समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

रचना सिर्फ सकलम नहीं बल्कि सकर्मक होनी चाहिए

समकालीन जनमत
75 पार राजेन्द्र कुमार : प्रो राजेन्द्र कुमार के सम्मान में उमड़ा नागरिक समाज इलाहाबाद। सेंट जोसेफ कालेज स्थित होगेन हाल में वरिष्ठ कवि, आलोचक...
कविता

चंदन सिंह की कविताएँ अपने प्राथमिक कार्यभार की ओर लौटती कविताएँ हैं

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र चन्दन सिंह कविता से प्राथमिक काम लेने वाले कवि हैं। इस दौर में जब कविता के मत्थे ही सारी जिम्मेदारियाँ थोपी जा रही...
जनमतस्मृति

‘ रुको कि अभी शेष है जिंदगी की जिजीविषा, प्राण और सांस, शेष है धरती, आकाश और क्षितिज ’

  (वरिष्ठ रचनाकार और आदिवासी, दलित और स्त्री मुद्दों पर सक्रिय रहीं सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता (22.4.1929 – 26.3.2019) के निधन पर जन संस्कृति मंच...
साहित्य-संस्कृतिस्मृति

‘ वह धर्म कहलाने योग्य नहीं जिसके सिद्धांत और आदेश किसी जाति या देश के अध:पतन के कारण हो ’

समकालीन जनमत
( आज गणेश शंकर विद्यार्थी का शहादत दिवस है. 23 मार्च 1931 की सुबह कानपुर में दंगे की आग को शांत करते और पीड़ित लोगों...
ख़बरनाटक

भगत सिंह के विचारों का प्रतिरूप: गगन दमामा बाज्यो

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र संचालक और निर्देशक शिल्पी मारवाह और उनकी टीम के माध्यम से सुखमंच थियेटर अपने सामयिक और संदेशपरक नाट्य प्रस्तुतियों की दिशा में उल्लेखनीय...
कविता

यथार्थ और स्वप्न के लिए बराबर खुली हुई आँख हैं निकिता की कविताएँ

समकालीन जनमत
ज्योत्स्ना मिश्र दिये कहाँ जलाएं आखिर ?रोशनी से जगमगाते घरों में या अंधेरे से भरे हुए दिलों में निकिता नैथानी गढ़वाल से एक युवा जागरूक...
कविता

पहली पुण्यतिथि पर बलिया ने याद किया केदार नाथ सिंह को

कवि केदारनाथ सिंह की स्मृति में बलिया में हुआ कार्यक्रम केदार जी से हमारी पीढ़ी ने बहुत कुछ सीखा – निलय उपाध्याय केदारनाथ सिंह भोजपुरी...
कविता

नयी धुन और नया गीत रचती हैं उषा राय की कविताएँ

समकालीन जनमत
कविताओं में सब कविताएँ नहीं होतीं। जिसे हम कविता कहते हैं, वह भी समूची कविता नहीं होती। कविता किसी शब्द संरचना के भीतर खुद को...
जनमतमीडिया

72 दिनों के लिए गोदी मीडिया के डिबेट का बहिष्कार करे और उससे लड़ कर दिखाए विपक्ष

रवीश कुमार
  मीडिया हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं का एक अग्रणी चेहरा है। इन पांच सालों में गोदी मीडिया बनने की प्रक्रिया तेज़ ही हुई है, कम नहीं...
नाटक

थियेटर और कला की जन-सैद्धांतिकी पर संवाद करती जरूरी किताब

दुर्गा सिंह
एक कलाकार/रचनाकार जीवन-जगत के क्रिया-व्यापार की पुर्नरचना करता है। हालांकि इस पुर्नरचना के लिए तत्संबंधी शास्त्रों में प्रशिक्षण की बात कही गयी है, यथा प्रतिभा,...
जनमतव्यंग्य

बधाई है, जी बधाई है ! उत्तराखंड सरकार ने अनंत रोजगार की योजना चालू कर दी

बधाई है, जी बधाई है ! अंततः उत्तराखंड सरकार ने अनंत रोजगार की योजना चालू कर दी है. कुछ ही दिन पहले अखबारों में खबर...
कविताशख्सियतस्मृति

विद्रोह की मशाल है सावित्रीबाई फुले की कविताएँ

समकालीन जनमत
अनिता भारती (आज 10 मार्च सावित्रीबाई फुले का परिनिर्वाण दिवस है। आज के दिन को पिछले कई सालों से दलित महिला दिवस के रूप में...
नाटकसाहित्य-संस्कृति

ज़िन्दगी के अनुभवों की पताका है ‘ऐ लड़की’

समकालीन जनमत
कृष्णा सोबती के प्रसिद्ध लघु उपन्यास ‘ऐ लड़की’ का मंचन कालीदास रंगालय, पटना में कोरस टीम के द्वारा किया गया। इसका नाट्य रूपांतरण व निर्देशन...
कहानीसाहित्य-संस्कृति

रज्जब अली कहानी संग्रह पर परिचर्चा संपन्न

राम नरेश राम
कलाकार को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा पहुँचने वाले मुहावरे में अपनी बात कहे- संजीव कुमार पिछली 3 मार्च को जसम दिल्ली इकाई की...
नाटकसाहित्य-संस्कृति

लाहौर के लिए अब भी दिल धड़कता है लोगों का

संजय जोशी
चंडीगढ़, 27 फरवरी, 2019 अब थोड़े स्थूलकाय हो चले नाटे कद के घनी मूछों वाले 63 वर्षीय ज़हूर आलम नैनीताल के युगमंच थियेटर ग्रुप की...

उम्मीद को अलग-अलग ढंग से पकड़ने की कोशिश हैं रमन की कविताएँ

समकालीन जनमत
आर. चेतन क्रांति रमण कुमार सिंह की इन कविताओं में अपने मौजूदा समय को पकड़ने और उसकी क्षुद्रताओं, उसके खतरों, उसके खतरनाक इरादों और बदलावों...
सिनेमा

2 मार्च से शुरू होगा प्रतिरोध का सिनेमा का दूसरा नागपुर फ़िल्म फ़ेस्टिवल

संजय जोशी
नागपुर,  1 मार्च 2019 आगामी 2 से 3 मार्च नागपुर के शंकर नगर स्थित धनवटे सभागार में प्रतिरोध का सिनेमा का दूसरा नागपुर फ़िल्म फेस्टिवल...
जनमतमीडिया

क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते ? कर दीजिए

रवीश कुमार
अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप...
कविताजनमत

ज़मीनी हक़ीक़त बयाँ करतीं चंद्र की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल चंद्र मेरी आज तक की जानकारी में पहले ऐसे व्‍यक्ति हैं जो खेती-बाड़ी में, मजूरी में पिसते अंतिम आदमी का जीवन जीते हुए पढ़ना-लिखना...
जनमतशख्सियतस्मृति

नामवर सिंह ने कभी अवकाश ग्रहण नहीं किया

प्रणय कृष्ण
नामवर सिंह नहीं रहे. 93 साल की उन्होंने उम्र पायी, लेकिन लगता है जैसे किसी विराट उपस्थिति ने अचानक हमें किसी न भरे जा सकने...
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