ज़ेर-ए-बहस ‘ हवा में रहेगी मेरे ख़यालों की बिजली ’डॉ हरिओमOctober 1, 2020October 2, 2020 by डॉ हरिओमOctober 1, 2020October 2, 202002359 ‘ आज जब यह पक्तियां लिखी जा रही हैं तो पूरा देश शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उनके जन्मदिन के अवसर पर याद कर रहा...
ज़ेर-ए-बहस UPSSF का गठन : राजनीतिक निहितार्थ और ‘ सुरक्षा ’ का जुमलासमकालीन जनमतSeptember 23, 2020September 25, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 23, 2020September 25, 202002223 अतुल उपाध्याय 13 सितम्बर की रात उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘ उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल अध्यादेश, 2020 ‘ को लागू करते हुए एक...
ज़ेर-ए-बहस सोशल मीडिया को जनता से दूर करने की फिराक़ में सरकारसुशील मानवSeptember 22, 2020September 22, 2020 by सुशील मानवSeptember 22, 2020September 22, 202003175 करीब दस दिन पहले पत्रकार मित्र आरज़ू आलम से फोन पर बात हुई। पहले कोविड-19 और फिर टाई-फाईड से जूझ रहे आरज़ू से उनके स्वास्थ्य...
ज़ेर-ए-बहस जनता के जीवन और रोजगार के संकट से सरकार ने पूरी तरह अपने को “क्वारंटीन” कर लिया हैइन्द्रेश मैखुरीSeptember 17, 2020September 17, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीSeptember 17, 2020September 17, 202001747 इस बात की काफी चर्चा है कि संसद में मोदी सरकार ने कहा कि उसे लॉकडाउन के चलते मरने वाले मजदूरों की संख्या की जानकारी...
ज़ेर-ए-बहस समझें जीवन बूझें भाषाअनुपमा श्रीवास्तवSeptember 16, 2020September 20, 2020 by अनुपमा श्रीवास्तवSeptember 16, 2020September 20, 202002549 मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ काश पूछो कि मुद्दआ क्या है !! एक थी हिन्दी, नीम के पेड़ो के नीचे झूमती गाती अपने...
ज़ेर-ए-बहस व्यापक मानवीय हित में फेसबुक पर नकेल कसा जाना आवश्यकइन्द्रेश मैखुरीSeptember 15, 2020September 15, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीSeptember 15, 2020September 15, 202001039 फेसबुक खोलिए तो वो पूछता है, “ What’s on your mind ” यानि आपके दिमाग में क्या है ! जहां तक फेसबुक का अपना सवाल...
ज़ेर-ए-बहस लोगों द्वारा महसूस की जा रही घुटन कीआवाज बने प्रशांत भूषणसमकालीन जनमतSeptember 7, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 7, 202002172 रुबीना अय्याज/ संदीप पाण्डेय हमारे देश में लाखों मुकदमें सुनवाई के लिए पड़े हैं, कितने बलात्कार, कत्ल, धोखाधड़ी, जमीनों पर कब्जे के मुकदमे, लोगों के...
ज़ेर-ए-बहस हमें न तो दया की दृष्टि से देखो और न ही दैवीय दृष्टि से–शिप्रा शुक्लासमकालीन जनमतSeptember 5, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 5, 202003030 बीते रविवार कोरस के फेसबुक पेज लाइव के माध्यम से तेजपुर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर शिप्रा शुक्ला से निशा ने ‘विकलांगता और स्त्री’ विषय पर...
ज़ेर-ए-बहस किन्नर समुदाय: प्रचलित धारणाएँ और यथार्थसमकालीन जनमतAugust 22, 2020August 22, 2020 by समकालीन जनमतAugust 22, 2020August 22, 202003500 रविवार 16 अगस्त 2020 को कोरस के फेसबुक लाइव ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में ‘वर्तमान भारतीय संदर्भ में किन्नर समुदाय’ विषय पर परिचर्चा की गई...
ज़ेर-ए-बहस प्रेमचंद का उपन्यास ‘प्रेमा’ और सामाजिक सुधार का प्रश्नसमकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 2020 by समकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 202003603 निकिता सामाजिक तथा राजनीतिक उलटफेर को यथार्थ रूप से लिखने में यदि किसी का नाम पहले आता है, तो वह प्रेमचंद हैं । खासकर, बात...
