Category : स्मृति

स्मृति

‘अल्लाह-ओम् ’ : पंडित जसराज की याद

समकालीन जनमत
देवराज त्रिपाठी    ‘आया है सो जाएगा ’…..सूरज उगा है तो अस्त होगा ही. लेकिन ढलते सूरज की रोशनी में कुछ पल ठहरकर ये सोचना...
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आंदोलन-संघर्ष के मोर्चे पर हमेशा याद आएंगे त्रेपन भाई

इन्द्रेश मैखुरी
यह 1998 का साल था. उस साल उच्चतम न्यायालय ने 02 अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड आंदोलन के दौरान गठित मुजफ्फरनगर कांड के संदर्भ में 1996...
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कौमी एकता और आम अवाम के जनतांत्रिक संघर्षों की आवाज थे राहत इंदौरी : जसम

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच ने सुविख्यात शायर राहत इंदौरी की कोरोना संक्रमण के दौरान हृदयाघात से हुई मौत को देश की साझी संस्कृति और हिंदुस्तानी साहित्य...
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महाश्वेता देवी की स्मृति में उनकी कहानी ‘प्याऊ’ का हिंदी अनुवाद

समकालीन जनमत
(समकालीन जनमत प्रस्तुत करता है महाश्वेता देवी के स्मृति दिवस 28 जुलाई पर कवयित्री मीता दास द्वारा अनुदित महाश्वेता देवी की कहानी ‘प्याऊ’ (रचना काल,...
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अलविदा कलीम बहादुर साहब

शम्सुल इस्लाम
  जेएनयू में एक हमदर्द सीनियर (1972-75), दोस्त और बाद में वहां के प्रोफेसर डॉ. कलीम बहादुर का शनिवार रात में दिल्ली के एक अस्पताल...
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“मैं ज़िंदगी सिर्फ़ अपनी शर्तों पर जीना चाहती हूँ, और यह हो कर रहेगा।”-सरोज ख़ान

समकालीन जनमत
कनुप्रिया झा बात उन दिनों की है जब मैं आठ या नौ साल रही हूँगी। हर शाम क़रीबन चार बजे टेलीविज़न की आवाज़ न्यूनतम कर...
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कवि बी एन गौड़: सब में बसता हूँ मैं

कौशल किशोर
86वें जन्मदिवस पर ‘मरूंगा नहीं…/क्रान्ति का इतिहास इतनी जल्दी नहीं मरता/बलिदान के रक्त की ललाई को/न धूप सुखा सकती है/न हवा और न वक्त/….इसलिए, मैं...
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सलाम चितरंजन भाई ! आप ने दमन, अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की जो लौ लगाई, वह कभी नहीं बुझेगी

मैं जब गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था, तभी पत्रकारिता की तरफ झुकाव शुरू हुआ. वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन शाही (अब सूचना आयुक्त,...
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याद -ए -सादेकैन

अशोक भौमिक
सादेकैन के चित्रों में हम बार-बार मेहनतकश मज़दूरों को केंद्र में देख पाते हैं जहाँ उनके साथ मेहनत करती हुई महिलाएं भी अनिवार्य रूप से...
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टूटते हुए लोगों की आवाज थे चितरंजन सिंह

समकालीन जनमत
चितरंजन सिंह हारे-शिकस्त खाए लोगों की आवाज बन बनकर सामने आए. उन्होंने हमेशा अन्याय का प्रतिरोध किया और डटकर किया. वे बार-बार जेल गए....

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