जेएनयू का मसला चल ही रहा था कि हुक्मरानों की मेहरबानी से न्यायालय, संविधान, न्यायमूर्ति, राष्ट्रपति, राज्यपाल जैसे जुमले हवा में तैरने लगे हैं. पूरा...
प्यारी दिल्ली पुलिस और उसके बहादुर जवानों, जे.एन.यू. के छात्र-छात्राओं पर लाठी भाँजते,उन्हें खींचते-घसीटते और उन पर पानी-प्रहार करते आपकी तस्वीरें देखी. क्या मुस्तैदी और...
पंकज चतुर्वेदी ‘वीरेनियत-4’ के अन्तर्गत इंडिया हैबिटेट सेण्टर, नयी दिल्ली में शुभा जी का कविता-पाठ सुना। उनकी कविताएँ समकालीन परिस्थितियों से उपजे इतने गहन तनाव...