समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविताजनमत

अनिता भारती की कविताओं में अम्बेडकर

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 अनिता भारती डॉ. अम्बेडकर एकमात्र ऐसे विश्वस्तरीय चिंतक है जिन्होने परिवार और समाज में स्त्री की स्थिति कैसी हो, इस पर गहन चिंतन-मनन किया। पुरूषों के...
जनमतशख्सियत

राहुल का सपना और सच

समकालीन जनमत
(राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893-14 अप्रैल 1963)को उनकी पुण्यतिथि पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि।) अवधेश प्रधान राहुल जी ने पचीस साल की उम्र...
जनमतशख्सियत

अम्बेडकर जयंती पर एक संकल्प

समकालीन जनमत
(बाबासाहब भीमराव अंबेडकर (14 अप्रैल 1891-6 दिसम्बर 1956 ) को उनके जन्मदिन पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि) डॉ. आर. राम इस 14 अप्रैल...
कविता

स्मृति और वर्तमान के द्वंद्व से उपजीं उषा की कविताएँ

समकालीन जनमत
आलोक रंजन इधर उषा राजश्री राठौड़ की कुछ कविताओं से रु ब रु होने का मौका मिला और पहले ही पाठ में वे कविताएँ आकर्षित...
ज़ेर-ए-बहस

स्वामी असीमानंद का बरी होना! किस दिशा में जा रही है भारतीय न्याय व्यवस्था?

समकालीन जनमत
-राम पुनियानी भारतीय न्याय प्रणाली इन दिनों जिस ढंग से काम कर रही है, उससे न्याय पाना और दोषियों को सजा दिलवाना बहुत कठिन हो...
कविता

चंदन सिंह की कविताएँ अपने प्राथमिक कार्यभार की ओर लौटती कविताएँ हैं

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र चन्दन सिंह कविता से प्राथमिक काम लेने वाले कवि हैं। इस दौर में जब कविता के मत्थे ही सारी जिम्मेदारियाँ थोपी जा रही...
जनमतशख्सियत

‘आपहुदरी’ रमणिका गुप्ता को एक श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र आम आदमी, आदिवासी, स्त्री अधिकार आदि के क्षेत्र में ताउम्र कार्यरत रहने वाली साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता का नई दिल्ली में...
ज़ेर-ए-बहस

देश को चाहिए प्रजातांत्रिक शासन ना कि मज़बूत नेतृत्व

समकालीन जनमत
इरफ़ान इंजीनियर भारतीय वायुसेना द्वारा 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट पर हमले के बाद से, ऐसा लगता है कि भाजपा, मजबूत नेता और...
ख़बरनाटक

भगत सिंह के विचारों का प्रतिरूप: गगन दमामा बाज्यो

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र संचालक और निर्देशक शिल्पी मारवाह और उनकी टीम के माध्यम से सुखमंच थियेटर अपने सामयिक और संदेशपरक नाट्य प्रस्तुतियों की दिशा में उल्लेखनीय...
ख़बर

AIPF द्वारा भगत सिंह और साथियों की स्मृति में दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित हुआ

समकालीन जनमत
रविन्द्र पटवाल AIPF के तत्वाधान में आज जन्तर मन्तर पर शहीद भगत सिंह और साथियों की याद में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और जनगीतों का...
कविता

यथार्थ और स्वप्न के लिए बराबर खुली हुई आँख हैं निकिता की कविताएँ

समकालीन जनमत
ज्योत्स्ना मिश्र दिये कहाँ जलाएं आखिर ?रोशनी से जगमगाते घरों में या अंधेरे से भरे हुए दिलों में निकिता नैथानी गढ़वाल से एक युवा जागरूक...
कविताशख्सियतस्मृति

विद्रोह की मशाल है सावित्रीबाई फुले की कविताएँ

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अनिता भारती (आज 10 मार्च सावित्रीबाई फुले का परिनिर्वाण दिवस है। आज के दिन को पिछले कई सालों से दलित महिला दिवस के रूप में...
नाटकसाहित्य-संस्कृति

ज़िन्दगी के अनुभवों की पताका है ‘ऐ लड़की’

समकालीन जनमत
कृष्णा सोबती के प्रसिद्ध लघु उपन्यास ‘ऐ लड़की’ का मंचन कालीदास रंगालय, पटना में कोरस टीम के द्वारा किया गया। इसका नाट्य रूपांतरण व निर्देशन...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

श्रमिक महिलाओं ने की जन सुनवाई और जारी किया अपना घोषणा पत्र

समकालीन जनमत
श्वेता राज विभिन्न सेक्टरों में कार्यरत महिलाओं जैसे – सफाईकर्मी, घरेलू कामगार, स्वस्थ कर्मी, स्किम वर्कर्स, खेत-मजदूर महिलाओं ने मोदी सरकार की गद्दारी पर मुखर...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ऐपवा व अन्य संगठनों का मार्च

समकालीन जनमत
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आज 7 मार्च को ऐपवा व अन्य महिला संगठनों तथा लोकतंत्र-पसंद नागरिकों ने लखनऊ के परिवर्तन चौक से...
जनमत

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर श्रमिक महिलाओं ने जारी किया अपना घोषणा पत्र

समकालीन जनमत
(आज दिनांक 7 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के जंतर मंतर पर श्रमिक महिलाओं ने अपना घोषणा पत्र जारी किया...
ख़बरशख्सियत

कवि-पत्रकार तैयब खान की स्मृति को नमन

समकालीन जनमत
धनबाद-झरिया के बहुत ही सक्रिय और जन मूल्यधर्मी कवि तैयब खान अब हमारे बीच नहीं हैं।01 मार्च 2019 को किडनी की बीमारी के चलते उनका...

उम्मीद को अलग-अलग ढंग से पकड़ने की कोशिश हैं रमन की कविताएँ

समकालीन जनमत
आर. चेतन क्रांति रमण कुमार सिंह की इन कविताओं में अपने मौजूदा समय को पकड़ने और उसकी क्षुद्रताओं, उसके खतरों, उसके खतरनाक इरादों और बदलावों...
ख़बर

सफाई कर्मियों को बराबरी का दर्जा चाहिये, पैर धोना उनका अपमान है: बेज़वाड़ा विल्सन

हृदयेश जोशी सफाई कर्मचारी आंदोलन के संस्थापक और रमन मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता बेजवाड़ा विल्सन का कहना है कि कुम्भ में सफाईकर्मियों के पैर धोना असंवैधानिक...
कविताजनमत

ज़मीनी हक़ीक़त बयाँ करतीं चंद्र की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल चंद्र मेरी आज तक की जानकारी में पहले ऐसे व्‍यक्ति हैं जो खेती-बाड़ी में, मजूरी में पिसते अंतिम आदमी का जीवन जीते हुए पढ़ना-लिखना...
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