समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

मौजूदा समय से वाबस्ता अरुणाभ की कविताएँ

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रमण कुमार सिंह अरुणाभ सौरभ हिंदी और मैथिली के प्रखर युवा कवि हैं, जो दोनों भाषाओं में न केवल समान गति से सृजनरत हैं, बल्कि...
ख़बर

आगरा में दलित छात्रा संजली को जिन्दा जलाने के खिलाफ आइसा ने निकाला प्रतिरोध मार्च

22 दिसंबर, प्रयागराज आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की तरफ से आगरा में 10वीं कक्षा की छात्रा संजली को जिन्दा जलाने व प्रदेश की...
कविता

संभावनाओं के बिम्ब गढ़ती आँचल की कविताएँ

समकालीन जनमत
लोकेश मालती प्रकाश व्यक्ति की निजता अमानवीय सत्ताओं के निशाने पर हमेशा से रही है। ग़ुलामी की सबसे मुकम्मल स्थिति वह होती है जब ग़ुलाम...
स्मृति

जिस दिन राजकपूर अपना जन्मदिन मना रहे थे उसी दिन शैलेंद्र ने यह दुनिया छोड़ दी

समकालीन जनमत
आलोक रंजन राजकपूर और शैलेंद्र ये दो नाम केवल इसलिए साथ नहीं लिए जाते रहेंगे कि इन्होंने साथ काम किया और बहुत अच्छा काम किया...
कहानी

अपने समकालीन कहानीकारों के बीच शेखर जोशी की कहानियाँ

समकालीन जनमत
नई कहानी के दौर के कहानीकारों ने मनुष्य-जीवन के विविध पहलुओं को वहीं से पकड़ा जहाँ प्रेमचन्द ने उसे छोड़ा था। शिल्पगत नवीनता और प्रामाणिक...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

कवि विद्रोही की याद में कविता पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
जनकवि रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ के स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 7 दिसंबर को जन संस्कृति मंच की दिल्ली इकाई के सचिव रामनरेश राम के...
जनमत

अहसान नहीं अधिकार चाहिए: स्त्री अधिकार पर डॉ. अंबेडकर के विचार

समकालीन जनमत
डॉ. पूर्णिमा मौर्या पिछले दिनों स्त्री स्वधीनता के सन्दर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने दंड संहिता की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित करते हुए जो फैसला...
ख़बर

बाबा भीमराव अंबेडकर की स्मृति में जसम का दिल्ली के रोहिणी में ‘समता मेला’ का आयोजन

समकालीन जनमत
साक्षी/ सौरभ नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच की दिल्ली इकाई द्वारा दो दिसम्बर को रोहिणी सेक्टर बीस में बाबा साहब की स्मृति में सांस्कृतिक कार्यक्रम और...
जनमतस्मृति

खेतिहर समाज में सक्रिय शोषक-शक्तियों की पहचान करने वाले चिंतक ज्योतिबा फुले

समकालीन जनमत
(ज्योतिराव गोविंदराव फुले (11 अप्रैल 1827-28 नवम्बर 1890 के स्मृति दिवस पर उन्हें और उनके योगदान को याद कर रहें हैं सर्वेश कुमार मौर्य)  संपादक...
जनमत

आरएसएस प्रजातांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए सब से घातक आतंरिक खतरा

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम इतिहास इस सच्चाई का गवाह है कि अनेकों बार देश और उनके राजनैतिक निज़ाम बाहरी दुश्मनों के काराण नहीं, बल्कि आतंरिक तत्वों, जो...
कविता

कोमल ज़िद से एक बेहतर दुनिया के लिए बहस करती पराग पावन की कविताएँ

समकालीन जनमत
विवेक निराला पराग पावन हिन्दी-कविता की युवतर पीढ़ी के पहचाने जाने वाले कवि हैं। उनकी कविता एक ओर हमारे समकालीन यथार्थ को उघाड़ कर रखती...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

पूर्वांचल के जातीय कथाकार हैं विवेकी राय

समकालीन जनमत
(कथाकार विवेकी राय का जन्मदिन 19 नवम्बर को और पुण्यतिथि 22 नवंबर को होती है । विवेकी राय की स्मृति में प्रस्तुत है युवा आलोचक...
स्मृति

अलविदा फ़हमीदा रियाज़

समकालीन जनमत
प्रो. चमनलाल सोने से पहले आदतन कल रात टिवीटर/फ़ेसबुक/व्हाट्सप्प पर एक नज़र डाल रहा था कि डॉ अखलाक ने फहमीदा के न रहने का संदेश...
ख़बरस्मृति

फ़हमीदा रियाज़ का जाना

समकालीन जनमत
अशोक पांडेय “कब तक मुझ से प्यार करोगे? कब तक? जब तक मेरे रहम से बच्चे की तख़्लीक़ का ख़ून बहेगा जब तक मेरा रंग...
जनमत

भारतीय संवैधानिक अदालतें और धर्मनिरपेक्षता (भाग-2)

समकालीन जनमत
इरफ़ान इंजीनियर (पिछले अंक से जारी)   पिछले अंक में हमने यह चर्चा की कि किस प्रकार, संविधान का अनुच्छेद 26 जहां विभिन्न धार्मिक समुदायों...
शख्सियत

क्रान्ति आती नहीं, ले आयी जाती है बरक्स कर्तार सिंह सराभा

समकालीन जनमत
ग़दर आन्दोलन और भारतीय राष्ट्रीय चेतना के प्रचार-प्रसार के लिए कर्तारसिंह ने ‘ग़दर’ नाम से एक पत्रिका निकालना प्रारम्भ किया, जिसके सम्पादक वह स्वयं बने।...
इतिहास

नेहरू की छवि के साथ खिलवाड़ छद्म इतिहास निर्माण की कोशिश है

समकालीन जनमत
रमा शंकर सिंह यह इतिहास की बिडम्बना है कि जिस जवाहरलाल नेहरु ने जीवन भर इतिहास पढ़ा, लिखा और इससे बढ़कर इतिहास बनाने का काम...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

मुक्तिबोध मेरे लिए -अच्युतानंद मिश्र

समकालीन जनमत
अच्युतानंद मिश्र फ़िराक ने अपने प्रतिनिधि संग्रह ‘बज़्मे जिंदगी रंगे शायरी’ के संदर्भ में लिखा है, जिसने इसे पढ़ लिया उसने मेरी शायरी का हीरा...
साहित्य-संस्कृति

मुक्तिबोध आस्था देते हैं मुक्ति नहीं

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन मुक्तिबोध और ख़ासकर उनकी कविता ‘अंधेरे में’ पर लिखने की मुश्किलें कई हैं। कुछ का वास्ता मुक्तिबोध के अपने बेहद जटिल काव्य विन्यास से...
ज़ेर-ए-बहस

राफेल डील : कुछ तो है, जिसकी पर्दादारी है

समकालीन जनमत
जाहिद खान राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर मोदी सरकार की लाख पर्देदारी और एक के बाद एक लगातार बोले जा रहे झूठ के बीच, इस...
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