समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

विश्वासी एक्का की कविताओं में प्रेम और संघर्ष दोनों ही परम स्वतंत्र और प्राकृतिक रूप में मिलते हैं

समकालीन जनमत
दीपक सिंह व्यक्ति जिस समाज से आता है उसकी चेतना के निर्माण में उसका अहम योगदान होता है | विश्वासी एक्का की कविताओं से गुजरते...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

जाति व्यवस्था के खात्मे से ही आएगा सामाजिक बदलाव

समकालीन जनमत
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की १२८वीं जयंती की पूर्व संध्या पर अन्तर्जातीय -अंतर्धार्मिक विवाह सम्मान समारोह का आयोजन संपन्न जलियांवालाबाग़ के शहीदों को श्रद्धांजलि! युवा आलोचक...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

‘डॉ.अम्बेडकर की पूजा उतनी ज़रूरी नहीं जितना ज़रूरी उनके विचारों को जानना और फैलाना है’

समकालीन जनमत
बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर जयंती समारोह कार्यक्रम के तहत 15 अप्रैल को जन संस्कृति मंच और युवा भीम शक्ति संगठन,भटौली इब्राहिमपुर के सयुंक्त तत्वावधान में...
जनमतसिनेमा

‘ताशकंद फाईल्स’: जैसे खुली वैसे ही बंद…

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र भारत में राजनीतिक विषयों पर फिल्म बनाना कठिन रहा है, शायद इसीलिए निर्माता-निर्देशकों ने प्रेम कहानी, पारिवारिक फिल्मों जैसे सामान्य और सुरक्षित विषयों...
इतिहासजनमत

अपनी विरासत के प्रति जागरूकता की पहल: विश्व विरासत दिवस

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र सभ्यता के प्रारम्भिक काल से मानव की विकासयात्रा के चिह्न विभिन्न माध्यमों से पिछली पीढ़ी से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होते रहे हैं।...
ख़बर

जय श्री राम के नारे लगाते हुए भीड़ ने झारखंड के आदिवासी की लिंचिंग की

समकालीन जनमत
झारखंड जनाधिकार महासभा ने 10 अप्रैल को गुमला, झारखंड में हुई 50 वर्षीय आदिवासी प्रकाश लाकड़ा की मोब लींचिंग और हत्या के ख़िलाफ़ फैक्ट फाइंडिंग...
कविताजनमत

अनिता भारती की कविताओं में अम्बेडकर

समकालीन जनमत
 अनिता भारती डॉ. अम्बेडकर एकमात्र ऐसे विश्वस्तरीय चिंतक है जिन्होने परिवार और समाज में स्त्री की स्थिति कैसी हो, इस पर गहन चिंतन-मनन किया। पुरूषों के...
जनमतशख्सियत

राहुल का सपना और सच

समकालीन जनमत
(राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893-14 अप्रैल 1963)को उनकी पुण्यतिथि पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि।) अवधेश प्रधान राहुल जी ने पचीस साल की उम्र...
जनमतशख्सियत

अम्बेडकर जयंती पर एक संकल्प

समकालीन जनमत
(बाबासाहब भीमराव अंबेडकर (14 अप्रैल 1891-6 दिसम्बर 1956 ) को उनके जन्मदिन पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि) डॉ. आर. राम इस 14 अप्रैल...
कविता

स्मृति और वर्तमान के द्वंद्व से उपजीं उषा की कविताएँ

समकालीन जनमत
आलोक रंजन इधर उषा राजश्री राठौड़ की कुछ कविताओं से रु ब रु होने का मौका मिला और पहले ही पाठ में वे कविताएँ आकर्षित...
ज़ेर-ए-बहस

स्वामी असीमानंद का बरी होना! किस दिशा में जा रही है भारतीय न्याय व्यवस्था?

समकालीन जनमत
-राम पुनियानी भारतीय न्याय प्रणाली इन दिनों जिस ढंग से काम कर रही है, उससे न्याय पाना और दोषियों को सजा दिलवाना बहुत कठिन हो...
कविता

चंदन सिंह की कविताएँ अपने प्राथमिक कार्यभार की ओर लौटती कविताएँ हैं

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र चन्दन सिंह कविता से प्राथमिक काम लेने वाले कवि हैं। इस दौर में जब कविता के मत्थे ही सारी जिम्मेदारियाँ थोपी जा रही...
जनमतशख्सियत

‘आपहुदरी’ रमणिका गुप्ता को एक श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र आम आदमी, आदिवासी, स्त्री अधिकार आदि के क्षेत्र में ताउम्र कार्यरत रहने वाली साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता का नई दिल्ली में...
ज़ेर-ए-बहस

देश को चाहिए प्रजातांत्रिक शासन ना कि मज़बूत नेतृत्व

समकालीन जनमत
इरफ़ान इंजीनियर भारतीय वायुसेना द्वारा 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट पर हमले के बाद से, ऐसा लगता है कि भाजपा, मजबूत नेता और...
ख़बरनाटक

भगत सिंह के विचारों का प्रतिरूप: गगन दमामा बाज्यो

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र संचालक और निर्देशक शिल्पी मारवाह और उनकी टीम के माध्यम से सुखमंच थियेटर अपने सामयिक और संदेशपरक नाट्य प्रस्तुतियों की दिशा में उल्लेखनीय...
ख़बर

AIPF द्वारा भगत सिंह और साथियों की स्मृति में दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित हुआ

समकालीन जनमत
रविन्द्र पटवाल AIPF के तत्वाधान में आज जन्तर मन्तर पर शहीद भगत सिंह और साथियों की याद में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और जनगीतों का...
कविता

यथार्थ और स्वप्न के लिए बराबर खुली हुई आँख हैं निकिता की कविताएँ

समकालीन जनमत
ज्योत्स्ना मिश्र दिये कहाँ जलाएं आखिर ?रोशनी से जगमगाते घरों में या अंधेरे से भरे हुए दिलों में निकिता नैथानी गढ़वाल से एक युवा जागरूक...
कविताशख्सियतस्मृति

विद्रोह की मशाल है सावित्रीबाई फुले की कविताएँ

समकालीन जनमत
अनिता भारती (आज 10 मार्च सावित्रीबाई फुले का परिनिर्वाण दिवस है। आज के दिन को पिछले कई सालों से दलित महिला दिवस के रूप में...
नाटकसाहित्य-संस्कृति

ज़िन्दगी के अनुभवों की पताका है ‘ऐ लड़की’

समकालीन जनमत
कृष्णा सोबती के प्रसिद्ध लघु उपन्यास ‘ऐ लड़की’ का मंचन कालीदास रंगालय, पटना में कोरस टीम के द्वारा किया गया। इसका नाट्य रूपांतरण व निर्देशन...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

श्रमिक महिलाओं ने की जन सुनवाई और जारी किया अपना घोषणा पत्र

समकालीन जनमत
श्वेता राज विभिन्न सेक्टरों में कार्यरत महिलाओं जैसे – सफाईकर्मी, घरेलू कामगार, स्वस्थ कर्मी, स्किम वर्कर्स, खेत-मजदूर महिलाओं ने मोदी सरकार की गद्दारी पर मुखर...
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