समकालीन जनमत

Tag : मौमिता आलम

कविता

मौमिता की झकझोरती कविताएँ : सीधी, गहरी और सवाल करती हैं

समकालीन जनमत
अमिता शीरीं ‘इस वक्त जब दुनिया लहूलुहान है ऐसे में चाँद की खूबसूरती पर कवितायें लिखना गुनाह है….’ मौमिता आलम पूरी ज़िम्मेदारी से कविताएँ लिखती...
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