ज़ेर-ए-बहस आज का समय और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां: स्त्री के विशेष सन्दर्भ मेंसमकालीन जनमतAugust 15, 2020August 15, 2020 by समकालीन जनमतAugust 15, 2020August 15, 202002760 कोरस के फेसबुक लाइव में रविवार 9 अगस्त को “आज का समय और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां (स्त्री के विशेष सन्दर्भ में)” विषय पर डॉ....
ज़ेर-ए-बहस शोर ने गंभीर पत्रकारिता की जगह ले ली है और यह देश के जनतंत्र पर सबसे बड़ा खतरा है! : बी.बी.सी. पत्रकार प्रियंका दुबेसमकालीन जनमतAugust 8, 2020August 8, 2020 by समकालीन जनमतAugust 8, 2020August 8, 202001545 कोरस के फेसबुक लाइव में रविवार 26 जुलाई को बीबीसी पत्रकार प्रियंका दुबे से मीनल ने बातचीत की l प्रियंका हिंदुस्तान टाइम्स, तहलका और कारवां...
ज़ेर-ए-बहस राजनीतिक कैदियों की मोदी की सूची के बढ़ते जाने पर चुप्पी के लिये भारतीयों को पछताना पड़ेगासमकालीन जनमतAugust 1, 2020 by समकालीन जनमतAugust 1, 202001857 ( वरिष्ठ पत्रकार शिवम विज का यह लेख ‘ द प्रिंट ’ में 29 जुलाई को प्रकाशित हुआ है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए...
ज़ेर-ए-बहस रसभरीः स्त्री-देह सम्बन्धी सोच को सामने लाती वेब सीरीज़दुर्गा सिंहJuly 19, 2020September 12, 2020 by दुर्गा सिंहJuly 19, 2020September 12, 202003309 हमारे हिंदी समाज का ‘नाॅर्मल’ ‘एब्नार्मल’ से बना है। इसलिए, जब कभी मनुष्यगत मूलभूत और सामान्य बात-व्यवहार, कला रचना या किसी ऐसी चीज से हमारा...
ज़ेर-ए-बहस जब कवि के गीत अस्त्र बन जाते हैंइन्द्रेश मैखुरीJuly 13, 2020July 13, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीJuly 13, 2020July 13, 202003078 वरवर राव तेलगु भाषा में कविता करते हैं. वे पी.एच.डी हैं. उनके पी.एच.डी. थीसिस का विषय था- तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष और इतिहास. 40 साल तक...
ज़ेर-ए-बहस क्लीनिकल ट्रायल पूरा हुए बिना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा का मकसद क्या है ?पुरुषोत्तम शर्माJuly 5, 2020July 5, 2020 by पुरुषोत्तम शर्माJuly 5, 2020July 5, 202001809 आईसीएमआर व भारत बायोटेक द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा की जा चुकी है जबकि...
ज़ेर-ए-बहस अमेरिका में जातीय भेदभावइन्द्रेश मैखुरीJuly 4, 2020July 4, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीJuly 4, 2020July 4, 202001906 अमेरिका में पिछले दिनों भारी उथल-पुथल रही. एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस द्वारा हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद अश्वेतों के...
ज़ेर-ए-बहस हम पितृसत्ता के खिलाफ हैं, पुरुषों के नहीं: कमला भसीनसमकालीन जनमतJuly 1, 2020July 1, 2020 by समकालीन जनमतJuly 1, 2020July 1, 202004796 (‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ शृंखला के अंतर्गत रविवार 28 जून को कोरस के फेसबुक पेज से प्रसिद्ध नारीवादी कार्यकर्ता, कवि और समाज विज्ञानी कमला भसीन...
ज़ेर-ए-बहस कोरोना काल में महिलाओं की दुनिया : घर और बाहरसमकालीन जनमतJune 26, 2020June 26, 2020 by समकालीन जनमतJune 26, 2020June 26, 202003205 डॉ.दीना नाथ मौर्य गायत्री अपने पति और बच्चों के साथ मुम्बई के धारावी इलाके में पिछले 20 सालों से रहती हैं। मूल रूप से उत्तर-प्रदेश...
कहानीज़ेर-ए-बहस ‘नमक का दरोगा’ में नमक का किरदारChandan PandeyJune 25, 2020June 25, 2020 by Chandan PandeyJune 25, 2020June 25, 202005575 ‘नमक का दरोगा’ कहानी को कैसे पढ़ा जाये, यह प्रश्न यदा-कदा कौंध जाता है. पिछले दिनों कथाकार उमाशंकर चौधरी ने इस कहानी के अंत पर...