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हमारा हाथ जेएनयू के साथ

27नवंबर, इलाहाबाद

शिक्षा के निजीकरण व कैंपसों में दमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद में प्रतिवाद मार्च

जेएनयू में फीस वृद्धि व दमन के खिलाफ ‘ हमारा हाथ जेएनयू के साथ’ नारे के साथ चंद्रशेखर आजाद पार्क से सुभाष चौराहा तक इलाहाबाद के नागरिक समाज की तरफ से निकाला गया जुलूस।

आज जुलूस के बाद सुभाष चौराहा पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का निजीकरण व कैंपस में दमन पर तत्काल रोक लगाए सरकार।

जेएनयू को तबाह करने की मुहिम में केंद्र सरकार ने वहां फीस वृद्धि/ छात्रावासों के नियमों में बदलाव के माध्यम से छात्र छात्राओं पर पहरेदारी आदि जैसे कई छात्र विरोधी कदम उठाए ।

जेएनयू में सस्ती शिक्षा को समाप्त करने की कोशिशों के खिलाफ जब वहां के छात्र छत्राओं ने संसद की तरफ कूच की तो उनका पुलिस द्वारा बर्बर दमन कराया गया। सस्ती शिक्षा और रोजगार दे पाने में नाकाम मोदी सरकार प्रतिरोध और बदलाव का स्तम्भ बनें जेएनयू को ध्वस्त करने पर आमादा है वहीं जेएनयू का संघर्ष देश भर के छात्रों और युवाओं के बीच नए भारत के निर्माण के संघर्ष में प्रेणास्रोत और नई उम्मीद का काम कर रहा है।

इलाहाबाद का नागरिक समाज इस संघर्ष को समर्थन देता है और सरकार से मांग करता है कि वहां के छात्रों का दमन बंद कर उनकी मांगों को माना जाए।

वक्ताओं ने बीएचयू में संस्कृत के नवनियुक्त प्राध्यापक डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर जो विरोध प्रदर्शन चल रहा है वह भारत के संविधानिक मूल्यों पर हमला है। किसी भी कीमत पर सरकारों के हमले को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

आज प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों से जुड़े जनमत के प्रधान संपादक रामजी राय, आशीष मित्तल, प्रो अली अहमद फातमी, गांगुली, राजवेंद्र सिंह, आनंद मालवीय, नसीम, रामसागर, के के पांडे, अमित, सीमा आजाद, कमल उसरी, पद्मासिंह,भीमलाल, अखिल विकल्प, सुनील मौर्य, रितेश विद्यार्थी, शक्ति रजवार, सुनील यादव, चंद्रपाल,अविनाश, आरिफ़, रामचंद्र, निरंजन देव, सोनू यादव, प्रदीप ओबामा, अभय कुजूर, अनिरुद्ध, अभिषेक,आदित्य, समेत सैकड़ों लोग शामिल रहें।

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