समकालीन जनमत

Category : शख्सियत

शख्सियत

प्रेमचंद और भारतीय किसान: सुधीर सुमन 

प्रेमचंद की कृतियों में भारतीय समाज के विस्तृत चित्र मिलते हैं। उनका साहित्य ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह है। शायद ही ऐसा कोई चरित्र या सामाजिक...
शख्सियत

हिंदुत्व की राजनीति और प्रेमचंद: डाॅ. अवधेश प्रधान

समकालीन जनमत
(आजादी के पचास साल पूरा होने के बाद डाॅ. अवधेश प्रधान ने यह लेख लिखा था, जो समकालीन जनमत, अप्रैल-जून 1998 में छपा था। 2016...
शख्सियत

सूरजपाल चौहान: कच्चे अनुभव नहीं पकी हुई समझ के रचनाकार

समकालीन जनमत
दुखद खबरों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा. इसी बीच खबर आ रही है कि हिंदी के वरिष्ठ दलित साहित्यकार सूरजपाल चौहान...
शख्सियत

कन्नड़ साहित्यकार सिद्धलिंगय्या: क्रांतिकारिता से सांस्कृतिक इयत्ता तक

समकालीन जनमत
  सर्वेश कुमार मौर्य कोरोना महामारी से लगातार जूझ रहे देश में कर्नाटक से भी एक बुरी खबर आ रही है; कन्नड़ साहित्य के प्रमुख...
शख्सियत

शहीद रामप्रसाद बिस्मिल : वो क्रांतिकारी जो शोषण और ग़ैर बराबरी के ख़िलाफ़ अंत तक लड़ता रहा

समकालीन जनमत
(भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और शहीद रामप्रसाद बिस्मिल(11 जून 1897-19 दिसम्बर 1927) के जन्मदिवस पर  उन्हें याद कर रहे हैं हर्षवर्धन और अंकुर...
कविता शख्सियत

कविता में अनामिका की उपस्थिति का अर्थ, प्रसंगः साहित्य अकादमी सम्मान-2020

समकालीन जनमत
रमेश ऋतंभर   प्रतिष्ठित कवयित्री-कथा लेखिका व स्त्री विमर्शिका अनामिका को हिन्दी कविता के लिए 2020 का ‘साहित्य अकादमी सम्मान’ दिये जाने की घोषणा अपने-आप...
शख्सियत

कविता की मुक्ति और मुक्ति की कविताः गोरख पाण्डेय का काव्य

प्रणय कृष्ण
(सन् 2005 में ‘ समय का पहिया ‘ शीर्षक से प्रकाशित गोरख पाण्डेय की चुनिंदा कविताओं के संकलन की भूमिका के रूप में लिखे इस...
शख्सियत

दुबले-पतले शरीर में एक मजबूत और क्रांतिकारी शख्सियत का नाम है ‘ नितिन राज ’

समकालीन जनमत
नितिन राज इस कड़ी सर्दी में जेल में हैं। पिछले वर्ष भी आज के दिन वे जेल में ही थे। नितिन राज सच्चे अर्थों में...
शख्सियत

‘क्यों कर न हो मुशब्बक शीशे सा दिल हमारा’ -शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी की याद

मृत्युंजय
फ़ारूक़ी साहब नहीं रहे। यह इलाहाबाद ही नहीं, समूचे हिन्दी-उर्दू दोआब के लिए बेहद अफसोसनाक खबर है। वे उर्दू के जबरदस्त नक्काद [आलोचक] थे, बेहतरीन...
शख्सियत

प्रिय कवि मंगलेश डबराल की याद में

कौशल किशोर
लखनऊ के लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने आज मंगलेश डबराल और राघव नरेश की स्मृति में शोक सभा आयोजित करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy