स्मृति “ मैं जिन्दा हूँ, जिन्दा रहूँगा/भेष बदल सकता हूँ/उद्देश्य नहीं/चित्र बदल सकता हूँ,/चरित्र नहीं ”कौशल किशोरJuly 9, 2022July 9, 2022 by कौशल किशोरJuly 9, 2022July 9, 2022061 पांच जुलाई को जब लखनऊ के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता चिन्हट क्षेत्र में एकत्र होकर 1857 में अवध खासतौर से लखनऊ की जनता के बहादुराना संघर्ष...
ख़बर ‘औरत ही रोती है पहले’- रोशनी में अंधेरे की पड़ताल करती कविताएँकौशल किशोरJune 12, 2022June 12, 2022 by कौशल किशोरJune 12, 2022June 12, 20220174 लखनऊ, 12 जून। मिथिलेश श्रीवास्तव की कविताओं का तीसरा संग्रह है ‘औरत ही रोती है पहले’। यह पिछले दिनों परिकल्पना प्रकाशन, दिल्ली से आया। लिखावट...
ज़ेर-ए-बहस लघु पत्रिका आंदोलन : कुछ बातेंकौशल किशोरMay 14, 2022May 14, 2022 by कौशल किशोरMay 14, 2022May 14, 202201048 हम जब भी लघु पत्रिकाओं पर विचार करते हैं तो वर्तमान में मीडिया और पत्रकारिता की भूमिका हमारे सामने होती है। यह बताने की जरूरत...
स्मृति जनमुक्ति के संघर्ष व स्वप्न का कवि विजेन्द्रकौशल किशोरApril 29, 2022April 29, 2022 by कौशल किशोरApril 29, 2022April 29, 20220119 स्मृति दिवस 29 अप्रैल पिछले साल आज के दिन 29 अप्रैल को हमने अपना अग्रज साथी, सहयोद्धा, लोकधर्मी कवि और साहित्य चिन्तक विजेन्द्र को...
स्मृति संगठन और आन्दोलन के व्यक्ति थे सुरेश पंजमकौशल किशोरApril 25, 2022April 25, 2022 by कौशल किशोरApril 25, 2022April 25, 2022049 प्रथम स्मृति दिवस 25 अप्रैल ‘ वे नष्ट कर सकते हैं/तमाम फूलों को पर बसंत को आने से/वे रोक नहीं पायेंगे ’ यह सुरेश पंजम...
स्मृति जीवन के रंग और राग में सराबोर है लालसा लाल तरंग का साहित्यकौशल किशोरApril 12, 2022April 8, 2022 by कौशल किशोरApril 12, 2022April 8, 2022083 12 अप्रैल स्मृति दिवस पर कोरोना महामारी के दौरान हमने साहित्य व समाज के ऐसे महत्वपूर्ण लोगों को खोया है जिनकी बेहद जरूरत थी। दूसरी...
स्मृति कामरेड सी बी सिंह सबके प्रिय और जरूरी थेकौशल किशोरFebruary 16, 2022February 16, 2022 by कौशल किशोरFebruary 16, 2022February 16, 20220200 कामरेड सीबी सिंह नहीं रहे। उनका निधन मऊ में हुआ। वे मूलतः बलिया के रहने वाले थे। 1970 के दशक में वे लखनऊ आए और...
पुस्तक आरिफा एविस का उपन्यास “नाकाबन्दी” कश्मीर के हाथ-पाँव में बँधी अदृश्य बेड़ि़यों को दृश्यमान करता हैकौशल किशोरFebruary 13, 2022February 13, 2022 by कौशल किशोरFebruary 13, 2022February 13, 2022046 आरिफा एविस की औपन्यासिक कृति है “नाकाबन्दी”। यह कश्मीर की जमीनी हकीकत को सामने लाती है। इसमें कल्पना की उड़ान नहीं बल्कि यहाँ का...
साहित्य-संस्कृति साहित्य का सन्नाटा टूट रहा हैकौशल किशोरJanuary 3, 2022January 4, 2022 by कौशल किशोरJanuary 3, 2022January 4, 20220107 साहित्य समाज से निरपेक्ष नहीं होता है। समाज में होने वाली हलचलों, घटनाओं-परिघटनाओं आदि का उस पर असर होता है। 2021 के साल में जहाँ...
जनमत ‘ कविता की दुनिया में अदम एक अचरज की तरह ’कौशल किशोरDecember 18, 2021December 18, 2021 by कौशल किशोरDecember 18, 2021December 18, 20210203 अदम गोंडवी 1980 के दशक में अपनी व्यवस्था विरोधी तथा आंदोलन परक कविताओं से चर्चा में आये। ‘चमारों की गली’ उन्हीं दिनों लखनऊ व इलाहाबाद से...
