समकालीन जनमत

Category : जनमत

कविताजनमत

देव नाथ द्विवेदी की गज़लें जीवन के यथार्थ से जुड़ने की आग्रही हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   देव नाथ द्विवेदी की शायरी रंग, नस्ल, स्थान, जाति के अधार पर मनुष्यता को खण्डित करने के चल रहे कुचक्र के बरक्स...
जनमतव्यंग्य

उत्तर प्रदेश को आज़ादी मुबारक!

समकालीन जनमत
लोकेश मालती प्रकाश उत्तर प्रदेश के लोगों को बधाई! आपके मुख्यमंत्री ने आपको वह तोहफ़ा दे दिया है जो कश्मीर के लोगों को दशकों लड़-लड़...
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बुज़ुर्गों को पेंशन देने के पैसे नहीं और एनआरसी पर लाखों करोड़ खर्च रही सरकार

सुशील मानव
21 जनवरी को दिल्ली के 20 से अधिक संगठनों मिलकर जंतर मंतर पर पेंशन परिषद के बैनर तले पेंशन के मुद्दे पर ‘पेंशन नहीं तो...
ख़बरजनमत

शाहीनबाग और शांतिबाग की औरतें

रवि भूषण
शाहीनबाग दिल्ली में है और शांतिबाग बिहार के गया में। शाहीनबाग दक्षिण दिल्ली का एक मुस्लिम बहुल इलाका है जो दिल्ली से नोएडा जाने वाली...
कविताजनमत

आरती की कविताएँ सवालों को बुनती हुई स्त्री का चित्र हैं

समकालीन जनमत
संजीव कौशल समाज तमाम तरह की राजनीतिक गतिविधियों का रणक्षेत्र है। यहां कोई न कोई अपनी राजनीतिक चाल चलता रहता है। ऐसे में कवि की...
कविताजनमत

अपूर्णता से उपजे तनाव की कवयित्री हैं ज्योति शोभा

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र छुपने के लिए साँस भर जगह.. ज्योति शोभा की कविताओं में उतरने के लिए धैर्य अपेक्षित है। थोड़ी सी भी हड़बड़ी इसके सौंदर्य...
ख़बरजनमत

जेएनयू पर हमला मस्तिष्क, संवाद , बहस , चिंतन, सत्य और न्याय पर हमला है

रवि भूषण
अमेरिकी दार्शनिक जैसन स्टेनले (जन्म 12 अक्टूबर 1969) की पुस्तक ‘हाउ फासिज्म वर्क्स द पॉलिटिक्स ऑफ यूएस एंड देम 2018’ का एक अध्याय एंटी इंटेलेक्चुअल...
कविताजनमत

समय के छद्म को उसकी बहुस्‍तरियता में उद्घाटित करतीं कल्पना मनोरमा

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल लालसा सन्यास के पद गुनगुनाये चाटुकारी जब रचे उपसर्ग प्रत्यय तुष्ट होकर अहम सजधज मुस्कुराये। वर्तमान समय की राजनीतिक उलटबांसी और उससे पैदा...
ख़बरजनमत

फै़ज़ को क्यों और कैसे पढे़ ?

प्रणय कृष्ण
उर्दू काव्यशास्त्र में मज़मून (कंटेंट) और मानी (मीनिंग) में फर्क किया गया है। इसे समझने के लिए हमें ‘गुबारे- अय्याम’ में संकलित ‘तराना-2’ (1982) सुनना/पढ़ना...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
जनमतज़ेर-ए-बहस

नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस: झूठ का भ्रमजाल कौन ज़िम्मेदार था देश के विभाजन के लिए?

राम पुनियानी
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विविध प्रतिक्रयाएं सामने आईं हैं, जिनमें से कई नकारात्मक हैं. एक ओर जहाँ उत्तरपूर्व में...
जनमतज़ेर-ए-बहस

सत्ता द्वारा जनांदोलनों के ख़िलाफ़ काउंटर प्रोटेस्ट खड़ा करने का नया चलन

सुशील मानव
‘नागरिकता संशोधन अधिनयम-2019’ व ‘राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर’ के खिलाफ़ पूरे देश में जबर्दस्त आंदोलन चल रहे हैं। इनमें छात्र आंदोलन, नागरिक आंदोलन और राजनीतिक दलों...
जनमत

स्वामी नित्यानंद का हिन्दू राष्ट्र

राम पुनियानी
धर्म कदाचित मानवता की सबसे जटिल परिकल्पना है. सदियों से दार्शनिक और विद्वतजन धर्म को समझने और उसे परिभाषित करने का प्रयास कर रहे हैं....
जनमत

नागरिकता संशोधन कानून के रास्ते ‘ हिंदू राष्ट्र ’ ने किया संविधान में घुसपैठ

सुशील मानव
अभी तक कैसे भी कितने भी तरह के सांप्रदायिक हमले होते रहे हों लेकिन इस देश का जो लोकतांत्रिक ढाँचा था वो जस का तस...
ख़बरचित्रकलाजनमत

आंतरिक सौंदर्य की अभिव्यक्ति का तीन दिवसीय मेला

सुशील मानव
पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ, प्रिंट्स जैसे विजुअल आर्ट के तमाम माध्यमों के जरिए समाजिक जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से अभिव्यक्ति एक्सप्रेशन का साझा वार्षिक प्रदर्शनी कार्यक्रम...
जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
ख़बरजनमत

दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

समकालीन जनमत
दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
ख़बरजनमत

शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

समकालीन जनमत
FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
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‘ आपकी चिंता में पड़ोसी देश का हिंदू नहीं है, आपके निशाने पर इस देश का मुसलमान है ’

हिमांशु पंड्या
“सर, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के बारे में भी कुछ लिख दीजिए.” मेरे एक दक्षिणपंथी रुख वाले पुराने विद्यार्थी ने लिखा. यही तर्क भाजपा कब से...
Fearlessly expressing peoples opinion