टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड चन्द्रकला* ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा रुक्का’ को पढ़ते...
‘प्रत्यंचा’ छत्रपति शिवाजी महाराज की उत्तराधिकार परंपरा में कोल्हापुर के राजा बने छत्रपति शाहूजी महाराज की जीवन गाथा है जिसको हिंदी के चर्चित कथाकार संजीव...
(भाकपा (माले) लिबरेशन की पोलित ब्यूरो की सदस्य और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) की सचिव कविता कृष्णन की किताब ‘फीयरलेस फ्रीडम’ पर उनसे...
2020 में पालग्रेव मैकमिलन से मार्क सिल्वर के संपादन में ‘कनफ़्रंटिंग कैपिटलिज्म इन द 21स्ट सेन्चुरी: लेसन्स फ़्राम मार्क्स’ कैपिटल’ का प्रकाशन हुआ । संपादक...
‘देश हुआ आज़ाद, आदिवासियों को मिला आजीवन कारावास’ हिंदी कथा-साहित्य में आदिवासी जीवन-प्रसंग बहुत कम हैं। रेणु एक ऐसे कथाकार हैं, जिन्होंने अपने बहुचर्चित उपन्यास...
शिवमूर्ति हमारे समय के महत्वपूर्ण कथाकार हैं। इनकी विशेषता है कि इन्होंने अपने कथा साहित्य में लोकतत्वों और लोकरंजन का अच्छा-खासा समावेश किया है। आज...
हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक नामवर सिंह (जन्म: 1 मई 1927- मृत्यु: 19 फ़रवरी 2019) को युवा लेखिका अर्पिता राठौर की भावांजलि। सम्पा. अर्पिता राठौर...