समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

मरहूम कवयित्री शहनाज़ इमरानी की कविताएँ उम्मीद का हाथ थामे रास्ता दिखाएंगी

समकालीन जनमत
मेहजबीं मरहूम कवयित्री शहनाज़ इमरानी की कविताएँ अपने वर्तमान समय की राजनीतिक सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों का दस्तावेज़ हैं। समाज का कोई कोना उनकी सूक्ष्म दृष्टि...
कविता

नेहा नरुका की कविताएँ समझ और साहस के संतुलन की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
मदन कश्यप युवा कवि नेहा नरूका का यथार्थ को देखने का दृष्टिकोण इतना अलग और मौलिक है कि वह आकर्षित ही नहीं करता, बल्कि कई...
ख़बर

कौशल किशोर को मिला जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान

समकालीन जनमत
यह साहित्य की प्रगतिशील-जनवादी परंपरा और संघर्षशील धारा का सम्मान है – कौशल किशोर कौशल किशोर ने रचना कर्म को सामाजिक कर्म का हिस्सा बनाया-...
पुस्तक

पीटर ग्रे की दृष्टि में शिक्षा का प्रतिदर्श

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राम विनय शर्मा शिक्षा मनुष्य के चहुँमुखी विकास का सबसे प्रमुख माध्यम है। विद्वानों ने शिक्षा को तरह-तरह से परिभाषित करने का प्रयास किया है।...
कविता

मनीष आज़ाद की कविताएँ क्रांति की कामना को बचाए रखती हैं

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन मूलतः अपनी सामाजिक सक्रियता और मानवाधिकारों के पक्ष में अपनी लड़ाई की वजह से सत्ता की आंखों की किरकिरी बने और जेल तक जा...
ख़बर

नागरिक समाज ने किया उ.प्र. सरकार की बुलडोजर नीति के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना

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16 जून 2022, प्रयागराज आज पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पत्थर गिरजा, सिविल लाइंस में इलाहाबाद नागरिक समाज के बैनर तले शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से...
ख़बर

राँची में हिंसा और प्रशासनिक विफलता की झारखंड जनाधिकार महासभा ने की निंदा

समकालीन जनमत
रांची में हुई हिंसा और पुलिस व प्रशासन के विफलता का महासभा कड़ी निंदा करता है 10 जून 2022 को रांची के में रोड पर...
ख़बर

जयंती मिलन के मौके पर क्रांतिकारी सांस्कृतिक योद्धा कबीर और नागर्जुन पूरी शिद्दत से याद किए गए

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दिनांक 14-06-2022 को कबीर एवं नागार्जुन जयंती के अवसर पर प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, दरभंगा पर जनसंस्कृति मंच दरभंगा के तत्वावधान में पूरी शिद्दत से...
कविता

प्रिया वर्मा की कविताएँ शुचितावादी धारणाओं को धता बताती हैं

समकालीन जनमत
जोशना बैनर्जी आडवानी “आम्रपाली की कथा बांचो परिव्राजक! और अब कहो कि तुम्हारे डर को मिट जाना चाहिए। उस गलफंद को कहूँ मैं धन्यवाद? मुझे...
ख़बर

रामजी राय की किताब ‘मुक्तिबोध: स्वदेश की खोज’ का रायपुर में हुआ विमोचन

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रायपुर. ऐसा बहुत कम होता है जब साहित्य के किसी आयोजन में लोगों की अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिलती है. सामान्य तौर पर साहित्यिक आयोजन...
कविता

प्रेम नन्दन की कविताएँ लोकजीवन और उसके संघर्ष की कविताएँ हैं

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कौशल किशोर   प्रेम नन्दन की कविताओं से गुजरते हुए लगता है कि लोकजीवन और उसका संघर्ष अपनी गरिमा के साथ उपस्थित है। यहां ‘पथराई...
कविता

पंखुरी सिन्हा की कविताएँ: तबाही के बरख़िलाफ़ स्मृतियों की पुकार

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी जब कोई कविता, संसार के किसी भी शहर के भीतर बसी सामूहिक स्मृतियों के साथ उस शहर के इतिहास और वहाँ के सामाजिक...
कविता

शुक्ला चौधुरी : मैं लिखूँ कविता पेड़ों की/चिड़ियों की/ ख़ौफ़ नहीं/प्रेम की…..

समकालीन जनमत
कौशल किशोर शुक्ला चौधुरी ऐसी कवयित्री हैं जिन्हें आकाश की ऊँचाई का पता है। वे जानती हैं कि हाथ से आकाश को नहीं छू सकती...
कविता

हम सभी के घर में गणित के जादूगर हैं: ऊषा दशोरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
अरुण शीतांश स्त्री जीवन की विडंबनाओं पर बहुत सारी कविताएँ हमने पढ़ी हैं और उनके माध्यम से उस जीवन की तमाम कही अनकही जटिलताओं से...
इतिहास

1857 की जंग-ए-आज़ादी में हिन्दू-मुस्लमान-सिख साझी क़ुर्बानियों की हैरत-अंगेज़ अनकही दास्तानें

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम साझी विरासत जिसका हिन्दुत्वादी टोली मटियामेट करने में लगी है 10 मई 1857, दिन रविवार को छिड़े भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में...
इतिहास

1857 फ़ौजी बग़ावत या मुक्ति संग्राम

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत 25 फरवरी 1857 को उस समय हुई थी, जब बंगाल के बरहमपुर में ईस्ट इण्डिया कम्पनी...
कविता

सुजाता गुप्ता की कविताएँ समाज की कुरूप सच्चाइयों से उपजी अकुलाहट हैं।

सौम्या सुमन कवि केदारनाथ सिंह ने कहा है कि कविता के पास अपना विचार होना चाहिए और जीवन जगत के बारे में उसका विचार जितना...
ज़ेर-ए-बहस

भारत जो एक जीवन-वृक्ष था उसे बड़ी बेरहमी से धराशायी किया जा रहा है

सबा नक़वी आज की तारीख में पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर सघन हिन्दुत्व की लामबंदी क्यों की जा रही है? क्या हमने अचानक अपने...
कविता

संध्या नवोदिता की कविताओं में जिजीविषा और यथार्थ की कड़वाहट के स्वर प्रमुख हैं

निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री संध्या नवोदिता की ये कविताएँ थिर तापमान की हैं। उनकी कविताओं में अमूर्तता, रागात्मकता, राजनीतिक चेतना और जनसंघर्ष के स्वर स्पष्ट...
कविता

भास्कर चौधुरी की कविताएँ: यहाँ कोई सरहद नहीं है

समकालीन जनमत
कौशल किशोर समकालीन रचनाशीलता दबाव में है। रचनाकार के निजी जीवन, अनुभव संसार, भाव-संवेदना,  लय-ध्वनि सभी अतिरिक्त दबाव में हैं। यह उसके अन्तर्य पर बाह्य...
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