समकालीन जनमत
ख़बर साहित्य-संस्कृति

आज़ादी, अमन और लोकतंत्र के लिए प्रेरणा देते हैं फ़ैज़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जयंती पर उनके नज्म गाये, जन संस्कृति मंच, दरभंगा का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ

दरभंगा (बिहार). पूरी दुनिया के महकूमों एवं मज़लूमों की मुक़म्मल आज़ादी के मुक़म्मल अज़ीम इंकलाबी शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की 109वीं जयंती का आयोजन “जश्ने फ़ैज़ -मुल्क़-ए-आज़ादी “के साथ ही जन संस्कृति मंच, दरभंगा का दूसरा जिला सम्मेलन नागार्जुन नगर, कबीरचक में आयोजित हुआ.

कार्यक्रम की सदारत प्रो अवधेश कुमार सिंह और प्रो मोईनुद्दीन अंसारी की दो सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया.
कार्यक्रम की शुरुआत फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की मशहूर नज़्म , तराने और गीत ” हम देखेंगे “,” दरवारे वतन में जब इक दिन”,”हम मेहनतकश जगवालों से” की प्रस्तुति से हुई।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि ” आज पूरी दुनिया में आज़ादी, अमन और लोकतंत्र की चाहत रखनेवाले लोग पूरी शिद्दत से फ़ैज़ को याद कर रहे है़ं और उनके जन्म का ज़श्न मना रहे हैं. हर मुल्क़ की तानाशाही एवं फासीवादी हुकूमत से जद्दोजहद करते हुए अपनी जीत सुनिश्चित करने के साथ ही वर्गविहीन समाज की स्थापना का सपना साकार करने के लिए तमाम इंकलाबपसंद लोग फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ से ताकत एवं प्रेरणा ग्रहण करते हैं।”

भाकपा {माले} के वरिष्ठ नेता आर के सहनी ने कहा कि मैं जब कभी उलझन व हताशा के दौर से गुजरता हूं तो फ़ैज़ साहब की रचनाएं हमें नयी ऊर्जा से ओतप्रोत करती हैं.

अधिवक्ता डॉ आर बी कामत ने कहा कि मौज़ूदा ज़ुल्मतों के दौर में फासीवादी बर्बरता को परास्त करने के लिए जसम के साथियों की प्रमुख जिम्मेवारी है कि फ़ैज़ की रचनाओं के साथ आम आवाम तक पहुंचें।

उर्दू के जानेमाने अदीब प्रो राहत अली ने कहा कि भले ही हम लोगों की वेश भूषा अलग -अलग हों लेकिन हम सभी की भाषा इंकलाब की भाषा है और हम सभी की विचार धारा मनुष्यता की मुक्ति की विचारधारा है. इसलिए हमलोगों के प्रेरणा स्रोत फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ हैं. “


इस मौके पर प्रो कल्यण भारती, डॉ रामावतार यादव, दिनेश साफी,डॉ रमेन्द्र कुमार रवि,डॉ मिथिलेश कुमार यादव डॉ अब्दुल राईन, गुलाम अंसारी,डॉ संतोष कुमार यादव,उमेश कुमार,कॉ उमेश साह,उमेश कलाकार,कॉ रंजीत राम,कॉ राजू राम ,कॉ शनीचरी देवी,पप्पू कुमार यादव,अभिमन्यु बलार,जीतेन्द्र कुमार ललन आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे।

जसम के दूसरे जिला सम्मेलन ने अगले कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से 23 सदस्यीय जिला कमिटी का गठन किया गया ,जिसके अध्यक्ष प्रो अवधेश कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष प्रो मोईनुद्दीन अंसरी तथा जिला सचिव डॉ रामबाबू आर्य बनाये गये.

Related posts

Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy