समकालीन जनमत

Category : जनमत

ख़बरजनमत

फै़ज़ को क्यों और कैसे पढे़ ?

प्रणय कृष्ण
उर्दू काव्यशास्त्र में मज़मून (कंटेंट) और मानी (मीनिंग) में फर्क किया गया है। इसे समझने के लिए हमें ‘गुबारे- अय्याम’ में संकलित ‘तराना-2’ (1982) सुनना/पढ़ना...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
जनमतज़ेर-ए-बहस

नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस: झूठ का भ्रमजाल कौन ज़िम्मेदार था देश के विभाजन के लिए?

राम पुनियानी
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विविध प्रतिक्रयाएं सामने आईं हैं, जिनमें से कई नकारात्मक हैं. एक ओर जहाँ उत्तरपूर्व में...
जनमतज़ेर-ए-बहस

सत्ता द्वारा जनांदोलनों के ख़िलाफ़ काउंटर प्रोटेस्ट खड़ा करने का नया चलन

सुशील मानव
‘नागरिकता संशोधन अधिनयम-2019’ व ‘राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर’ के खिलाफ़ पूरे देश में जबर्दस्त आंदोलन चल रहे हैं। इनमें छात्र आंदोलन, नागरिक आंदोलन और राजनीतिक दलों...
जनमत

स्वामी नित्यानंद का हिन्दू राष्ट्र

राम पुनियानी
धर्म कदाचित मानवता की सबसे जटिल परिकल्पना है. सदियों से दार्शनिक और विद्वतजन धर्म को समझने और उसे परिभाषित करने का प्रयास कर रहे हैं....
जनमत

नागरिकता संशोधन कानून के रास्ते ‘ हिंदू राष्ट्र ’ ने किया संविधान में घुसपैठ

सुशील मानव
अभी तक कैसे भी कितने भी तरह के सांप्रदायिक हमले होते रहे हों लेकिन इस देश का जो लोकतांत्रिक ढाँचा था वो जस का तस...
ख़बरचित्रकलाजनमत

आंतरिक सौंदर्य की अभिव्यक्ति का तीन दिवसीय मेला

सुशील मानव
पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ, प्रिंट्स जैसे विजुअल आर्ट के तमाम माध्यमों के जरिए समाजिक जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से अभिव्यक्ति एक्सप्रेशन का साझा वार्षिक प्रदर्शनी कार्यक्रम...
जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
ख़बरजनमत

दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

समकालीन जनमत
दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
ख़बरजनमत

शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

समकालीन जनमत
FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
ख़बरजनमत

‘ आपकी चिंता में पड़ोसी देश का हिंदू नहीं है, आपके निशाने पर इस देश का मुसलमान है ’

हिमांशु पंड्या
“सर, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के बारे में भी कुछ लिख दीजिए.” मेरे एक दक्षिणपंथी रुख वाले पुराने विद्यार्थी ने लिखा. यही तर्क भाजपा कब से...
जनमत

नागरिकता संशोधन विधेयक : आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे ज़्यादा निरंकुश और भेदभावकारी क़ानून

समकालीन जनमत
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के ठीक एक दिन पहले लोकसभा ने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) 2019 को पास कर दिया। भारत की नागरिकता की मूल शर्तों...
जनमतशख्सियतस्मृति

आम आदमी की हमसफ़र कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश

समकालीन जनमत
रत्नेश विष्वक्सेन आम आदमी की हमसफर कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश जी का इस तरह चले जाना उदास करता है।उनकी रिक्तता को उनकी कहानियां भरेंगी...
जनमतशख्सियतस्मृति

एक हमदर्द दोस्त की तरह मिलीं स्वयंप्रकाश की कहानियाँ

सुधीर सुमन
स्वयं प्रकाश से मिलने का इत्तिफाक नहीं हुआ, पर उनकी कहानियां इत्तिफाकन जिंदगी के बेहद बेचैन वक्तों में मेरे करीब आईं और मुझे किसी हमदर्द...
जनमतशख्सियतस्मृति

क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ?

समकालीन जनमत
प्रवीण कुमार क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ? हाँ ! मेरा यही जवाब है . देखा है और तीन बार मुलाकात भी...
जनमतशख्सियतस्मृति

स्वयं प्रकाश की कहानियाँ: कुछ नोट्स

समकालीन जनमत
रेखा सेठी स्वयं प्रकाश जी का जाना हिंदी कहानी में एक युग के अंत का सूचक है। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पुराना लेख साझा...
कविताजनमत

सुघोष मिश्र की कविता वर्तमान की जटिलताओं से उपजे द्वंद्व की अभिव्यक्ति है

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सुघोष मिश्र की कविताओं को पढ़कर लगा कि उनकी कविताओं से परिचय कराना सरल कार्य नहीं है । इसके पीछे का एक सीधा...
जनमतशख्सियतस्मृति

हमारे समय का सबसे ज़िंदादिल कथाकार चला गया

समकालीन जनमत
मिहिर पंड्या ‘अशोक और रेणु की असली कहानी’, ‘क्या तुमने कभी सरदार भिखारी देखा है’ जैसी अनेक अविस्मरणीय कहानियाँ लिखने वाले महत्वपूर्ण कथाकार स्वयंप्रकाश जी...
जनमत

लोकतंत्र नहीं, लिंचिंग तंत्र

विरूप
‘बालवांश्च यथा धर्मं लोके पश्यति पूरुषः। स धर्मो धर्मवेलायां भवत्यभिह्तः परः।। लोक में बलवान पुरुष जिसे धर्म समझता है, धर्म-विचार के समय लोग उसी को...
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