समकालीन जनमत

Category : शख्सियत

शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

आम किसान की पक्षधरता के कहानीकार हैं मार्कण्डेय

दुर्गा सिंह
(हिन्दी के प्रसिद्ध कहानीकार मार्कण्डेय के जन्मदिन, 2 मई पर विशेष) आज जबकि गांव और किसान दोनों पूंजी और बाजारवादी प्रसार के बीच बेतरह पीछे...
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वरवर राव : कवि जीता है अपने गीतों में

कौशल किशोर
वरवर राव एक ऐसी शख्सियत का नाम है जो सत्ता के आगे न झुकता है, न दमन से टूटता है। वह आज फासीवाद के विरुद्ध...
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रामनिहाल गुंजन: शब्द संस्कृति के साधक

कौशल किशोर
जन्मदिवस (9 नवंबर) पर (रामनिहाल गुंजन : जन्म – 9 नवम्बर 1936 , मृत्यु – 19 अप्रैल 2022) वरिष्ठ आलोचक रामनिहाल गुंजन का आज 86...
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हिन्दी भाषी उत्तर भारत में पेरियार की धमक के मायने

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  जिस समय 19वीं सदी के आखिरी चौथाई के नायक कारपोरेट हिंदुत्व गठजोड़ के हमलों के दायरे में हैं। ऐसे समय में 1879 में...
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प्रकृति की स्वाधीनता से मनुष्य की स्वाधीनता की तलाश

राम नरेश राम
राम नरेश राम  त्रिलोचन की कविताओं पर लिखना है , समझ में नहीं आ रहा है कहाँ से और कैसे शुरू करूँ. उचित तो शायद...
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दिलखरोंच आवाज वाला लफ्जों का जुलाहा

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार आज गुलज़ार साहब की  88वीं सालगिरह है। गुलज़ार वे शायर, गीतकार, साहित्यकार हैं जिन्होंने अपने कहन के तरीके से अदब की रवायतों, रूढ़ियों...
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चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को जन संस्कृति मंच दिल्ली की श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच की दिल्ली राज्य इकाई ने दिवंगत चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को श्रद्धांजलि दी। इस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन दिल्ली स्थित गढ़ी ललित...
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भारतीय राजनीति के लिए अम्बेडकर का सही आकलन है जरूरी

जनार्दन
भारत रत्न बी.आर. अम्बेडकर ने आजादी के बाद भारत निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विभिन्न मुद्दों के समाधान खोजने के लिए जिस...
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नौ सौ रुपये और एक ऊँट दाना

समकालीन जनमत
(आजादी के बाद की हिन्दी कहानी में  चर्चित रहे लेखक मार्कण्डेय की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर समकालीन जनमत के पाठकों के लिए  प्रस्तुत...
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 इंद्रेश मैखुरी : पहाड़ का असल जनप्रतिनिधि

ओंकार सिंह
अगर कोई सरल हो, सहज हो। अपने आस-पास के प्रति संवेदनशील हो। किसी भी तरह के अन्याय, शोषण के खिलाफ़ बेहतर समझ और तार्किकता के...
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समाजवादी नेता मधु लिमये को श्रद्धांजलि: हरीश खन्ना

हरीश खन्ना
हरीश खन्ना आज समाजवादी नेता मधु लिमये की पुण्य तिथि है। 8 जनवरी, 1995 को उनका निधन हुआ था। महाराष्ट्र में जन्मे मधु जी चार...
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हमारे जीवन की इस अदम्य नायिका को हमारा सलाम !

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह मन्नू भंडारी का जन्म 3 अप्रैल 1929 को मध्य प्रदेश के भानपुरा में हुआ, और अब दिनाँक-15 नवंबर 2021 को वे इस दुनिया...
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मन्नू भंडारी: सुरंग के उस पार से आती रौशनी

समकालीन जनमत
अच्युतानंद मिश्र नई कहानी के दौर की अप्रतिम कथाकार मन्नू भंडारी नहीं रहीं. इस वाकये पर तथ्यात्मक तौर पर तो यकीन किया जा सकता है...
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मुक्तिबोध की अख़बारनवीसी

दुर्गा सिंह
हिन्दी साहित्य में आधुनिक और प्रगतिशील चेतना के साथ सर्जना करने वालों में गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम सबसे प्रमुख है। कविता, कहानी, आलोचना तथा...
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त्रिलोचन के नामवर और नामवर के त्रिलोचन

समकालीन जनमत
(त्रिलोचन के जन्मदिन पर समकालीन जनमत के पाठकों के लिए प्रस्तुत है त्रिलोचन की डायरी पर शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक की अवधेश प्रधान द्वारा लिखी गई...
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वीरेन डंगवाल की याद में संगोष्ठी और कविता पाठ

समकालीन जनमत
वीरेन की कविताएं काली ताकतों की पहचान करती हैं – कौशल किशोर अलका पांडे, सीमा सिंह, शालिनी सिंह और श्रद्धा बाजपेई ने कविताओं का पाठ...
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प्रेमचंद और भारतीय किसान: सुधीर सुमन 

प्रेमचंद की कृतियों में भारतीय समाज के विस्तृत चित्र मिलते हैं। उनका साहित्य ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह है। शायद ही ऐसा कोई चरित्र या सामाजिक...
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हिंदुत्व की राजनीति और प्रेमचंद: डाॅ. अवधेश प्रधान

समकालीन जनमत
(आजादी के पचास साल पूरा होने के बाद डाॅ. अवधेश प्रधान ने यह लेख लिखा था, जो समकालीन जनमत, अप्रैल-जून 1998 में छपा था। 2016...
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सूरजपाल चौहान: कच्चे अनुभव नहीं पकी हुई समझ के रचनाकार

समकालीन जनमत
दुखद खबरों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा. इसी बीच खबर आ रही है कि हिंदी के वरिष्ठ दलित साहित्यकार सूरजपाल चौहान...
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कन्नड़ साहित्यकार सिद्धलिंगय्या: क्रांतिकारिता से सांस्कृतिक इयत्ता तक

समकालीन जनमत
  सर्वेश कुमार मौर्य कोरोना महामारी से लगातार जूझ रहे देश में कर्नाटक से भी एक बुरी खबर आ रही है; कन्नड़ साहित्य के प्रमुख...
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