कविता उज्ज्वल भट्टाचार्य की कविताएँ जनविरोधी व्यवस्था में ख़ुद के होने की शिनाख़्त हैंसमकालीन जनमतDecember 27, 2020October 27, 2024 by समकालीन जनमतDecember 27, 2020October 27, 202402634 संजय कुंदन हिंदी कविता की सुपरिचित मुख्यधारा के भीतर कई नियमित-अनियमित अंतर्धाराएं हैं, जो बिना मुखर हुए हिंदी कविता को विस्तृत कर रही हैं। उज्ज्वल...
कविता अंचित की कविताएँ मौजूदा दौर के संकटों की शिनाख़्त करती हैंसमकालीन जनमतDecember 20, 2020December 20, 2020 by समकालीन जनमतDecember 20, 2020December 20, 202002000 रमण कुमार सिंह हाल के समय में हिंदी कविता में जिन कुछ नए युवा कवियों ने अपनी कविता से ध्यान आकृष्ट किया है, उनमें अंचित...
कविता आलोक की कविताएँ यथार्थ के धरातल पर उम्मीद के फूल हैंसमकालीन जनमतDecember 13, 2020December 14, 2020 by समकालीन जनमतDecember 13, 2020December 14, 202002270 अच्युतानंद मिश्र कविता लिखना, दुनिया को देखने जानने और समझने का एक संजीदा और जरूरी काम है। ऐसे में किसी युवा कवि से यह...
कविता रेखा चमोली की कविताएँ हाशिए की आवाज़ हैंसमकालीन जनमतDecember 6, 2020December 7, 2020 by समकालीन जनमतDecember 6, 2020December 7, 202001816 आशीष कुमार कविता अपने बचाव में हथियार उठाने का विचार है साहस की सीढ़ियां है कविता उमंग है उत्साह है खुद में एक बच्चे को...
कविता उपासना झा की कविताएँ स्त्री वेदना से स्त्री चेतना के सफ़र की अभिव्यक्ति हैंसमकालीन जनमतOctober 25, 2020November 17, 2020 by समकालीन जनमतOctober 25, 2020November 17, 202003302 सोनी पाण्डेय जब भी स्त्री कविता से गुजरती हूँ मन कविता की आत्मा में कान लगा उसकी धड़कने(कहन) सुनने की कोशिश करने लगता है।मुझे याद...
कविता सविता पाठक की कविताएँ पितृसत्तात्मक चलन और पाखंड को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 18, 2020October 18, 2020 by समकालीन जनमतOctober 18, 2020October 18, 202002970 रुपम मिश्र सविता पाठक मूल रूप से कहानीकार हैं । कहानी की गद्यात्मकता उनकी कविताओं में भी बनी रहती है । सविता की कविताएँ एक...
कविता मृदुला की कविताएँ व्यवस्था की चमक के पीछे पसरे हुए अंधकार को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 11, 2020October 11, 2020 by समकालीन जनमतOctober 11, 2020October 11, 202002548 कामिनी त्रिपाठी स्वभाव से सरल-सहज मृदुला सिंह छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल सरगुजा के एक कॉलेज में पढ़ाती हैं | यूँ तो उनका जन्म और पढ़ाई–लिखाई...
कविता प्रतिभा की कविताएँ स्त्री जीवन के सवालों को मानव सभ्यता के सवालों से जोड़ती हैंसमकालीन जनमतOctober 4, 2020October 4, 2020 by समकालीन जनमतOctober 4, 2020October 4, 202002478 बसन्त त्रिपाठी प्रतिभा कटियार उन कवियों में है जिनके पास अपनी आत्मीय भाषा तो है ही, अपनी भावनाओं से ज़रा दूर जाकर चीज़ों को देखने...
कविता अंतिम आदमी की हालत बयाँ करतीं विधान की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 202002600 कुमार मुकुल गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’ की कविताएँ ‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह से लेकर सीधा नारा की तर्ज़ पर गांधी के ‘अंतिम आदमी’ की...
कविता छूटते हुए ज़रूरी प्रश्नों का कवि अंजन कुमारसमकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 202003172 बसन्त त्रिपाठी सत्ता संरचना में अंतर्निहित क्रूर आकांक्षाओं को जिन युवा कवियों ने रोजमर्रा के अनुभवों से पकड़ने में अतिरिक्त रूप से सजगता दिखाई...
