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साहित्य-संस्कृति

स्मृति दिवस पर याद किये गये इंकलाबी कवि गोरख पांडेय

दरभंगा. जन संस्कृति मंच की दरभंगा इकाई द्वारा देवकी निवास,नागार्जुन नगर,कबीरचक में सुप्रसिद्ध इंकलाबी कवि और जन संस्कृति मंच के संस्थापक राष्ट्रीय महासचिव गोरख पांडेय का 31वां स्मृति दिवस मनाया गया।

इस मौके पर जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि”मौजूदा फासीवादी बर्बरता के खिलाफ दूसरी आज़ादी के लिए जारी जद्दोजहद के दौर में इंकलाबी कवि गोरख पांडेय को पूरी शिद्दत से याद करने के साथ ही जनवादी सांस्कृतिक आन्दोलनों को व्यापक बनाने के लिए उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है।”

जसम के बिहार राज्य उपाध्यक्ष प्रो कल्याण भारती ने कहा कि”गोरख पांडेय के इंकलाबी गीत ‘जनता के आवे पलटनिया,हिलेले झकझोर दुनिया’ और ‘अजदिया हमरा के भावेले’ आज भी समर गान के बतौर गाये जा रहे हैं।”

उर्दू के इंकलाबी शायर डॉ एम अंसारी ने कहा कि”गोरख पांडेय हमारे मुल्क़ की गंगा-यमुनी तहज़ीब के बड़े इंकलाबी कवि हैं।”कार्यक्रम की अध्यक्षता सह मंच संचालन करते हुए जसम के जिला सचिव डॉ रामबाबू आर्य ने कहा कि”गोरख पांडेय ने प्रगतिशील साहित्यिक-सांस्कृतिक आन्दोलनों को नयी इंकलाबी धार दी।”

धन्यवाद ज्ञापन रौशन कुमार ने किया ।इस अवसर पर श्रीमती ममता कुमारी ,बबिता कुमारी ,रोहित कुमार,सचिन कुमार सहित कतिपय लोगों ने गोरख पांडेय की स्मृति को इंकलाबी सलाम पेश किय।

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