समकालीन जनमत

Tag : प्रो.कमलानंद झा

कविता

अजीत कुमार की कविताएँ जनवाद की स्प्ष्ट अनुगूंज हैं

कमलानंद झा तुम भले ऊँची करो दीवार जितनी हम परिंदे हैं, उसे भी लाँघ जाएँगे। अजीत कुमार वर्मा उन कवियों में हैं जो सिर्फ कविता...
जनमत

सरकार की गिद्धदृष्टि किसानों की जमीन पर

Kamlanand Jha
( सरकार के काले क़ानूनों के खिलाफ़ आज भारत बंद है . इस मौके पर किसानों के सवालों के साथ एकजुटता दिखाते हुए  हिंदी साहित्य...
कविता

तुलसीदास और उनकी रचनाएँ भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग हैं : प्रो. इरफ़ान हबीब

समकालीन जनमत
  प्रो.कमलानंद झा की पुस्तक ‘ तुलसीदास का काव्य-विवेक और मर्यादाबोध ’ का लोकार्पण और परिचर्चा   अलीगढ (उत्तर प्रदेश).  प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफ़ान हबीब...
Fearlessly expressing peoples opinion