समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतदुनिया

सुबह की लालिमा के साथ बेहतर दिन के लिए जद्दोजहद करता नेपाल

मैंने नेपाल की राजशाही के खिलाफ चले नेपाली जनता के लोकतंत्र बहाली आन्दोलन को नजदीक से देखा था. भीषण दमन के उस दौर में नेपाली...
जनमत

ऐतिहासिक होगा सत्रहवां लोकसभा चुनाव

रवि भूषण
1977 के छठे लोकसभा चुनाव से 2019 के सत्रहवें लोकसभा चुनाव की तुलना करना गलत है। उस समय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के सब विरोधी थे।...
जनमतमीडिया

72 दिनों के लिए गोदी मीडिया के डिबेट का बहिष्कार करे और उससे लड़ कर दिखाए विपक्ष

रवीश कुमार
  मीडिया हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं का एक अग्रणी चेहरा है। इन पांच सालों में गोदी मीडिया बनने की प्रक्रिया तेज़ ही हुई है, कम नहीं...
जनमत

‘ भारतीय कृषि अपने अब तक के सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है ’

( पुरुषोत्तम शर्मा, राष्ट्रीय सचिव-अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा 11 मार्च 2019 को काठमांडू में आयोजित किसान संगठनों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया वक्तव्य )...
जनमतव्यंग्य

बधाई है, जी बधाई है ! उत्तराखंड सरकार ने अनंत रोजगार की योजना चालू कर दी

बधाई है, जी बधाई है ! अंततः उत्तराखंड सरकार ने अनंत रोजगार की योजना चालू कर दी है. कुछ ही दिन पहले अखबारों में खबर...
जनमत

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर श्रमिक महिलाओं ने जारी किया अपना घोषणा पत्र

समकालीन जनमत
(आज दिनांक 7 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के जंतर मंतर पर श्रमिक महिलाओं ने अपना घोषणा पत्र जारी किया...
जनमत

रक्षा मंत्रालय से रॉफेल के दस्तावेज़ चोरी ! नामुमकिन अब मुमकिन है

उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार के सबसे बड़े वकील यानि अटॉर्नी जनरल ने कहा कि रक्षा मंत्रालय से रॉफेल के दस्तावेज़ चोरी हो गए !...
जनमत

देश क्यों मौन है गंगा के लिए साधुओं के बलिदान पर ?

समकालीन जनमत
डॉ संदीप पांडेय   2011 में नवजवान साधू स्वामी निगमानंद की हरिद्वार में गंगा में अवैध खनन के खिलाफ अनशन करते हुए 115वें दिन जान...

उम्मीद को अलग-अलग ढंग से पकड़ने की कोशिश हैं रमन की कविताएँ

समकालीन जनमत
आर. चेतन क्रांति रमण कुमार सिंह की इन कविताओं में अपने मौजूदा समय को पकड़ने और उसकी क्षुद्रताओं, उसके खतरों, उसके खतरनाक इरादों और बदलावों...
जनमतमीडिया

क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते ? कर दीजिए

रवीश कुमार
अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप...
जनमत

सूचना अधिकार कानून की अब किसे परवाह है

मनोज कुमार सिंह
बात 2007 की है। सूचना अधिकार कानून लागू हो गया था और उसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए तमाम कार्यक्रम हो रहे...
कविताजनमत

ज़मीनी हक़ीक़त बयाँ करतीं चंद्र की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल चंद्र मेरी आज तक की जानकारी में पहले ऐसे व्‍यक्ति हैं जो खेती-बाड़ी में, मजूरी में पिसते अंतिम आदमी का जीवन जीते हुए पढ़ना-लिखना...
ख़बरजनमत

दिव्य कुंभ जहां पाखंड के नीचे इंसानियत कराहती है

के के पांडेय
इलाहाबाद में लगा अर्ध कुंभ अपने अंतिम चरण में है। दिव्य-कुंभ, स्वच्छ-,कुंभ, स्वस्थ-कुंभ, सुगम-कुंभ की सफलता का डंका पीटा जाने लगा है। झूठ और लूट...
जनमत

आदिवासियों और अन्य वन समुदायों के साथ एक बार फिर ऐतिहासिक अन्याय

समकालीन जनमत
फारेस्ट राइट अलायंस और भूमि अधिकार आन्दोलन वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया, नेचर कनसर्वेशन सोसायटी और टाइगर रिसर्च व कनसर्वेशन ट्रस्ट की याचिका पर सुप्रीम...
जनमतशख्सियतस्मृति

नामवर सिंह ने कभी अवकाश ग्रहण नहीं किया

प्रणय कृष्ण
नामवर सिंह नहीं रहे. 93 साल की उन्होंने उम्र पायी, लेकिन लगता है जैसे किसी विराट उपस्थिति ने अचानक हमें किसी न भरे जा सकने...
जनमतस्मृति

जनतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर, निडर रचनाकार-अर्चना वर्मा

समकालीन जनमत
(हंस और कथादेश जैसी पत्रिकाओं का सार्थक सम्पादन कर साहित्यिक पत्रकारिता में स्त्री-हस्तक्षेप के लिए भरपूर गुंजाइश बनाने वाली अर्चना वर्मा गत 16 फरवरी को...
जनमत

शहीदों के ताबूतों के चुनावी व्यापार को रोको

पुरुषोत्तम शर्मा
एक तरफ पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आत्मघाती हमले और अब तक की सबसे ज्यादा शहादतों के दुःख और सदमे से देश अभी...
कविताजनमत

बादलों में आकार की खोज: रमणिका गुप्ता की कविताई

समकालीन जनमत
बजरंग बिहारी तिवारी नारीवादी आंदोलन का दूसरा दौर था. ‘कल्ट ऑफ़ डोमिस्टिसिटी’ को चुनौती दी जा चुकी थी. राजनीति में स्त्री की उपस्थिति को औचित्यपूर्ण,...
जनमत

एक सैनिक की मौत एक नागरिक की ही मौत है

समकालीन जनमत
शशांक मुकुट शेखर “हमारे बहादुर सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी.”- पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सत्ताधारी सहित देश के तमाम नेताओं ने...
जनमतमीडिया

कार्पोरेट न्यूज मीडिया : धनतंत्र के लिए और धनतंत्र-फासीवाद की सेवा में

आनंद प्रधान
अधिकांश न्यूज चैनलों पर इन दिनों 24×7 अहर्निश “बहस”, “महाबहस”, “दंगल”, “ताल ठोंक के” और इस जैसे और कई चर्चाओं के प्राइम टाइम कार्यक्रमों में...
Fearlessly expressing peoples opinion