समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

कविता

बलराम कांवट की कविताएँ एक समावेशी दुनिया का ख़्वाब रचती हैं

उमा राग
 मनीष कुमार यादव ”जंगल में दूर किसी टहनी पर झूलती बया अब तक इसी भरोसे पर सहती आयी है इस विपदा को कि थोड़ी देर...
साहित्य-संस्कृति

“ प्रो तुलसीराम दर्शन की मुक्तिकामी धारा के अन्वेषी चिंतक थे ”

राम नरेश राम
आजमगढ़।  प्रो तुलसीराम स्मृति आयोजन 15 फरवरी, 2026 को आज़मगढ़ के तमसा प्रेस क्लब में ‘ चिंतन की प्रतिरोधी परंपरा और प्रो. तुलसीराम ‘ विषय...
कवितानई क़लम

सत्यव्रत की कविताएँ आदिम संवेदनाओं का एक कोलाज हैं।

समकालीन जनमत
विनय सौरभ सत्यव्रत की इन कविताओं से गुज़रते हुए यह स्पष्ट होता है कि ये कविताएँ आधुनिक जीवन की विडंबनाओं, महानगर के दमघोंटू यथार्थ और...
साहित्य-संस्कृति

डॉ.रामबाबू आर्य जसम दरभंगा के अध्यक्ष और समीर कुमार सचिव बने

समकालीन जनमत
दरभंगा। प्रसिद्ध इंकलाबी शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जयंती के अवसर पर 13 फरवरी को नागार्जुन नगर स्थित प्रो.राजेंद्र कुमार स्मृति सभागार (बी. एम.क्लासेज) में...
स्मृति

इलाहाबाद में प्रो. राजेन्द्र कुमार को गहरी आत्मीयता से याद किया गया

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। कवि-आलोचक प्रोफेसर राजेंद्र की स्मृति में रविवार को अंजुमन रुहे अदब परिसर में स्मृति सभा आयोजित हुई। स्मृति सभा में  प्रोफेसर राजेंद्र कुमार को...
कविता

सत्या शर्मा ‘कीर्ति’ की कविताएँ स्त्री जीवन की जटिल सच्चाइयों को सहजता से उद्घाटित करती हैं

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता “तीस पार की नदियां” और ‘सीझते हुए सपने’ संग्रह की कवयित्री सत्या शर्मा कीर्ति की कविताओं में स्त्रियों का जीवन पूरी संवेदना के...
साहित्य-संस्कृति

शमशेर बहादुर सिंह जयंती समारोह : बात बोलेगी, हम नहीं, भेद खोलेगी बात ही

समकालीन जनमत
प्रगतिशील कविता के सबसे अनोखे और प्रयोगधर्मी कवि शमशेर बहादुर सिंह के पैतृक गाँव कस्बा एलम जिला शामली में 2023 से ‘शमशेर बहादुर कला मंच’...
पुस्तक

अंचित का काव्य संग्रह ‘आधी पंक्ति’: मनुष्य और शहर के बीच संवाद के एक सेतु की निर्मिति है

उमा राग
विधान गुंजन सहजता कवि का आभूषण है। जो बात जिस तरह से कही जानी चाहिए, उसे उसी तरह कहना ही कवि को विशिष्ट बनाता है।...
पुस्तक

शिव कुमार पराग की ग़ज़लगोई :आँधियों में जलते चिराग़

उमा राग
जितेंद्र कुमार शिव कुमार पराग की दस ग़ज़लें वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ. डी. एम. मिश्र द्वारा संपादित ‘ग़ज़ल एकादश ‘(हिंदी श्री पब्लिकेशन, प्रथम संस्करण, 2021) में...
कविता

शम्भु बादल की कविताएँ लोक-अनुभव और वैश्विक चेतना का रसायन हैं

समकालीन जनमत
सुशील कुमार शम्भु बादल की कविताएँ समकालीन हिंदी कविता में उस धरातल का प्रतिनिधित्व करती हैं जहाँ भाषा, दृश्य और नैतिक आग्रह एकाकार होकर एक...
पुस्तक

