समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

स्मृति

गोरख की एक कहानी : एक सूत्र और

समकालीन जनमत
बाबू भोलाराय ने जमाने के रंग ढंग खूब देखे हैं । उनको पता रहता है कि दुनिया अब किधर जा रही है । उनको यह...
स्मृति

गोरख पांडेय की डायरी : कविता और प्रेम-दो ऐसी चीजें हैं जहाँ मनुष्य होने का मुझे बोध होता है

समकालीन जनमत
( यह डायरी इमर्जेंसी के दिनों में लिखी गयी । इसमें तत्कालीन दौर के साथ गोरख की निजी जिन्दगी भी दिखाई पड़ती है । याद...
कविताजनमत

देव नाथ द्विवेदी की गज़लें जीवन के यथार्थ से जुड़ने की आग्रही हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   देव नाथ द्विवेदी की शायरी रंग, नस्ल, स्थान, जाति के अधार पर मनुष्यता को खण्डित करने के चल रहे कुचक्र के बरक्स...
जनमतव्यंग्य

उत्तर प्रदेश को आज़ादी मुबारक!

समकालीन जनमत
लोकेश मालती प्रकाश उत्तर प्रदेश के लोगों को बधाई! आपके मुख्यमंत्री ने आपको वह तोहफ़ा दे दिया है जो कश्मीर के लोगों को दशकों लड़-लड़...
ख़बरपुस्तक

फ़ासीवाद से लड़ाई

गोपाल प्रधान
(इस किताब को पढ़ते हुए लगातार महसूस होता रहा कि बात किसी अन्य देश की नहीं, अपने ही प्यारे भारत की हो रही है ।...
स्मृति

‘खगेन्द्र ठाकुर सामाजिक सच्चाई और ज़मीनी यथार्थ से जुड़े विरल सरल व्यक्ति थे’

समकालीन जनमत
अवधेश प्रीत खगेन्द्र ठाकुर एक आलोचक, प्रगतिशील आंदोलन के वाहक, वामपंथी कार्यकर्ता और हरदिल अज़ीज़ साहित्यकार और सामाजिक व्यक्ति थे। उनकी प्रेरक शक्ति उनका काव्य...
स्मृति

परिवर्तनकामी युवाओं के प्रेरक प्रतिबद्ध आत्मीयता के विरल लेखक-चिंतक कॉ.(डॉ.) खगेन्द्र ठाकुर

समकालीन जनमत
रमेश ऋतंभर   प्रख्यात मार्क्सवादी चिंतक व लेखक कॉमरेड खगेन्द्र जी हमारे समय के न केवल एक प्रतिबद्ध लेखक-शिक्षक व राजनीतिक संगठनकर्ता एवं मार्क्सवादी सामाजिक-राजनैतिक...
कविताजनमत

आरती की कविताएँ सवालों को बुनती हुई स्त्री का चित्र हैं

समकालीन जनमत
संजीव कौशल समाज तमाम तरह की राजनीतिक गतिविधियों का रणक्षेत्र है। यहां कोई न कोई अपनी राजनीतिक चाल चलता रहता है। ऐसे में कवि की...
कहानीस्मृति

महाश्वेता देवी की स्मृति में

समकालीन जनमत
मीता दास महाश्वेता देवी (जन्म 14 जनवरी 1926, ढाका, बंगलादेश, मृत्यु: 28 जुलाई 2016, कोलकाता) की स्मृति में मीता दास द्वारा लिखा गया लेख और महाश्वेता...
कविताजनमत

अपूर्णता से उपजे तनाव की कवयित्री हैं ज्योति शोभा

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र छुपने के लिए साँस भर जगह.. ज्योति शोभा की कविताओं में उतरने के लिए धैर्य अपेक्षित है। थोड़ी सी भी हड़बड़ी इसके सौंदर्य...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

संकल्प रंगोत्सव : छह नाटकों का मंचन, पांच साहित्यकारों -संस्कृति कर्मियों का सम्मान

समकालीन जनमत
बलिया। बलिया की साहित्यिक  , सामाजिक एवं सास्कृतिक संस्था “संकल्प” ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 15 वर्ष पूरे किए । इस अवसर पर कलेक्ट्रेट...
कविताजनमत

समय के छद्म को उसकी बहुस्‍तरियता में उद्घाटित करतीं कल्पना मनोरमा

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल लालसा सन्यास के पद गुनगुनाये चाटुकारी जब रचे उपसर्ग प्रत्यय तुष्ट होकर अहम सजधज मुस्कुराये। वर्तमान समय की राजनीतिक उलटबांसी और उससे पैदा...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
ख़बरनाटकसाहित्य-संस्कृति

आरा में शूद्रक कृत नाटक “ मृच्छकटिक ” की शानदार प्रस्तुति

समकालीन जनमत
जितेन्द्र कुमार आरा. आरा की नाट्य इकाई “भूमिका ” द्वारा शूद्रक कृत नाटक “मृच्छकटिकम् “का हिंदी रुपांतरण का मंचन आरा नागरी प्रचारिणी सभागार में जारी...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

कवि व लेखक सुधीर सक्सेना को केदारनाथ अग्रवाल सम्मान

समकालीन जनमत
लम्बी कविताओं के कवि हैं सुधीर सक्सेना – स्वप्निल श्रीवास्तव कविताओं में मनुष्य और मनुष्यता की पहचान – कौशल किशोर बाँदा . ‘ मुक्तिचक्र ‘...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

डॉ प्रभा दीक्षित की तीन किताबों का कानपुर में लोकार्पण

समकालीन जनमत
डाॅ प्रभा की ग़ज़लें एहसास और यकीन की – कौशल किशोर आम आदमी के संघर्ष को वाणी – कमल किशोर श्रमिक कानपुर। साहित्यकार डॉ प्रभा...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

जन संस्कृति मंच ने प्रसिद्ध कथाकार स्वयंप्रकाश को दी श्रद्धाजंलि

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई इकाई द्वारा दिनांक 8 दिसंबर 2019 को नेहरू सांस्कृतिक भवन, सेक्टर-1, भिलाई में प्रसिद्ध कथाकार के आकस्मिक निधन पर भावभीनी श्रद्धाजंलि...
ख़बरचित्रकलाजनमत

आंतरिक सौंदर्य की अभिव्यक्ति का तीन दिवसीय मेला

सुशील मानव
पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ, प्रिंट्स जैसे विजुअल आर्ट के तमाम माध्यमों के जरिए समाजिक जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से अभिव्यक्ति एक्सप्रेशन का साझा वार्षिक प्रदर्शनी कार्यक्रम...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
साहित्य-संस्कृति

कथा लेखन पार्टी लाइन से नहीं तय होता – संजीव कुमार

लखनऊ में रेवान्त मुक्तिबोध सहित्य सम्मान  लखनऊ. लखनऊ के कैफी आजमी एकेडमी के सभागार में 9 दिसम्बर को  आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2019 का...
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