन हक़्क़ानी ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है, पाकिस्तान में आप एक साथ भ्रष्ट और एंटी-मिलिट्री नहीं हो सकते. मतलब आप भ्रष्ट...
जनमत

भीड़ हमला-हत्या की घटनाएँ निर्देशित घटनाएँ हैं

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इन निर्देशित गिरोहों को बाकायदे हत्या की मशीन में तब्दील किया जा रहा है. गौरी लंकेश के हत्यारे का बयान इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें...
कवितापुस्तक

आसिफ़ाओं के लिए

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पिछले पाँच सालों से देश में जो धर्म-ध्वजा फहर रही है, और सांप्रदायिकता का जो उन्माद लोगों की नसों में घुल रहा है, उसी का...
कविता

आधुनिक जीवन की विसंगतियों के मध्य मानवीय संवेदना की पहचान की कवितायें

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विनय दुबे की कविताओं में सहजता और दृश्य की जटिलताओं का जो सहभाव नज़र आता है, वह उन्हें अपनी पीढ़ी का अप्रतिम कवि बनाता है....
जनमतशिक्षा

देशी-विदेशी पूँजी के मुनाफे को बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा के ऊपर लगातार हमले होंगे

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उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों को मात्र भाजपा-कांग्रेस के नजरिए से नहीं, बल्कि शासक वर्ग के नजरिए से देखना ही ठीक होगा. तभी हम...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति

पठनीयता का संबंध वास्तविकता से होता है

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(प्रेमचंद की परंपरा को नये संदर्भ और आयाम देने वाले हिंदी भाषा के कहानीकारों में अमरकांत अव्वल हैं। अमरकांत से शोध के सिलसिले में सन्...
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