सत्ता में समाजवाद

गोपाल प्रधान
        2023 में स्प्रिंगेर से रोलैंड बोअर की किताब ‘ सोशलिज्म इन पावर: आन द हिस्ट्री ऐंड थियरी आफ़ सोशलिस्ट गवर्नेन्स ’...
पुस्तक

पहचान की लड़ाई और विमर्श की जमीन

समकालीन जनमत
अजय प्रताप तिवारी भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना में आदिवासी शब्द किसी विशेष समुदाय की संकेत सूचक ही नहीं है, बल्कि अपने समुदाय के संघर्ष, अस्तित्व...
स्मृति

अपनी वैचारिक दृढ़ता के लिए याद रखे जायेंगे राजेंद्र कुमार

समकालीन जनमत
लखनऊ। हिंदी के जाने-माने कवि व आलोचक राजेंद्र कुमार को याद करते हुए 25 जनवरी को जन संस्कृति मंच की लखनऊ इकाई ने श्रद्धांजलि सभा...
साहित्य-संस्कृति

 जसम के आयोजन में लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने किया प्रतिरोध की रचनाओं का पाठ

समकालीन जनमत
रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों दक्षिणपंथी सरकार के तामझाम से भरे साहित्य उत्सव का अर्थहीन शोर-शराबा कायम था तो दूसरी तरफ़ वे लेखक, कवि, कलाकार...
कविता

जगदीश पंकज के नवगीतों में समकालीन चेतना और सामाजिक प्रतिरोध

समकालीन जनमत
 अशोक शर्मा ‘कटेठिया’ जगदीश पंकज समकालीन हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ नवगीतकार हैं। उनके नवगीत अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय परिस्थितियों पर मुखर होकर...
पुस्तक

एक ऐसा उपन्यास जिसे पढ़ते हुए आँखें भीगती रहीं

समकालीन जनमत
अनिल प्रभा कुमार के हिन्दी उपन्यास ‘ सितारों में सूराख़ ’ के उर्दू तर्जुमे की भूमिका का हिन्दी अनुवाद आफ़ताब अहमद प्रिय पाठको, हिन्दी की...
साहित्य-संस्कृति

‘ कम्युनिस्ट आंदोलन ने राजनीति, समाज, संस्कृति और ज्ञान परंपरा को गहरे तक प्रभावित किया ’

मऊ। भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के 100 वर्ष पूरे होने पर जन संस्कृति मंच की तरफ से राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ सभागार में “भारत में...
स्मृति

ज्ञानरंजन : सर्जनात्मक विद्रोह का प्रतिमान

कैलाश बनवासी
  ज्ञानरंजन कथाकार होकर भी पारंपरिक अर्थों में कथाकार नहीं रहे।उन्होंने सत्तर के दशक में अपनी चरम ख्याति के दौर में अपने कहानीकार को रोक...
साहित्य-संस्कृति

गोष्ठी ,कवि सम्मेलन के साथ आयोजित हुआ जन संस्कृति मंच की गया इकाई का प्रथम जिला सम्मेलन 

समकालीन जनमत
गया। जन संस्कृति मंच का प्रथम गया जिला सम्मेलन नागमतिया रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 18 जनवरी को आयोजित किया गया। सम्मेलन तीन सत्रों...
कविता

खुरदरी ज़िंदगी की मनुष्यता को तरजीह देने वाले कवि बलभद्र

समकालीन जनमत
शैलेन्द्र कुमार शुक्ल बीती सदी के नवें दसक में उभरी नई पीढ़ी के एक महत्वपूर्ण कवि बलभद्र जनवादी काव्यशैली और लोकभाषिक अस्मिता के साथ हिंदी...
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