समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

1187 Posts - 0 Comments
जनमतशख्सियत

मृणाल सेन: समानांतर सिनेमा के एक स्तंभ का अवसान

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र क्या होता है जब एक परिवार की अकेली कमाने वाली स्त्री, जिसपर उसके माता-पिता, भाई-बहन सभी आश्रित है एक रात घर नहीं लौटती!...
कविता

कई आँखोंवाली कविताओं के कवि शशांक मुकुट शेखर

समकालीन जनमत
कृष्ण समिद्ध नये और बनते हुए कवि पर लिखना बीज में बंद पेड़ के फल के स्वाद पर लिखने जैसा है । फिर भी यह...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

ताशकंद में किया गया गालिब को याद

समकालीन जनमत
संजीव कौशल ताशकंद स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में जहाँ हिंदी और उर्दू का अध्यन एवं अध्यापन कई वर्षों से किया जा रहा है...
ख़बर

आवारा मवेशियों से परेशान किसानों ने किया मोहनलालगंज तहसील पर धरना-प्रदर्शन 

समकालीन जनमत
आशीष सिंह मोहनलालगंज ( लखनऊ). आज लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील के दर्जनों गांवों के किसानों ने आवारा मवेशियों से हो रही परेशानियों के खिलाफ तहसील...
ख़बरविज्ञान

वाराणसी में सम्पन्न हुआ 17 वां भारतीय विज्ञान कथा सम्मेलन

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र देश में विज्ञान कथा की एक लंबी परंपरा रही है। बच्चों और युवाओं में विज्ञान के सिद्धांतों के प्रति रुचि जगाने में विज्ञान...
दुनियासाहित्य-संस्कृति

कथाकार अल्पना मिश्र की जापान यात्रा

समकालीन जनमत
हिंदी की महत्वपूर्ण कथाकार अल्पना मिश्र के लेखन और जीवन पर जापान के चार मुख्य शहरों में  साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया.  इस दौरान अल्पना...
कविता

मौजूदा समय से वाबस्ता अरुणाभ की कविताएँ

समकालीन जनमत
रमण कुमार सिंह अरुणाभ सौरभ हिंदी और मैथिली के प्रखर युवा कवि हैं, जो दोनों भाषाओं में न केवल समान गति से सृजनरत हैं, बल्कि...
ख़बर

आगरा में दलित छात्रा संजली को जिन्दा जलाने के खिलाफ आइसा ने निकाला प्रतिरोध मार्च

22 दिसंबर, प्रयागराज आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की तरफ से आगरा में 10वीं कक्षा की छात्रा संजली को जिन्दा जलाने व प्रदेश की...
कविता

संभावनाओं के बिम्ब गढ़ती आँचल की कविताएँ

समकालीन जनमत
लोकेश मालती प्रकाश व्यक्ति की निजता अमानवीय सत्ताओं के निशाने पर हमेशा से रही है। ग़ुलामी की सबसे मुकम्मल स्थिति वह होती है जब ग़ुलाम...
स्मृति

जिस दिन राजकपूर अपना जन्मदिन मना रहे थे उसी दिन शैलेंद्र ने यह दुनिया छोड़ दी

समकालीन जनमत
आलोक रंजन राजकपूर और शैलेंद्र ये दो नाम केवल इसलिए साथ नहीं लिए जाते रहेंगे कि इन्होंने साथ काम किया और बहुत अच्छा काम किया...
कहानी

अपने समकालीन कहानीकारों के बीच शेखर जोशी की कहानियाँ

समकालीन जनमत
नई कहानी के दौर के कहानीकारों ने मनुष्य-जीवन के विविध पहलुओं को वहीं से पकड़ा जहाँ प्रेमचन्द ने उसे छोड़ा था। शिल्पगत नवीनता और प्रामाणिक...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

कवि विद्रोही की याद में कविता पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
जनकवि रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ के स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 7 दिसंबर को जन संस्कृति मंच की दिल्ली इकाई के सचिव रामनरेश राम के...
जनमत

अहसान नहीं अधिकार चाहिए: स्त्री अधिकार पर डॉ. अंबेडकर के विचार

समकालीन जनमत
डॉ. पूर्णिमा मौर्या पिछले दिनों स्त्री स्वधीनता के सन्दर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने दंड संहिता की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित करते हुए जो फैसला...
ख़बर

बाबा भीमराव अंबेडकर की स्मृति में जसम का दिल्ली के रोहिणी में ‘समता मेला’ का आयोजन

समकालीन जनमत
साक्षी/ सौरभ नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच की दिल्ली इकाई द्वारा दो दिसम्बर को रोहिणी सेक्टर बीस में बाबा साहब की स्मृति में सांस्कृतिक कार्यक्रम और...
जनमतस्मृति

खेतिहर समाज में सक्रिय शोषक-शक्तियों की पहचान करने वाले चिंतक ज्योतिबा फुले

समकालीन जनमत
(ज्योतिराव गोविंदराव फुले (11 अप्रैल 1827-28 नवम्बर 1890 के स्मृति दिवस पर उन्हें और उनके योगदान को याद कर रहें हैं सर्वेश कुमार मौर्य)  संपादक...
जनमत

आरएसएस प्रजातांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए सब से घातक आतंरिक खतरा

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम इतिहास इस सच्चाई का गवाह है कि अनेकों बार देश और उनके राजनैतिक निज़ाम बाहरी दुश्मनों के काराण नहीं, बल्कि आतंरिक तत्वों, जो...
कविता

कोमल ज़िद से एक बेहतर दुनिया के लिए बहस करती पराग पावन की कविताएँ

समकालीन जनमत
विवेक निराला पराग पावन हिन्दी-कविता की युवतर पीढ़ी के पहचाने जाने वाले कवि हैं। उनकी कविता एक ओर हमारे समकालीन यथार्थ को उघाड़ कर रखती...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

पूर्वांचल के जातीय कथाकार हैं विवेकी राय

समकालीन जनमत
(कथाकार विवेकी राय का जन्मदिन 19 नवम्बर को और पुण्यतिथि 22 नवंबर को होती है । विवेकी राय की स्मृति में प्रस्तुत है युवा आलोचक...
स्मृति

अलविदा फ़हमीदा रियाज़

समकालीन जनमत
प्रो. चमनलाल सोने से पहले आदतन कल रात टिवीटर/फ़ेसबुक/व्हाट्सप्प पर एक नज़र डाल रहा था कि डॉ अखलाक ने फहमीदा के न रहने का संदेश...
ख़बरस्मृति

फ़हमीदा रियाज़ का जाना

समकालीन जनमत
अशोक पांडेय “कब तक मुझ से प्यार करोगे? कब तक? जब तक मेरे रहम से बच्चे की तख़्लीक़ का ख़ून बहेगा जब तक मेरा रंग...
Fearlessly expressing peoples opinion