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‘डॉ.अम्बेडकर की पूजा उतनी ज़रूरी नहीं जितना ज़रूरी उनके विचारों को जानना और फैलाना है’

बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर जयंती समारोह कार्यक्रम के तहत 15 अप्रैल को जन संस्कृति मंच और युवा भीम शक्ति संगठन,भटौली इब्राहिमपुर के सयुंक्त तत्वावधान में आज़मगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के कंजरा दिलशदपुर बाजार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस मौके पर जसम उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव ओर भटौली इब्राहिमपुर के निवासी रामायन राम की सद्यःप्रकाशित किताब ‘ डॉ. अम्बेडकर: चिंतन के बुनियादी सरोकार’ का लोकार्पण भी किया गया।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान आज़मगढ़ जिले की लोकप्रिय भीमगीत गायिका पूजा बौद्ध और उनकी टीम द्वारा भीम गीत का कार्यक्रम भी हुआ और पुस्तक प्रदर्शनी और फ़िल्म प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।

      इस कार्यक्रम को जसम के महासचिव मनोज सिंह,माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पूर्व सदस्य और किसान डिग्री कॉलेज मऊनाथ भंजन के पूर्व प्राचार्य डॉ. आर पी यादव, कथाकार हेमंत कुमार,रिहाई मंच के नेता राजीव यादव,प्रतिरोध का सिनेमा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय जोशी,किसान नेता मोतीराम यादव, पूर्व रेलवे कर्मचारी नेता दुखहरन राम,मास्टर राम बचन,सुजीत सोनू,इत्यादि वक्ताओं ने संबोधित किया।
डॉ. आर पी यादव ने अपनी बात जाति व्यवस्था के इतिहास और वर्तमान समय मे उसके सामाजिक राजनैतिक आयाम पर केंद्रित किया।उन्होंने हिन्दू धर्म के अंधविश्वास और गरीबों व किसानों को मानसिक रूप से अवरुद्ध बनाये रखने वाली व्यवस्था पर प्रहार किया।
उन्होंने उत्पीड़ित जातियों की एकता पर बल देते हुए नई सामजिक व्यवस्था बनाने का आह्वान किया।उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार सामजिक विभेद को बढ़ा रही है इसलिए इसे सत्ता से बाहर करना आवश्यक है।
     जसम के महासचिव मनोज सिंह ने बाबा साहब अम्बेडकर की उन चेतावनियों की याद दिलाई जो उन्होंने संविधान सभा के अपने अंतिम भाषण में इंगित की थीं।
तस्वीर: सुजीत सोनू
उन्होंने कहा कि आज देश को एक बार फिर से मनुवाद की ओर ले जाने की कोशिश हो रही है।एक तरफ सरकार बाबा साहब का नाम ले रही है दुसरी तरफ दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं,और सरकार से जुड़े लोग इसे संरक्षित कर रहे हैं।जिन्होंने रोहित वेमुला और ऊना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं आज के समय की तस्वीर हैं।
तस्वीर: सुजीत सोनू
उन्होंने जाति उन्मूलन की लड़ाई को तेज़ करने की बात की और  कहा कि बदलाव की लड़ाई लड़ने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आकर जाति के खिलाफ लड़ना होगा तभी बाबा साहब के सपनों का भारत बन सकता है।
      रिहाई मंच के नेता राजीव यादव ने कहा कि आज देश मे बाबा साहब के संविधान को बदलने की कोशिश हो रही है,इसका सबसे बड़ा प्रमाण सवर्णों को आर्थिक आधार पर दिया गया आरक्षण है।
भारत के संविधान मे  आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है लेकिन सरकार ने आनन फानन में जिस तरह इसे लागू किया वह संविधान के साथ छेड़ छाड़ है।2अप्रैल के आन्दोलन का जिक्र करते हुए राजीव ने कहा कि आज भी दर्जनों दलित युवा जेलों में बंद हैं,उनपर गैरकानूनी धाराएं लगा कर उत्पीड़न किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में दलितो पिछडों की फर्ज़ी मुठभेड़ों में हत्याएं हो रही हैं इसके खिलाफ लोकतांत्रिक जनमत को आगे आना होगा।
       संजय जोशी ने रामायन राम की किताब का परिचय देते हुए,किताब में उठाये गए सवालों पर बात की।इस  विचार गोष्ठी को किसान नेता मोती यादव,मास्टर राम बचन एवम् इंकलाबी नवजवान सभा के नेता सुजीत सोनू ने भी संबोधित किया।अध्यक्षीय संबोधन रेलवे यूनियन के पूर्व नेता श्री दुखहरन राम ने किया।संचालन रामायन राम ने किया।
       गोष्ठी के बाद प्रतिरोध का सिनेमा की ओर से संजय जोशी ने प्रेमचंद की कहानी पर आधारित सत्यजीत रे द्वारा निर्देशित ‘सद्गति’ फ़िल्म का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में डीएवी कॉलेज आज़मगढ़ के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. बद्रीनाथ व वरिष्ठ समाजवादी नेता विजय बहादुर राय भी शामिल रहे।
इस पूरे आयोजन को भटौली इब्राहिमपुर के निवासी डॉ. शिवकुमार व डॉ. अरविंद यादव ने सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस मौके पर आस पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।जिनमे महिलाएं भी अच्छी तादाद में उपस्थित थीं।भीषण गर्मी व लू के बावजूद लोगों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला।

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