साहित्य-संस्कृति हम असली मुद्दे और विरासत भूल जाएं, इसके लिए स्मृतियां मैन्युफैक्चर की जा रही हैं- प्रणय कृष्णसमकालीन जनमतSeptember 15, 2025September 15, 2025 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2025September 15, 20250189 लखनऊ, 15 सितंबर। ” देश में स्मृतियों का गृह युद्ध चल रहा है। सत्ता चाहती है कि उमर खालिद जैसे लोग, जो बरसों से जेल...
साहित्य-संस्कृति ‘ याद ए तश्ना’ कार्यक्रम में ‘तज़किरा’ त्रैमासिक पत्रिका का विमोचनसमकालीन जनमतSeptember 23, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 23, 20240260 लखनऊ। जन संस्कृति मंच की ओर से मशहूर अवामी शायर तश्ना आलमी के सातवें स्मृति दिवस के अवसर पर इप्टा दफ़्तर कैसरबाग में ‘ याद...
साहित्य-संस्कृति तश्ना आलमी की शायरी में श्रम का सौंदर्य – कौशल किशोरसमकालीन जनमतSeptember 19, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 19, 201902970 तश्ना आलमी की याद में लखनऊ में हुआ कार्यक्रम लखनऊ। तश्ना आलमी की शायरी प्रेम, संघर्ष व श्रम से मिलकर बनी है। इसमें श्रम का...
कवितासाहित्य-संस्कृति ‘यह तश्ना की है गज़ल, इस शायरी में गाने-बजाने को कुछ नहीं’समकालीन जनमतFebruary 3, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 3, 2018May 31, 20206 2991 तश्ना आलमी की याद में लखनऊ में सजी गज़लों की शाम लखनऊ । तश्ना आलमी की शायरी गहरे तक छूती है। ऐसा लगता है कि...