समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

विश्व आदिवासी दिवस पर सामाजिक तलछट में छटपटाते कुछ सवाल

जनार्दन
आदमी ही नहीं समय भी बहरूपिया हो गया है। मनुष्य, समाज और दुनिया के तमाम पंथ अबूझ हो गए हैं। हर कहीं, हर तरफ धुंआ-धुंआ...
जनमत

कोविड-19 से निपटने के सरकारी तरीकों की आलोचना पर पत्रकारों पर कहर

दानिश रज़ा ( दानिश रज़ा की यह रिपोर्ट ‘ द गार्जियन ’ से साभार ली गयी है। हिन्दी अनुवाद दिनेश अस्थाना का है )  ...
जनमत

मजदूरों के श्रम की अनवरत लूट की इबारत है उत्तराखंड में श्रम कानूनों में बदलाव

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में श्रम क़ानूनों की कतर ब्यौंत करने के निर्णय पर मोहर लगा दी गयी. 29 जुलाई को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत...
जनमत

हुड़किया बौल पहाड़ की संस्कृति नहीं, बेगार प्रथा का अवशेष है

आजकल कई लोग पहाड़ में पहले होने वाले हुड़किया बौल की नकल करते उसे पहाड़ की संस्कृति के रूप में प्रचारित करते रहते हैं। हुड़किया बौल...
जनमत

आशा सिर्फ नाम में रहेगा और काम में प्रताड़ना,अपमान और निराशा ही झेलनी होगी ?

आशा कार्यकर्ताओं को तो हर किसी ने देखा होगा. हर इलाके में स्वास्थ्य संबंधी छोटे-बड़े तमाम काम ये करती हैं. आशा दरअसल संक्षिप्त नाम है....
जनमत

सिविल सोसाइटी ने कहा -अभी बिहार में चुनाव का नहीं, कोरोना से आम लोगों की सुरक्षा का समय है

समकालीन जनमत
कोविड संकट में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर वेबिनार, वेबिनार से लिए गए प्रस्ताव को चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा. पटना। एआइपीएफ की पहलकदमी पर आज...
जनमत

दंगाईयों और उनके सरपरस्तों के चेहरे बेनक़ाब कर रही है दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट

धार्मिक उन्माद और उसके पीछे राजसत्ता की ताकत खड़ी हो जाये तो वह कैसा कहर बरपा सकती है,फरवरी के महीने में देश की राजधानी दिल्ली...
ख़बरजनमतमीडिया

क़ैद ए हयात ओ बंद ए ग़म अस्ल में दोनों एक हैं …

समकालीन जनमत
कोरोना डायरी : लॉकडाउन-1 : नीलिशा [युवा पत्रकार नीलिशा दिल्ली में रहती हैं और इस भयावह वक़्त का दस्तावेज़ीकरण वे कोरोना डायरी नाम से कर...
जनमत

गुना की यह तस्वीर, बच्चों की गोद में बाप की नहीं है, भारत की मरी हुई आत्मा और जनता की है

रवीश कुमार
गुना की यह तस्वीर, बच्चों की गोद में बाप की नहीं है, भारत की मरी हुई आत्मा और जनता की है गुना के कलेक्टर और...
जनमत

नीतीश कुमार जितने संवेदनशील रिश्तेदारों के लिए हैं, क्या उतने ही संवेदनशील जनता के प्रति भी हैं ?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संकट में राज्य की जनता को बचाने के लिए तो कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किये हैं, पर अपने...
जनमत

‘कइसे खेलइ जइबू सावन में कजरिया…’

समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव शृंखला में 6 जुलाई सोमवार को एल कौशिकी चौधरी ने शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। एल कौशिकी चौधरी...
जनमत

ऐतिहासिक भौतिकवाद क्या है ?: प्रो. गोपाल प्रधान

गोपाल प्रधान
सोवियत संघ के पतन के बाद वैश्वीकरणकरण ही एकमात्र सच नहीं है। पूंजी के हमलावर होने के साथ उसके प्रतिरोधों का सिलसिला चल पड़ा। इस...
जनमत

जिन शहरों ने प्रवासी श्रमिकों से आँखें फेर ली थीं वही उनकी राह में आँखे बिछाये बैठे हैं

( अजीत महाले और के.वी. आदित्य भारद्वाज की यह रिपोर्ट ‘ द हिन्दू ‘ में प्रकाशित हुई है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका...
जनमत

दिल्ली और मुम्बई के सबसे बुरे दिन अभी आने वाले हैं

समकालीन जनमत
बरखा दत्त ( वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त का यह लेख हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित हुआ है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिन्दी अनुवाद...
जनमतपुस्तक

सत्य का अनवरत अन्वेषण हैं राकेश रेणु के ‘इसी से बचा जीवन’ की कविताएँ

सुशील मानव
  कविता क्या है और इसका काम क्या है- इस पर अनेक बातें हैं, अनेक परिभाषाएं हैं। लेकिन मौजूदा समय सत्य पर संकट का समय...
जनमत

इतिहास में दर्ज होगा मजदूरों का संघर्ष और साहस

अमित चमड़िया
गरीबी और गरीब को लेकर बचपन से ही हम लोग कई भ्रांतियों के शिकार होते आ रहे है I जब भी हम जैसे मध्यम वर्ग...
जनमत

आंदोलनकारियों से मुकदमा वापसी की मांग को लेकर गृहसचिव व डीजीपी से मिले वाम दल और जन संगठनों के नेता 

समकालीन जनमत
पटना. लाॅकडाउन के दौरान वाम दलों, श्रमिक संगठनों के नेताओं और नागरिक समुदाय के कई लोगों पर कोतवाली थाना प्रशासन द्वारा दर्ज किये गये मुकदमे...
कविताजनमत

रोहित ठाकुर प्रकृति की पुकार के कवि हैं

समकालीन जनमत
जसवीर त्यागी “नए ब्रांड का प्रेम उतारा था बाज़ार में /जिसने पहले/ लॉन्च किये हैं उसी कंपनी ने/ हत्या के नए उपकरण/ दाल-भात लिट्टी चोखे...
जनमत

अमेरिका में पुलिस घुटने पर बैठ जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के लिए मांग रही है मुआफ़ी

सुशील मानव
25 मई को काले नागरिक जॉर्ज फ्लोएड की गर्दन पर श्वेत घुटना गड़ाकर उसका कस्टोडियल मर्डर करने की घटना के बाद अमेरिका प्रशासन-पुलिस अब घुटनों...
Fearlessly expressing peoples opinion