समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

शमशेर बहादुर सिंह जयंती समारोह : बात बोलेगी, हम नहीं, भेद खोलेगी बात ही

समकालीन जनमत
प्रगतिशील कविता के सबसे अनोखे और प्रयोगधर्मी कवि शमशेर बहादुर सिंह के पैतृक गाँव कस्बा एलम जिला शामली में 2023 से ‘शमशेर बहादुर कला मंच’...
पुस्तक

अंचित का काव्य संग्रह ‘आधी पंक्ति’: मनुष्य और शहर के बीच संवाद के एक सेतु की निर्मिति है

उमा राग
विधान गुंजन सहजता कवि का आभूषण है। जो बात जिस तरह से कही जानी चाहिए, उसे उसी तरह कहना ही कवि को विशिष्ट बनाता है।...
पुस्तक

शिव कुमार पराग की ग़ज़लगोई :आँधियों में जलते चिराग़

उमा राग
जितेंद्र कुमार शिव कुमार पराग की दस ग़ज़लें वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ. डी. एम. मिश्र द्वारा संपादित ‘ग़ज़ल एकादश ‘(हिंदी श्री पब्लिकेशन, प्रथम संस्करण, 2021) में...
कविता

शम्भु बादल की कविताएँ लोक-अनुभव और वैश्विक चेतना का रसायन हैं

समकालीन जनमत
सुशील कुमार शम्भु बादल की कविताएँ समकालीन हिंदी कविता में उस धरातल का प्रतिनिधित्व करती हैं जहाँ भाषा, दृश्य और नैतिक आग्रह एकाकार होकर एक...
पुस्तक

सत्ता में समाजवाद

गोपाल प्रधान
        2023 में स्प्रिंगेर से रोलैंड बोअर की किताब ‘ सोशलिज्म इन पावर: आन द हिस्ट्री ऐंड थियरी आफ़ सोशलिस्ट गवर्नेन्स ’...
पुस्तक

पहचान की लड़ाई और विमर्श की जमीन

समकालीन जनमत
अजय प्रताप तिवारी भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना में आदिवासी शब्द किसी विशेष समुदाय की संकेत सूचक ही नहीं है, बल्कि अपने समुदाय के संघर्ष, अस्तित्व...
स्मृति

अपनी वैचारिक दृढ़ता के लिए याद रखे जायेंगे राजेंद्र कुमार

समकालीन जनमत
लखनऊ। हिंदी के जाने-माने कवि व आलोचक राजेंद्र कुमार को याद करते हुए 25 जनवरी को जन संस्कृति मंच की लखनऊ इकाई ने श्रद्धांजलि सभा...
साहित्य-संस्कृति

 जसम के आयोजन में लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने किया प्रतिरोध की रचनाओं का पाठ

समकालीन जनमत
रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों दक्षिणपंथी सरकार के तामझाम से भरे साहित्य उत्सव का अर्थहीन शोर-शराबा कायम था तो दूसरी तरफ़ वे लेखक, कवि, कलाकार...
कविता

जगदीश पंकज के नवगीतों में समकालीन चेतना और सामाजिक प्रतिरोध

समकालीन जनमत
 अशोक शर्मा ‘कटेठिया’ जगदीश पंकज समकालीन हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ नवगीतकार हैं। उनके नवगीत अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय परिस्थितियों पर मुखर होकर...
पुस्तक

एक ऐसा उपन्यास जिसे पढ़ते हुए आँखें भीगती रहीं

समकालीन जनमत
अनिल प्रभा कुमार के हिन्दी उपन्यास ‘ सितारों में सूराख़ ’ के उर्दू तर्जुमे की भूमिका का हिन्दी अनुवाद आफ़ताब अहमद प्रिय पाठको, हिन्दी की...
साहित्य-संस्कृति

‘ कम्युनिस्ट आंदोलन ने राजनीति, समाज, संस्कृति और ज्ञान परंपरा को गहरे तक प्रभावित किया ’

मऊ। भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के 100 वर्ष पूरे होने पर जन संस्कृति मंच की तरफ से राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ सभागार में “भारत में...
स्मृति

ज्ञानरंजन : सर्जनात्मक विद्रोह का प्रतिमान

कैलाश बनवासी
  ज्ञानरंजन कथाकार होकर भी पारंपरिक अर्थों में कथाकार नहीं रहे।उन्होंने सत्तर के दशक में अपनी चरम ख्याति के दौर में अपने कहानीकार को रोक...
साहित्य-संस्कृति

गोष्ठी ,कवि सम्मेलन के साथ आयोजित हुआ जन संस्कृति मंच की गया इकाई का प्रथम जिला सम्मेलन 

समकालीन जनमत
गया। जन संस्कृति मंच का प्रथम गया जिला सम्मेलन नागमतिया रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 18 जनवरी को आयोजित किया गया। सम्मेलन तीन सत्रों...
कविता

खुरदरी ज़िंदगी की मनुष्यता को तरजीह देने वाले कवि बलभद्र

समकालीन जनमत
शैलेन्द्र कुमार शुक्ल बीती सदी के नवें दसक में उभरी नई पीढ़ी के एक महत्वपूर्ण कवि बलभद्र जनवादी काव्यशैली और लोकभाषिक अस्मिता के साथ हिंदी...
स्मृति

वीरेंद्र यादव : ‘मुख्यधाराओं’ के विरुद्ध तैरने वाला आलोचक

आशुतोष कुमार
वीरेंद्र यादव हिंदी की मार्क्सवादी आलोचना को इक्कीसवीं सदी में ले जाने वाले प्रमुख आलोचक थे। उनके आकस्मिक निधन से ऐसा लग रहा है कि...
स्मृति

राजेन्द्र कुमार होना आसान नहीं

कौशल किशोर
विनोद जी, नासिर भाई और ज्ञान जी के जाने के सदमे से हम उबर ही रहे थे कि राजेंद्र कुमार जी चले गए। 16 जनवरी...
पुस्तक

नारीवाद, पूंजीवाद और पारिस्थितिकी

गोपाल प्रधान
2023 में नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी प्रेस से जोहान्ना ओकसाला की किताब ‘ फ़ेमिनिज्म, कैपिटलिज्म, ऐंड इकोलाजी ’ का प्रकाशन हुआ । लेखिका को लगातार यह डर...
कविता

सुमन शेखर की कविताएँ प्रयोगधर्मी और लंबी साँस की कविताएँ हैं

समकालीन जनमत
आदित्य शुक्ला सुमन शेखर की ये कविताएँ लंबी साँस की कविताएँ हैं। जैसे किसी चित्रकार ने एक लंबी साँस में एक चित्र खींच दिया हो।...
पुस्तक

पहाड़ों की ठंडी हवा सरीखी कविताएँ :अशोक कुमार के काव्य संग्रह ‘रिक्तियों में पहाड़’ की पुस्तक समीक्षा

समकालीन जनमत
आलोक कुमार मिश्रा हिन्द युग्म प्रकाशन से कवि अशोक कुमार का नया काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है- ‘रिक्तियों में पहाड़।’ संग्रह के नाम में ही...
स्मृति

साहित्य-समाज में हमेशा उपस्थित रहेंगे ज्ञानरंजन

समकालीन जनमत
लखनऊ। प्रसिद्ध कथाकार तथा ‘पहल’ के संपादक ज्ञानरंजन की स्मृति में 10 जनवरी को बलराज साहनी सभागार, कैसरबाग मेंआयोजित श्रद्धांजलि सभा में लखनऊ के साहित्यकारों...
Fearlessly expressing peoples opinion