कविता स्त्री जीवन के अनचीन्हे सच को दर्ज करतीं रजनी अनुरागी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 202004144 संजीव कौशल रजनी अनुरागी की कविताओं से गुज़रना, शरीर के ताप को सीधे महसूस करना है वह ताप जिसमें धीरे धीरे एक स्त्री का जीवन...
कविता समवेत की आवाज़ हैं मनोज कुमार झा की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 202002278 सन्तोष कुमार चतुर्वेदी अब तलक जिन क्षेत्रों को दुर्गम समझा जाता था, आज की कविता वहाँ की यात्रा सहज ही कर लेती है। अब तलक...
कविता सियाह समय से परे एक नई सुबह की दरियाफ़्त करतीं शंकरानंद की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002688 प्रभात मिलिंद युवा कवि शंकरानंद की इन कविताओं को पढ़ना अपनी ही खोई हुई ज़मीन की तरफ़ फ़िर से लौटने, अपनी ही विस्मृत जड़ों को...
कविता अनुराधा अनन्या की कविताएँ आधी आबादी के पूरे सच को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 2020 by समकालीन जनमतAugust 16, 2020August 16, 202003228 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री अनुराधा अनन्या की कविताओं में स्त्री-विमर्श किन्हीं सिद्धान्तों या भारी भरकम वैचारिक जुगाली के बजाय एक व्यावहारिक और यथार्थ रूप...
कविता गौरव भारती की कविताएँ अपने समय और सियासत की जटिलताओं की शिनाख़्त हैंसमकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 2020 by समकालीन जनमतAugust 9, 2020August 9, 202003350 निशांत कोई कवि या कविता तब हमारा ध्यान खींचती है, जब वो हमारे भीतर के तारों को धीरे से छू दे । हमारे भावलोक में...
कविता अशोक कुमार की कविताएँ जीवन के खाली पड़े कटोरों को प्रेम से भर देने की कामना हैंसमकालीन जनमतAugust 2, 2020August 2, 2020 by समकालीन जनमतAugust 2, 2020August 2, 202002990 गिरिजेश कुमार यादव कविता से जुड़े सभी पारंपरिक और आधुनिक सिद्धान्तों का सार यही है कि कविता तभी कविता है जब वह अपने पाठक तक...
कविता अर्चना लार्क की कविताओं में समकाल की बारीक़ परख हैसमकालीन जनमतJuly 26, 2020April 20, 2025 by समकालीन जनमतJuly 26, 2020April 20, 202503786 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री अर्चना लार्क की काव्य संवेदना का पाट व्यापक है। वे अपनी संवेदना के विस्तृत परिसर में हर जीवंत घटना को समेट...
कविता बसंत त्रिपाठी की कविताएँ सत्ता-संस्कृति की चीरफाड़ की बेचैन कोशिश हैंसमकालीन जनमतJuly 19, 2020July 19, 2020 by समकालीन जनमतJuly 19, 2020July 19, 202002052 मृत्युंजय त्रिपाठी बसंत त्रिपाठी की इधर की कविताएँ शोषण के नए रंग-रूप, सत्ता के नए आकार-प्रकार और [कवि] कर्ता की इनके बीच की भूमिका को...
कविता ‘कुमार कृष्ण की कविताएँ वर्तमान दौर के पोएटिक दस्तावेज़ हैं।’समकालीन जनमतJuly 12, 2020July 12, 2020 by समकालीन जनमतJuly 12, 2020July 12, 202003837 वीरेंद्र सिंह कोरोना काल वर्तमान समय में मानव जाति के लिए सबसे मुश्किल दौर बनकर मनुष्य के अस्तित्व को ही चुनौती देता प्रतीत होता...
कविता अशोक तिवारी की कविताओं का तेवर नुक्कड़ कविता का हैसमकालीन जनमतJuly 5, 2020July 7, 2020 by समकालीन जनमतJuly 5, 2020July 7, 202003372 अनुपम त्रिपाठी अशोक तिवारी हमारे दौर के चर्चित कवि हैं। अब तक इनके तीन कविता संग्रह आ चुके हैं- सुनो अदीब (2003), मुमकिन है (2009),...