समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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ख़बरग्राउन्ड रिपोर्ट

महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ऐपवा व अन्य संगठनों का मार्च

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आज 7 मार्च को ऐपवा व अन्य महिला संगठनों तथा लोकतंत्र-पसंद नागरिकों ने लखनऊ के परिवर्तन चौक से...
जनमत

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर श्रमिक महिलाओं ने जारी किया अपना घोषणा पत्र

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(आज दिनांक 7 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के जंतर मंतर पर श्रमिक महिलाओं ने अपना घोषणा पत्र जारी किया...
ख़बरशख्सियत

कवि-पत्रकार तैयब खान की स्मृति को नमन

समकालीन जनमत
धनबाद-झरिया के बहुत ही सक्रिय और जन मूल्यधर्मी कवि तैयब खान अब हमारे बीच नहीं हैं।01 मार्च 2019 को किडनी की बीमारी के चलते उनका...

उम्मीद को अलग-अलग ढंग से पकड़ने की कोशिश हैं रमन की कविताएँ

समकालीन जनमत
आर. चेतन क्रांति रमण कुमार सिंह की इन कविताओं में अपने मौजूदा समय को पकड़ने और उसकी क्षुद्रताओं, उसके खतरों, उसके खतरनाक इरादों और बदलावों...
ख़बर

सफाई कर्मियों को बराबरी का दर्जा चाहिये, पैर धोना उनका अपमान है: बेज़वाड़ा विल्सन

हृदयेश जोशी सफाई कर्मचारी आंदोलन के संस्थापक और रमन मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता बेजवाड़ा विल्सन का कहना है कि कुम्भ में सफाईकर्मियों के पैर धोना असंवैधानिक...
कविताजनमत

ज़मीनी हक़ीक़त बयाँ करतीं चंद्र की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल चंद्र मेरी आज तक की जानकारी में पहले ऐसे व्‍यक्ति हैं जो खेती-बाड़ी में, मजूरी में पिसते अंतिम आदमी का जीवन जीते हुए पढ़ना-लिखना...
ख़बरशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

हिंदी के अभिमान की विदाई

(हिन्दी के सुपरिचित युवा कवि और आलोचक पंकज चतुर्वेदी की तरफ से नामवर सिंह को श्रद्धांजलि ।) आज सुबह यह मालूम होते ही कि डॉक्टर...
जनमतस्मृति

जनतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर, निडर रचनाकार-अर्चना वर्मा

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(हंस और कथादेश जैसी पत्रिकाओं का सार्थक सम्पादन कर साहित्यिक पत्रकारिता में स्त्री-हस्तक्षेप के लिए भरपूर गुंजाइश बनाने वाली अर्चना वर्मा गत 16 फरवरी को...
कविताजनमत

बादलों में आकार की खोज: रमणिका गुप्ता की कविताई

समकालीन जनमत
बजरंग बिहारी तिवारी नारीवादी आंदोलन का दूसरा दौर था. ‘कल्ट ऑफ़ डोमिस्टिसिटी’ को चुनौती दी जा चुकी थी. राजनीति में स्त्री की उपस्थिति को औचित्यपूर्ण,...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

निराला की कहानियाँ- आधुनिक बोध, प्रगतिशीलता व स्वाधीन चेतना की प्रबल अभिव्यक्ति

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दुर्गा सिंह निराला के कहानी लेखन का समय 1920 ई के बाद का है। लेकिन पहली ही कहानी में आधुनिक बोध, प्रगतिशीलता व स्वाधीन चेतना...
कविताजनमत

ज्योत्सना की कविताएँ स्त्री-मन की करुणा और सम्वेदना का समकालीन पाठ हैं

समकालीन जनमत
देवेंद्र आर्य ज्योत्सना की कविताएँ स्त्री-मन की करुणा और सम्वेदना का समकालीन पाठ पेश करती हैं , पर उनका समकाल विद्रूप या भौकाल बन कर...
ख़बर

आवाज, जमीन, रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने के लिए मजदूर महासंसद संपन्न

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9 फरवरी अयोध्या। आवाज, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य, तथा समान शिक्षा को मौलिक अधिकार होना चाहिए। भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य तथा खेग्राम्स के राष्ट्रीय महासचिव...
ख़बर

चिकित्सकों के भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐपवा का प्रदर्शन

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बीकेटी ( लखनऊ )  सीतापुर रोड स्थित राम सागर मिश्र सौ सैय्या संयुक्त चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अजय अग्रवाल के संरक्षण में डॉक्टरों...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

भारतीय देशज प्रेमाख्यान पर  संगोष्ठी

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दिल्ली विश्वविद्यालय के एआरएसडी कॉलेज में 29 और 30 जनवरी को भारतीय देशज प्रेमाख्यान साहित्य पर सघन और जीवंत संवाद का आयोजन किया गया। साहित्य...
ख़बर

मौनी अमावस्या, कुंभ की बद इन्तज़ामी और संवेदनहीन प्रशासन

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एस के यादव  तीर्थराज प्रयाग कुम्भ में 4 फरवरी, 2019, मौनी अमावस्या के अवसर पर कुंभ मेला प्रशासन तथा जिला प्रशासन का सारा ध्यान इस...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

अनामिका को दिया गया रेवांत मुक्तिबोध सम्मान

(स्त्री संघर्ष पुरुषों के विरुद्ध नहीं विपरीत विचारधारा के खिलाफ है।) रोली शंकर ‘उन्होंने चिट्ठी मरोड़ी/और मुझे कोंच दिया काल-कोठरी में/अपनी कलम से मैं लगातार/खोद रही...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

गोरख की याद में कोरस का ‘सुनना मेरी भी दास्ताँ’

समकालीन जनमत
गोरख स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 28 जनवरी को कालिदास रंगालय परिसर में कोरस ने कृष्णा सोबती को समर्पित करते हुए गोरख संगीत और...
ख़बरज़ेर-ए-बहस

दिव्य कुम्भ: एक शहर की हत्या

समकालीन जनमत
के के पांडेय जब शहर के तमाम चौराहों पर लगी बड़ी बड़ी एल सी डी की स्क्रीन पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इतिहास का एक प्रोफेसर...
कविता

‘ गोरख की यादें, उनकी रचनाएँ हम सबको जीने की वजह देती हैं ’

समकालीन जनमत
जलेश्वर उपाध्याय कविता और प्रेम दो ऐसी चीजें हैं जहाँ मनुष्य होने का मुझे बोध होता है। प्रेम मुझे समाज से मिलता है और मैं...
जनमत

भाजपा राज में झारखंड में भुखमरी और कुपोषण

समकालीन जनमत
सिराज दत्ता भाजपा राज में झारखंड में भुखमरी और कुपोषण आदिवासी-मूलवासियों के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों का हनन क्या 2019 में विपक्ष की नज़र इस मुद्दे पर...
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