जनमतपुस्तक ‘बड़ी कविता को वक्त के सवालों और सन्दर्भों से जोड़कर उसका एक नया पाठ करना होगा’योगेंद्र आहूजाSeptember 24, 2019September 24, 2019 by योगेंद्र आहूजाSeptember 24, 2019September 24, 201902870 अवधेश त्रिपाठी की इस आलोचना पुस्तक में हिंदी की आधुनिक कविता के पांच प्रमुख कवियों के कृतित्व की विवेचना है । वे हमारे देश के...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक ‘कविता का लोकतंत्र’ पर परिचर्चासमकालीन जनमतSeptember 24, 2019September 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 24, 2019September 24, 201903040 अनुपम सिंह जन संस्कृति मंच की घरेलू गोष्ठी में अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक “कविता का लोकतंत्र” पर परिचर्चा संपन्न हुई . यह परिचर्चा दिनांक 21...
नाटकसाहित्य-संस्कृति ट्रॉल्स के महाजाल को भेदता है राजेश कुमार का नाटक ‘ खेल खतम ’समकालीन जनमतSeptember 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 24, 201901802 लखनऊ। राजेश कुमार राजनीतिक और ज्वलन्त विषयों पर अपने नाटक के लिए ख्यात है। उनका नया नाटक है ‘खेल खतम’। इस नाटक का पाठ उन्होंने...
ख़बरसिनेमा आइसा और संगवारी ने की छात्रों के लिए फ़िल्म स्क्रीनिंगसमकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 22, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 22, 20190852 दिल्ली विश्वविद्यालय से सटे कल्याण विहार इलाके में आज छात्र संगठन आइसा और सांस्कृतिक संगठन संगवारी ने मिलकर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया।...
कविता एकांत और संवेदना की नमी में आकंठ डूबा कवि प्रभात मिलिंदसमकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 24, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 22, 2019September 24, 201904093 रंजना मिश्र प्रभात मिलिंद की कविताओं से गुज़रना संवेदनशील आधुनिक मानव मन की निरी एकांत यात्रा तो है ही साथ ही परिवार समाज और देश...
साहित्य-संस्कृति तश्ना आलमी की शायरी में श्रम का सौंदर्य – कौशल किशोरसमकालीन जनमतSeptember 19, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 19, 201902959 तश्ना आलमी की याद में लखनऊ में हुआ कार्यक्रम लखनऊ। तश्ना आलमी की शायरी प्रेम, संघर्ष व श्रम से मिलकर बनी है। इसमें श्रम का...
जनमतशख्सियतसिनेमा ‘अपनी तारीख़ का उन्वान बदलना है तुझे’समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 201901700 गीतेश सिंह फ़िल्म, टेलीविजन और थिएटर की जानी मानी अभिनेत्री और अनेक अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी शबाना आज़मी का आज जन्म दिन है...
चित्रकलाशख्सियत एम एफ हुसैन की कला में मुक्ति, संघर्ष और प्रगतिशीलता प्रधान स्वर हैंसमकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 18, 2019September 18, 201902161 (17 सितम्बर जाने माने चित्रकार, पद्म विभूषण से सम्मानित मकबूल फिदा हुसैन का जन्म दिन होता है । हुसैन साहब की याद में प्रस्तुत है...
ख़बरशख्सियतस्मृति पाकिस्तान के साम्यवादी और ट्रेड यूनियन नेता तुफ़ैल अब्बास की मृत्यु पर शोक संदेशसमकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 16, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 16, 201902689 विजय सिंह तुफ़ैल अब्बास (1927 – 9/9/2019) 9 सितंबर को काराची मे काॅमरेड तुफ़ैल अब्बास का निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। वे...
कविताजनमत आत्मीयता का रंग और लोक का जीवट : इरेन्द्र की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 15, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2019September 15, 20193 4013 कुमार मुकुल आत्मीयता इरेन्द्र बबुअवा की कविताओं का मुख्य रंग है। इस रंग में पगे होने पर दुनियावी राग-द्वेष जल्दी छू नहीं पाता। भीतर बहती...