साहित्य-संस्कृति जनचेतना की मशाल ‘विप्लवी पुस्तकालय गोदरगावां’ साहित्यिक तीर्थस्थल हैकौशल किशोरDecember 1, 2021December 12, 2021 by कौशल किशोरDecember 1, 2021December 12, 2021070 फणीश्वर नाथ रेणु ने कहा था कि भारत के सामाजिक जीवन को जानना है तो लेखकों को गांवों की ओर जाना चाहिए। जन संस्कृति मंच,...
साहित्य-संस्कृति रेणु ने कला विधाओं का समुच्चय रचा, समय-यथार्थ व्यक्त कियाकौशल किशोरMarch 6, 2021March 6, 2021 by कौशल किशोरMarch 6, 2021March 6, 202101392 ‘‘सारे हिंदी लिखकों को गांव में भेजना चाहिए, एकदम ! गांव में किसानों के साथ काम करें और किसी को ‘ उससे ज्यादा कुछ ’...
साहित्य-संस्कृति लखनऊ में प्रतिभा कटियार की ‘ मारीना ’ : विमोचन और चर्चाकौशल किशोरJanuary 26, 2021January 26, 2021 by कौशल किशोरJanuary 26, 2021January 26, 20210940 ‘ मारीना ’ कवि-कथाकार-पत्रकार प्रतिभा कटियार की हिन्दी के पाठकों के लिए खोज है। यह उस कवि की तलाश है जो अपने देश रूस से...
स्मृति योगेश्वर गोप को याद करने का मतलबकौशल किशोरJanuary 1, 2021January 1, 2021 by कौशल किशोरJanuary 1, 2021January 1, 202102337 जन्म दिवस, 01 जनवरी पर समाजिक परिवर्तन का संघर्ष ऐसे शख्सियतों को पैदा करता है जो जनता के सामाजिक संघर्ष की अमूल्य निधि हैं। उनका...
शख्सियत प्रिय कवि मंगलेश डबराल की याद मेंकौशल किशोरDecember 13, 2020December 19, 2020 by कौशल किशोरDecember 13, 2020December 19, 202001834 लखनऊ के लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने आज मंगलेश डबराल और राघव नरेश की स्मृति में शोक सभा आयोजित करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक...
शख्सियत स्मृति मंगलेश डबराल: ‘आवाज भी एक जगह है’कौशल किशोरDecember 13, 2020December 13, 2020 by कौशल किशोरDecember 13, 2020December 13, 202002793 साहित्य और विचार की संस्था लिखावट की ओर से ऑनलाइन गूगल मीट पर प्रसिद्ध कवि और गद्यकार मंगलेश डबराल की स्मृति में कार्यक्रम ‘आवाज़ भी...
स्मृति कवि बी एन गौड़: सब में बसता हूँ मैंकौशल किशोरJuly 9, 2020July 9, 2020 by कौशल किशोरJuly 9, 2020July 9, 202002098 86वें जन्मदिवस पर ‘मरूंगा नहीं…/क्रान्ति का इतिहास इतनी जल्दी नहीं मरता/बलिदान के रक्त की ललाई को/न धूप सुखा सकती है/न हवा और न वक्त/….इसलिए, मैं...
स्मृति चितरंजन सिंह का जाना एक जनयोद्धा का जाना हैकौशल किशोरJune 26, 2020June 26, 2020 by कौशल किशोरJune 26, 2020June 26, 20203 2560 चितरंजन भाई (चितरंजन सिंह) के नहीं रहने की दुखद सूचना मिली। उनका जाना एक जनयोद्धा का जाना है। वे क्रांतिकारी वाम आंदोलन के साथ नागरिक...
स्मृति ‘गाओ कि जीवन गीत बन जाए’ लिखने वाले कवि, गीतकार महेन्द्र भटनागर नहीं रहेकौशल किशोरApril 27, 2020April 27, 2020 by कौशल किशोरApril 27, 2020April 27, 202003298 महेन्द्र भटनागर की कविताएं बाहर की दुनिया के साथ भीतर की दुनिया में उतरती हैं. प्रणय और प्रकृति प्रेम पर लिखी इनकी कविताएं हमें केदारनाथ...
ख़बर घंटाघर पर महिला संगठनों ने मनाया महिला दिवसकौशल किशोरMarch 9, 2020March 9, 2020 by कौशल किशोरMarch 9, 2020March 9, 202001686 लखनऊ. अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा), जनवादी महिला एसोसिएशन (एडवा), महिला फेडरेशन आदि महिला संगठनों ने घंटाघर पर आंदोलनरत महिलाओं...