समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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जनमत

सच की आवाज़ को चुप कराने की साज़िश

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पत्रकार अजीत अंजुम पर FIR के खिलाफ जन संस्कृति मंच का बयान वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम पर बिहार में दर्ज की गई FIR कोई अलग-थलग...
पुस्तक

विमल कुमार के काव्य संग्रह ‘मृत्यु की परिभाषा बदल दो’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण इस दौर में कवि विमल कुमार की सक्रिय रचनात्मक निरंतरता उल्लेखनीय और आश्वस्तिकारी है। ‘सपने में एक औरत’ से बातचीत से बरास्ते ‘जंगल...
कविता

उद्देश्य कुमार की कविताएँ मध्यवर्गीय जीवन की एकरसता से जूझती हैं

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अनुराग यादव एक रचनाकार अगर वास्तव में समाज को एक नया नज़रिया, सोचने समझने का एक नया तरीका प्रदान करना चाहता है उसे अपनी दृष्टि...
पुस्तक

सुमेर सिंह राठौर की डायरी ‘बंजारे की चिठ्ठियाँ’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण चिट्ठियाँ जो ख़ुद को भेजनी थीं, अपने डरों से लड़ने की कोशिश में, बंजारे की चिट्ठियाँ बन गईं- ‘बंजारे की चिट्ठियाँ’ पढ़ने के...

कृषि संकट को बढ़ा रही है मोदी सरकार की नीतियां

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मुसमरिया, जालौन। मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियां कृषि संकट को इस कदर बढ़ा रही हैं कि अब यह  राजनीतिक संकट में बदल गया है।...
कविता

रोशन टोप्पो की कविताएँ आदिवासी परम्परा और विरासत के स्वर हैं

सन्ध्या नवोदिता रोशन टोप्पो आदिवासी जमीन के कवि हैं. आज भी आदिवासियों को अपनी बात अपने ही देशवासियों तक पहुँचाने के लिये अपनी भाषा की...
जनमत

दो युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन के बदलने का संकेत

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जयप्रकाश नारायण  मई और जून में एशिया में दो बड़े युद्ध लड़े गए। एक भारत और पाकिस्तान के बीच जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के...
जनमत

प्रयागराज के करछना में बवाल नहीं, दलितों के खिलाफ बड़ी साजिश हुई : जांच रिपोर्ट

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प्रयागराज, 2 जुलाई। भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की संयुक्त टीम ने प्रयागराज में करछना तहसील के इसौटा गांव का मंगलवार को...
कविता

संघमित्रा राएगुरू की कविताएँ सामाजिक और सांस्कृतिक संचेतना से सराबोर हैं

शिरोमणि महतो उड़ीसा की युवाकवि संघमित्रा राएगुरू उड़िया व हिंदी साहित्य से जुड़ी हुई हैं। दोनों भाषाओं में उनका समानाधिकार है। वह मुख्य रूप से...
पुस्तक

मुस्तफ़ा ख़ान के काव्यसंग्रह ‘पत्थरों की भाषा’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण भाषा पत्थरों की मगर आहत नहीं करती किसी को: मुस्तफ़ा ख़ान की कविताएँ मुस्तफ़ा ख़ान लंबे समय से कविताएँ लिख रहे हैं। समय-समय...
पुस्तक

ललन चतुर्वेदी के कविता संग्रह ‘आवाज़ घर’ की पुस्तक समीक्षा

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 अष्टभुजा शुक्ल ललन चतुर्वेदी छोटी – छोटी कविताओं के ऐसे प्रौढ़ कवि हैं जो घोषित तौर पर ‘ बड़ी कविताएँ ‘ नहीं लिख सकते। कारण...
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पूनम शुक्ला के कविता संग्रह ‘पिता का मोबाईल नंबर’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण तुम्हारी बातें कुदाल-सी खोदती रहतीं हैं मेरी मिट्टी, जब मिलता है तुम्हारे नेह का जल, हरी-भरी हो जाती हूं- कवि पूनम शुक्ला के...
कविता

अपूर्वा दीक्षित की कविताएँ मन की डोर को थामे रहने की समझ से निर्मित हैं

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पीयूष कुमार संभावनाओं से भरी अपूर्वा की कविताएँ.. समकालीन कविता जहाँ साहित्यिक लोकतंत्र के विस्तार से सम्पन्न हुई है, वहीं विचारहीन युवाओं के इस स्वर्णकाल...
कविता

सबीहा रहमानी की कविताओं में सामाजिक सच्चाई से टकराने का साहस है

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मयंक खरे डॉ. सबीहा रहमानी की कविताएँ केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे एक वैचारिक प्रतिरोध, सामाजिक दृष्टि और सांस्कृतिक पुनर्पाठ की कोशिशें...
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नीलकांत: एक औघड़ लेखक

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(हिन्दी के चर्चित साहित्यकार, मार्क्सवादी सौन्दर्यशास्त्री नीलकांत का 14 जून 2025 को दिल्ली के रोहिणी स्थित एक अस्पताल  में निधन हो गया। वे इलाहाबाद में...
पुस्तक

बोधिसत्व के कविता संग्रह ‘अयोध्या में कालपुरुष’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण   जो प्रेम हठ नहीं करता वो बच नहीं सकता! ए.के. रामानुजन की तीन सौ रामायण निबंध-पुस्तक जिसे रामानुजन ने पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में...
कविता

गुलज़ार हुसैन की कविताएँ नफ़रत के ख़िलाफ़ मोहब्बत का पैग़ाम हैं

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पंकज चौधरी प्रखर युवा कवि, पत्रकार गुलज़ार हुसैन का जन्म एक अत्यंत कमज़ोर आर्थिक पृष्ठभूमि में हुआ। नौकरी की तलाश में मुंबई जैसे महानगर पहुँचे,...
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मोदी सरकार की विदेश नीति का ढोल क्यों फटा

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जयप्रकाश नारायण  पहलगाम में आतंकियों द्वारा पर्यटकों की हत्या और उसके बाद भारत का पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर टारगेटेड हमले के बीच विश्व राजनीति...
कविता

नीरज की कविताएँ समकालीन जटिलताओं की पुख़्ता शिनाख़्त हैं

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विजय राही समकाल को समझे बिना कविता को समझना दुष्कर है। कोई भी कवि समय सापेक्ष परिस्थितियों को उजागर करता हुआ आगे बढ़ता है या...
पुस्तक

भाषा सिंह के कविता संग्रह योनि-सत्ता संवाद की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण मेरे आदमी नहीं हो तुम, मेरे आंसू नहीं ढलकते हैं तुम्हारे गालों पर…. भाषा सिंह की कविताएँ पढ़ने की प्रक्रिया में मन में...
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