समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

कविता

अनुराधा सिंह की कविताओं में ‘प्रेम एक विस्तृत संकल्पना’

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह अपने समकालीनों पर लिखते समय, उन पर कोई निर्णयात्मक वाक्य लिखना खतरा उठाने जैसा होता है. या कहें भविष्य में उसके ख़ारिज और...
कविता

बृजराज सिंह की कविता आधे के इनकार की कविता है

यूँ तो कविता का काम बहुधा व्यंजना से चलता है पर कविता को अभिधा से भी बहुत परहेज नहीं रहा है. आधुनिक कविता के लिए...
साहित्य-संस्कृति

आजमगढ़ में समकालीन कथा साहित्य पर विमर्श, छह कहानियों का पाठ

आजमगढ़. गाथांतर, पुरवाई पत्रिका तथा जनवादी लेखक संघ के तत्वाधान दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन आज़मगढ़ में विज़डम इंटरनेशनल स्कूल ( गोरखपुर रोड ,...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति

‘डॉ.अम्बेडकर : चिंतन के बुनियादी सरोकार’ ‘यह सामाजिक गैरबराबरी पैदा करने वाली मशीनरी की पहचान कराने वाली किताब है’

राम नरेश राम
रमणिका फाउंडेशन की मासिक गोष्ठी 11/05/2019 / दिल्ली. यह सामाजिक गैरबराबरी पैदा करने वाली मशीनरी की पहचान कारने वाली किताब है- गोपाल प्रधान रमणिका फाउंडेशन...
मीडियासाहित्य-संस्कृति

संपादक महोदय, वे विकास नहीं, विनाश पुरुष हैं. आप मोदीभक्ति करते रहिए

कुमार परवेज़
मीडिया की मोदीभक्ति अब दलाली के घृणित स्तर पर गिर गई है. भोजपुर में उन्हें लड़ाई ‘ विकास बनाम जातिवाद ‘ की दिखती है. मतलब,...
कविताजनमत

‘मिथिलेश की कविताएँ हमारे समय के आसन्न खतरों के प्रति आगाह करती हैं’

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय  युवा कवि मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ छोटे-छोटे वाक्य विन्यास के जरिये कविता का वह संसार रचती है जो बहुत सहज और आत्मीय...
साहित्य-संस्कृति

लोक की उजास अक्ति तिहार

भुवाल सिंह  (आज अक्ति है। अक्ति अर्थात लोक की उत्सवधर्मिता का आरंभ। छत्तीसगढ़ का यह लोकपर्व दो कारणों से मन को संवेदित करता है। प्रथम,यह...
कविताजनमत

‘गगन गिल ‘मातृमूलक’ दुःखों और उदासियों को रचने वाली कवयित्री हैं’

अनुपम सिंह गगन गिल ने कविता में अपने ज़िम्मे जो काम लिया है, वह है स्त्री की पारम्परिक नियति को उद्घाटित करना. प्रकृति में इतने...
जनमतस्मृति

‘पूंजी’ की लेखन प्रक्रिया और व्यवधान

( कार्ल मार्क्स के जन्म दिन पर विशेष )   मार्क्स ने ग्रुंड्रिस की लिखाई को अंतिम रूप मानचेस्टर में एंगेल्स के पास रहकर दिया...
जनमतसिनेमा

फायरब्रांड :एक और पॉइंट ऑफ व्यू प्रस्तुत करती फ़िल्म

अम्बरीश त्रिपाठी प्रियंका चोपड़ा के प्रोडक्शन और अरुणाराजे के निर्देशन में बनी फिल्म ‘फायरब्रांड’ नेटफ्लिक्स पर फ़रवरी में प्रदर्शित हुई थी। मराठी फ़िल्म ‘धग’ के...
ख़बरचित्रकलासाहित्य-संस्कृतिस्मृति

अलविदा कामरेड हरिपाल त्यागी !

अशोक भौमिक
अलविदा साथी ! हरिपाल त्यागी नहीं रहे। 20 अप्रैल 1935 में जनमे हरिपाल त्यागी कई दिनों से अस्वस्थ थे। हरिपाल त्यागी का जाना हिंदी समाज...
सिनेमा

आज का प्रोपेगेंडा, कल की हिस्ट्री – ‘ दि ताशकंद फाइल्स ’

समकालीन जनमत
नीतू तिवारी क्या आपने ‘दि ताशकंद फाइल्स’ देखी ? नहीं देखी तो ज़रूर देखिए।  बिना इस बात की परवाह किए कि निर्देशक की पॉलिटिक्स क्या...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति

अंबेडकर चिन्तन के अनछुए पहलुओं की खोज

राम नरेश राम
   लोकतंत्र ने जाति-उन्मूलन नहीं किया है. इसने जाति का आधुनिकीकरण करके इसकी जड़ों को और अधिक मजबूत किया है. इसीलिए यही समय है अंबेडकर...
कविताजनभाषा

जीवन के ठाठ का कवि: हरेकृष्ण झा

समकालीन जनमत
मैथिली साहित्य जगत को अपनी समकालीन कविताओं के माध्यम से नई ऊँचाई तक ले जाने वाले कवि हरे कृष्ण झा का 70 वर्ष की आयु...
जनमतपुस्तक

विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से रिश्ता कमज़ोर न पड़े!

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र ‘किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से, बड़ी हसरत से तकती हैं, महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं, जो शामें इनकी सोहबत में...
साहित्य-संस्कृति

गज़ल ‘बहुलता की संस्कृति’ की रक्षा करने वाली विधा – डा. जीवन सिंह

समकालीन जनमत
डी. एम. मिश्र के गज़ल संग्रह ‘वो पता ढूँढे हमारा ’ का विमोचन सम्पन्न दुष्यन्त ने गज़ल को यथार्थपरक बनाया – कौशल किशोर डी. एम....
कविता

विश्वासी एक्का की कविताओं में प्रेम और संघर्ष दोनों ही परम स्वतंत्र और प्राकृतिक रूप में मिलते हैं

समकालीन जनमत
दीपक सिंह व्यक्ति जिस समाज से आता है उसकी चेतना के निर्माण में उसका अहम योगदान होता है | विश्वासी एक्का की कविताओं से गुजरते...
जनमतसिनेमा

‘ताशकंद फाईल्स’: जैसे खुली वैसे ही बंद…

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र भारत में राजनीतिक विषयों पर फिल्म बनाना कठिन रहा है, शायद इसीलिए निर्माता-निर्देशकों ने प्रेम कहानी, पारिवारिक फिल्मों जैसे सामान्य और सुरक्षित विषयों...
कहानीसाहित्य-संस्कृति

प्रख्यात लेखिका मधु कांकरिया को प्रेम चन्द सम्मान

समकालीन जनमत
बांदा. प्रख्यात उपन्यासकार एवं कथाकार मधु कांकरिया को आज एक समारोह में मुंशी प्रेमचन्द्र स्मृति कथा सम्मान से सम्मानित किया गया । यहां हारपर क्लब...
ग्राउन्ड रिपोर्टयात्रा वृतान्त

चैत में नीले रंग की धूम और अंबेडकर की याद

संजय जोशी
भटौली – इब्राहिमपुर, आज़मगढ़ / 14 अप्रैल 2019 आज़मगढ़ से  करीब 22 किमी आगे जाने पर जीयनपुर बाज़ार से एक रास्ता अन्दर की तरफ़ कंजरा...
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