समकालीन जनमत

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सिविल सोसाइटी ने कहा -अभी बिहार में चुनाव का नहीं, कोरोना से आम लोगों की सुरक्षा का समय है

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कोविड संकट में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर वेबिनार, वेबिनार से लिए गए प्रस्ताव को चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा. पटना। एआइपीएफ की पहलकदमी पर आज...
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दंगाईयों और उनके सरपरस्तों के चेहरे बेनक़ाब कर रही है दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट

धार्मिक उन्माद और उसके पीछे राजसत्ता की ताकत खड़ी हो जाये तो वह कैसा कहर बरपा सकती है,फरवरी के महीने में देश की राजधानी दिल्ली...
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क़ैद ए हयात ओ बंद ए ग़म अस्ल में दोनों एक हैं …

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कोरोना डायरी : लॉकडाउन-1 : नीलिशा [युवा पत्रकार नीलिशा दिल्ली में रहती हैं और इस भयावह वक़्त का दस्तावेज़ीकरण वे कोरोना डायरी नाम से कर...
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गुना की यह तस्वीर, बच्चों की गोद में बाप की नहीं है, भारत की मरी हुई आत्मा और जनता की है

रवीश कुमार
गुना की यह तस्वीर, बच्चों की गोद में बाप की नहीं है, भारत की मरी हुई आत्मा और जनता की है गुना के कलेक्टर और...
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नीतीश कुमार जितने संवेदनशील रिश्तेदारों के लिए हैं, क्या उतने ही संवेदनशील जनता के प्रति भी हैं ?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संकट में राज्य की जनता को बचाने के लिए तो कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किये हैं, पर अपने...
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‘कइसे खेलइ जइबू सावन में कजरिया…’

समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव शृंखला में 6 जुलाई सोमवार को एल कौशिकी चौधरी ने शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। एल कौशिकी चौधरी...
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ऐतिहासिक भौतिकवाद क्या है ?: प्रो. गोपाल प्रधान

गोपाल प्रधान
सोवियत संघ के पतन के बाद वैश्वीकरणकरण ही एकमात्र सच नहीं है। पूंजी के हमलावर होने के साथ उसके प्रतिरोधों का सिलसिला चल पड़ा। इस...
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जिन शहरों ने प्रवासी श्रमिकों से आँखें फेर ली थीं वही उनकी राह में आँखे बिछाये बैठे हैं

( अजीत महाले और के.वी. आदित्य भारद्वाज की यह रिपोर्ट ‘ द हिन्दू ‘ में प्रकाशित हुई है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका...
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दिल्ली और मुम्बई के सबसे बुरे दिन अभी आने वाले हैं

समकालीन जनमत
बरखा दत्त ( वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त का यह लेख हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित हुआ है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिन्दी अनुवाद...
जनमतपुस्तक

सत्य का अनवरत अन्वेषण हैं राकेश रेणु के ‘इसी से बचा जीवन’ की कविताएँ

सुशील मानव
  कविता क्या है और इसका काम क्या है- इस पर अनेक बातें हैं, अनेक परिभाषाएं हैं। लेकिन मौजूदा समय सत्य पर संकट का समय...
जनमत

इतिहास में दर्ज होगा मजदूरों का संघर्ष और साहस

अमित चमड़िया
गरीबी और गरीब को लेकर बचपन से ही हम लोग कई भ्रांतियों के शिकार होते आ रहे है I जब भी हम जैसे मध्यम वर्ग...
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आंदोलनकारियों से मुकदमा वापसी की मांग को लेकर गृहसचिव व डीजीपी से मिले वाम दल और जन संगठनों के नेता 

समकालीन जनमत
पटना. लाॅकडाउन के दौरान वाम दलों, श्रमिक संगठनों के नेताओं और नागरिक समुदाय के कई लोगों पर कोतवाली थाना प्रशासन द्वारा दर्ज किये गये मुकदमे...
कविताजनमत

रोहित ठाकुर प्रकृति की पुकार के कवि हैं

समकालीन जनमत
जसवीर त्यागी “नए ब्रांड का प्रेम उतारा था बाज़ार में /जिसने पहले/ लॉन्च किये हैं उसी कंपनी ने/ हत्या के नए उपकरण/ दाल-भात लिट्टी चोखे...
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अमेरिका में पुलिस घुटने पर बैठ जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के लिए मांग रही है मुआफ़ी

सुशील मानव
25 मई को काले नागरिक जॉर्ज फ्लोएड की गर्दन पर श्वेत घुटना गड़ाकर उसका कस्टोडियल मर्डर करने की घटना के बाद अमेरिका प्रशासन-पुलिस अब घुटनों...
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जेल में मक्खियों-मच्छरों के बीच तड़पता हूँ कि जल्द रिहा होता तो मरीज़ों की जिंदगी बचाने में लगता

समकालीन जनमत
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत मथुरा जेल में बंद बीआरडी मेडिकल कालेज के निलम्बित बाल रोग चिकित्सक डॉ कफील खान ने एक बार फिर जेल...
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अमेरिका के सामाजिक जीवन से रंगभेद कभी गायब नहीं रहा   

गोपाल प्रधान
अमेरिका के सामाजिक जीवन से रंगभेद कभी गायब नहीं हुआ. रंगभेद का सवाल नस्ल के साथ ही वर्ग से भी जुड़ा है. उनमें स्त्री के...
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यह सभ्यतागत आत्मविश्लेषण का क्षण है

समकालीन जनमत
हर्ष मंदर लाॅकडाउन के दौरान भारत के मजदूर वर्ग से पल्ला झाड़ लेना सामाजिक अपराध में सामूहिक सहभागिता है. राष्ट्रव्यापी लाॅकडाउन के लहूलुहान महीनों ने...
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क्या पीएम को भारत के सबसे बुरे मानवीय संकट की रत्तीभर भी परवाह है?

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कोरोना वायरस की महामारी का मुकाबला करने के लिये राष्ट्रव्यापी लाॅकडाउन की घोषणा उसी तरह जल्दीबाजी में की गयी जैसे नोटबन्दी की की गयी थी।...
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प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा देश की सामूहिक मानवता पर एक बदनुमा धब्बा है

समकालीन जनमत
इस महामारी से सर्वाधिक प्रभावित कौन है ? कोरोना वायरस समाज के सभी वर्गों को एकसमान रूप से प्रभावित कर रहा है, यह सोच सन्तोषप्रद...
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