जनभाषाशिक्षा राजभाषा का उद्देश्य जनता के कल्याण में निहित होना चाहिएसमकालीन जनमतSeptember 14, 2019April 8, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 14, 2019April 8, 202003011 अम्बरीश त्रिपाठी ऐतिहासिक भूलों को भूल जाने में आम भारतीयों का कोई सानी नहीं है। उपनिवेश बनने की कहानी को कितनी जल्दी और आसानी से...
कविताशख्सियतसाहित्य-संस्कृति वेदों से लेकर लेनिन तक विस्तृत था महादेवी का ज्ञान संसारसमकालीन जनमतSeptember 12, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 12, 201902094 इलाहाबाद, 11 सितम्बर स्त्रियों की सांस्कृतिक संस्था कोरस द्वारा महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर हर वर्ष आयोजित की जाने वाली व्याख्यानमाला की दूसरी कड़ी में...
कविताजनमत ईमानदार जवाबों की तलाश में : ऐश्वर्या की कवितासमकालीन जनमतSeptember 8, 2019September 8, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 8, 2019September 8, 201914718 अपराजिता शर्मा ‘जानने की क्रिया प्रत्यक्ष और एकतरफ़ा नहीं हो सकती!’ पहचान और परिचय से आगे बढ़ने के लिए जानने की इस क्रिया से गुज़रना...
साहित्य-संस्कृति साहित्य की पारिस्थितिकी पर खतरागोपाल प्रधानSeptember 3, 2019September 6, 2019 by गोपाल प्रधानSeptember 3, 2019September 6, 201903512 साहित्य की पारिस्थितिकी आखिर है क्या ? इसका सबसे पहला उत्तर किसी के भी दिमाग में यह आता है कि समाज ही साहित्य की पारिस्थितिकी...
ज़ेर-ए-बहसव्यंग्य अब फिट होगा इंडियासमकालीन जनमतSeptember 2, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 2, 201902078 लोकेश मालती प्रकाश सरकार ने देश की सेहत दुरुस्त करने का बीड़ा उठा लिया है। इसके लिए बाकायदे फिट इंडिया मूवमेंट को खुद प्रधानमंत्रीजी ने...
ज़ेर-ए-बहसव्यंग्य रोमिला थापर की सीवी बनाम मोदी सरकार की डिग्रीसमकालीन जनमतSeptember 2, 2019September 3, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 2, 2019September 3, 201901449 धर्मराज कुमार आजकल सोशल मीडिया पर दिलचस्प ख़बर पढ़ने को मिलती है। ऐसी ही ख़बरों के हवालों से पता चला कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन...
साहित्य-संस्कृति प्रतिरोध साहित्य का मूल स्वर है जो समाज निर्माण का स्वप्न लेकर चलता हैडॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 2019 by डॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 201904694 साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता रहा है. मतलब समाज जैसा है उसे वैसा ही दिखाने वाला लेखन साहित्य है. बचपन से हम...
कविताजनभाषाजनमत अपने समय से सार्थक संवाद हैं सुस्मिता पाठक की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 201903082 रमण कुमार सिंह समकालीन मैथिली कविता में सुस्मिता पाठक एक सुपरिचित और सम्मानित नाम है। मैथिली में स्त्री लेखन को आधुनिक चेतना और नया तेवर...
साहित्य-संस्कृति प्रगतिशील आन्दोलन की विरासत और हमारा समयसमकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 2019 by समकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 201901899 अपने संयुक्त कार्यक्रमों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए तीन लेखक संगठनों जलेस (जनवादी लेखक संघ), दलेस (दलित लेखक संघ) तथा जसम (जन संस्कृति मंच)...
कहानी साम्प्रदायिक राजनीति के ख़तरनाक खेल को बेनक़ाब करती है कहानी ‘गौसेवक’डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 2020 by डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 202004208 28 अगस्त 2019 को सुप्रसिद्ध कथाकार अनिल यादव को उनकी ‘हंस’ में प्रकाशित कहानी ‘गौसेवक’ के लिए वर्ष 2019 के हंस कथा सम्मान से नवाजा...